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हाथरस: स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से बढ़ सकता है संक्रमण
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हाथरस: स्पोट्रर्स स्टेडियम में एक प्रवासी मजदूर की थर्मल स्कैनिंग करते कर्मचारी।
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरसान (हाथरस)
स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से अब कोरोना संक्रमण बढ़ सकता है। मथुरा रोड स्थित खेल स्टेडियम में स्वास्थ्य विभाग की ओर से थर्मल स्क्रीनिंग के नाम पर महज एक खानापूर्ति की जा रही है। यहां तक कि प्रवासी मजदूरों के सीधे संपर्क में आने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को पीपीई किट भी उपलब्ध नहीं कराई गई है। इस कारण सफाई करने वाले, भोजन वितरण करने वाले, रजिस्ट्रेेशन करने वाले अधिकारी और कर्मचारी बिना पीपीई किट के ही सीधे प्रवासी मजदूरों के संपर्क में आ रहे हैं।
शासन की ओर से राजस्थान से आने वाले प्रवासी मजदूरों का जिले को नोडल केंद्र बनाया गया है। इस केंद्र के जरिये राजस्थान से आने वाले प्रवासी मजदूरों को उनके जिलों में भेजे जाने की व्यवस्था यहां जिला प्रशासन की ओर से की जा रही है। इन प्रवासी मजदूरों के लिए यहां मंडल के हिसाब से टेंट लगाए गए हैं। इसमें इनको ठहराया जा रहा है और बसों के जरिये इनके जिलों में भेजा जा रहा है।
खेदजनक पहलू यह है कि इन प्रवासी मजदूरों की थर्मल स्क्रीनिंग को लेकर स्वास्थ्य महकमे के अधिकारी लापरवाह बने हुए हैं। थर्मल स्क्रीनिंग के नाम पर महज लकीर पीटी जा रही है। ज्यादातर मजदूर तो सीधे ही स्टेडियम में प्रवेश कर रहे हैं, उनकी थर्मल स्क्रीनिंग तक नहीं हो रही है। यहां तक कि प्रवासी मजदूरों के सीधे संपर्क में आने वाले अफसरों व कर्मचारियों को पीपीई किट तक उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। इस कारण महज मुंह ढककर ही यह कर्मचारी व अधिकारी अपने काम को अंजाम दे रहे हैं।
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स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से अब कोरोना संक्रमण बढ़ सकता है। मथुरा रोड स्थित खेल स्टेडियम में स्वास्थ्य विभाग की ओर से थर्मल स्क्रीनिंग के नाम पर महज एक खानापूर्ति की जा रही है। यहां तक कि प्रवासी मजदूरों के सीधे संपर्क में आने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को पीपीई किट भी उपलब्ध नहीं कराई गई है। इस कारण सफाई करने वाले, भोजन वितरण करने वाले, रजिस्ट्रेेशन करने वाले अधिकारी और कर्मचारी बिना पीपीई किट के ही सीधे प्रवासी मजदूरों के संपर्क में आ रहे हैं।
शासन की ओर से राजस्थान से आने वाले प्रवासी मजदूरों का जिले को नोडल केंद्र बनाया गया है। इस केंद्र के जरिये राजस्थान से आने वाले प्रवासी मजदूरों को उनके जिलों में भेजे जाने की व्यवस्था यहां जिला प्रशासन की ओर से की जा रही है। इन प्रवासी मजदूरों के लिए यहां मंडल के हिसाब से टेंट लगाए गए हैं। इसमें इनको ठहराया जा रहा है और बसों के जरिये इनके जिलों में भेजा जा रहा है।
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खेदजनक पहलू यह है कि इन प्रवासी मजदूरों की थर्मल स्क्रीनिंग को लेकर स्वास्थ्य महकमे के अधिकारी लापरवाह बने हुए हैं। थर्मल स्क्रीनिंग के नाम पर महज लकीर पीटी जा रही है। ज्यादातर मजदूर तो सीधे ही स्टेडियम में प्रवेश कर रहे हैं, उनकी थर्मल स्क्रीनिंग तक नहीं हो रही है। यहां तक कि प्रवासी मजदूरों के सीधे संपर्क में आने वाले अफसरों व कर्मचारियों को पीपीई किट तक उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। इस कारण महज मुंह ढककर ही यह कर्मचारी व अधिकारी अपने काम को अंजाम दे रहे हैं।
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