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हाथरस: बिना बैंड बाजे के हुई शादी, कुछ ही घंटे में सभी रस्म हुईं अदा
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हाथरस: मुरसान के गांव जटोई में अपने दामाद व बेटी को आशीर्वाद देते बिजेंद्र सिंह।
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
लॉकडाउन के चलते मुरसान के गांव जटोई में बिना बैंड-बाजा के एक शादी हुई। इसमें दूल्हे के साथ आधा दर्जन बराती ही आए और दुल्हन को विदा कर ले गए। यह शादी प्रशासन की अनुमति से हुई।
क्षेत्र के गांव जटोई में सासनी के गांव अकबरपुर सीकर से बुधवार को बरात आई। लॉकडाउन होने से यह शादी धूमधाम से नहीं हो सकी। लड़की के पिता विजेंद्र सिंह निवासी जटोई मुरसान ने बताया कि वह अपनी बेटी गीता की शादी धूमधाम से करना चाहते थे, लेकिन कोरोना महामारी के चलते लॉकडाउन किया गया है।
इस कारण लड़की की ससुराल से बरात नहीं आई है। वहां से लड़के राहुल कुमार के साथ करीब आधा दर्जन लोग ही बरात में शामिल होने के लिए आए। लॉकडाउन के कारण शादी की रस्म कुछ ही घंटे में पूरी हो गई और उन्होंने अपनी बेटी गीता को विदा कर दिया। दूल्हा राहुल कुमार ने बताया कि उसके पिता इस दुनिया में नहीं हैं। वह अपनी शादी धूमधाम से करना चाहता था, लेकिन लॉक डाउन के कारण गांव से बरात नहीं आई। शादी समारोह में चाचा, भाई और दोस्त ही शामिल हुऐ हैं। विजेंद्र सिंह ने बताया कि यह शादी प्रशासनिक अधिकारियों से परमीशन लेने के बाद की गई है।
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लॉकडाउन के चलते मुरसान के गांव जटोई में बिना बैंड-बाजा के एक शादी हुई। इसमें दूल्हे के साथ आधा दर्जन बराती ही आए और दुल्हन को विदा कर ले गए। यह शादी प्रशासन की अनुमति से हुई।
क्षेत्र के गांव जटोई में सासनी के गांव अकबरपुर सीकर से बुधवार को बरात आई। लॉकडाउन होने से यह शादी धूमधाम से नहीं हो सकी। लड़की के पिता विजेंद्र सिंह निवासी जटोई मुरसान ने बताया कि वह अपनी बेटी गीता की शादी धूमधाम से करना चाहते थे, लेकिन कोरोना महामारी के चलते लॉकडाउन किया गया है।
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इस कारण लड़की की ससुराल से बरात नहीं आई है। वहां से लड़के राहुल कुमार के साथ करीब आधा दर्जन लोग ही बरात में शामिल होने के लिए आए। लॉकडाउन के कारण शादी की रस्म कुछ ही घंटे में पूरी हो गई और उन्होंने अपनी बेटी गीता को विदा कर दिया। दूल्हा राहुल कुमार ने बताया कि उसके पिता इस दुनिया में नहीं हैं। वह अपनी शादी धूमधाम से करना चाहता था, लेकिन लॉक डाउन के कारण गांव से बरात नहीं आई। शादी समारोह में चाचा, भाई और दोस्त ही शामिल हुऐ हैं। विजेंद्र सिंह ने बताया कि यह शादी प्रशासनिक अधिकारियों से परमीशन लेने के बाद की गई है।
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