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हाथरस : मेडिकल छात्र कुलदीप ने भी वीडियो जारी कर बताए यूक्रेन के हालात
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हाथरस : यूक्रेन में फंसीं लिपि उपाध्याय के माता-पिता। संवाद
- फोटो : SHAPHU
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहपऊ/सादाबाद (हाथरस)।
कस्बे के एक अन्य छात्र कुलदीप उपाध्याय ने भी सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर रहे यूक्रेन में युद्ध के बने बदतर हालाताें की जानकारी दी है। कुलदीप ने बताया कि वह कई भारतीय छात्रों के साथ कीव शहर के निकट ही एक स्कूल के भवन में ठहरे हैं। इस भवन में पहुंचने तक उन्हें काफी तकलीफों का सामना करना पड़ा। वह चाहते हैं कि सरकार उन्हें जल्द से जल्द घर पहुंचाए।
छात्रों के वीडियो सामने आने के बाद उनके परिजनों की धड़कनें और बढ़ गई हैं। वह भारत सरकार से मांग कर रहे हैं कि जल्द से जल्द यूक्रेन में फंसे विद्यार्थियों को सकुशल वतन वापस लाया जाए। शासन के आदेश पर स्थानीय प्रशासन ने यूक्रेन में फंसे मेडिकल विद्यार्थियों की सूची तैयार की है। इसे शासन को भेजा गया है, जिससे मेडिकल छात्रों को वापस लाने में मदद हो सके।
इधर, कस्बा निवासी लिपि उपाध्याय भी यूक्रेन में फंसी हैं। उनके पिता राजेश उपाध्याय एवं माता अनीता उपाध्याय ने बताया कि शायद कल शाम तक उनकी बेटी स्वदेश लौट आए। वार्ता होने पर उनकी बेटी ने उनको बताया कि अब यूक्रेन ही उनके स्वदेश लौटने में अड़ंगा लगा रहा है। यूक्रेन सरकार का कहना है कि भारत हमारी मदद कर सकता था, लेकिन वह अब उनकी मदद नहीं कर रहा। उनकी बेटी का कहना है कि यदि वह रविवार को भारत नहीं लौटी तो एक-दो दिन और लग सकते हैं। लिपि के माता-पिता ने केंद्र सरकार से बेटी को वापस लाने की गुहार लगाई है। गढ़ी एवरन निवासी अभयपाल के पुत्र अमन प्रताप का भी यही हाल है। उसने भारतीय दूतावास में शरण ले रखी है। वहां के हालात भी बदतर हो गए हैं। एक ही हॉल में काफी संख्या में लोग हैं। इनकी स्थिति और भी खराब होती जा रही है। वह सभी वहां से निकलने के लिए आतुर हैं। संवाद
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कस्बे के एक अन्य छात्र कुलदीप उपाध्याय ने भी सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर रहे यूक्रेन में युद्ध के बने बदतर हालाताें की जानकारी दी है। कुलदीप ने बताया कि वह कई भारतीय छात्रों के साथ कीव शहर के निकट ही एक स्कूल के भवन में ठहरे हैं। इस भवन में पहुंचने तक उन्हें काफी तकलीफों का सामना करना पड़ा। वह चाहते हैं कि सरकार उन्हें जल्द से जल्द घर पहुंचाए।
छात्रों के वीडियो सामने आने के बाद उनके परिजनों की धड़कनें और बढ़ गई हैं। वह भारत सरकार से मांग कर रहे हैं कि जल्द से जल्द यूक्रेन में फंसे विद्यार्थियों को सकुशल वतन वापस लाया जाए। शासन के आदेश पर स्थानीय प्रशासन ने यूक्रेन में फंसे मेडिकल विद्यार्थियों की सूची तैयार की है। इसे शासन को भेजा गया है, जिससे मेडिकल छात्रों को वापस लाने में मदद हो सके।
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इधर, कस्बा निवासी लिपि उपाध्याय भी यूक्रेन में फंसी हैं। उनके पिता राजेश उपाध्याय एवं माता अनीता उपाध्याय ने बताया कि शायद कल शाम तक उनकी बेटी स्वदेश लौट आए। वार्ता होने पर उनकी बेटी ने उनको बताया कि अब यूक्रेन ही उनके स्वदेश लौटने में अड़ंगा लगा रहा है। यूक्रेन सरकार का कहना है कि भारत हमारी मदद कर सकता था, लेकिन वह अब उनकी मदद नहीं कर रहा। उनकी बेटी का कहना है कि यदि वह रविवार को भारत नहीं लौटी तो एक-दो दिन और लग सकते हैं। लिपि के माता-पिता ने केंद्र सरकार से बेटी को वापस लाने की गुहार लगाई है। गढ़ी एवरन निवासी अभयपाल के पुत्र अमन प्रताप का भी यही हाल है। उसने भारतीय दूतावास में शरण ले रखी है। वहां के हालात भी बदतर हो गए हैं। एक ही हॉल में काफी संख्या में लोग हैं। इनकी स्थिति और भी खराब होती जा रही है। वह सभी वहां से निकलने के लिए आतुर हैं। संवाद
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