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हाथरस : हाथरस जंक्शन व सिटी स्टेशन पर जनप्रतिनिधि कराएं ट्रेनों का ठहराव
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संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
कोरोना काल के बाद जिले के लोगों के लिए रेल का सफर करना मुश्किल हो गया है। रेल से सफर करने के लिए लोगों को पड़ोसी जिलों की डगर तय करनी पड़ रही है। अब जिले के लोग जनप्रतिनिधियों से ट्रेनों के ठहराव की मांग कर रहे हैं। ताकि सफर करने में राहत मिल सके।
उल्लेखनीय है कि हाथरस को उद्योग की नगरी कहा जाता है। यहां दाल, रेडीमेड, हींग, इत्र, घूंघरू, चुरी, गलीचा, हैंडलूम का कारोबार होता है। जब तक जिले का ट्रांसपोर्ट सिस्टम मजबूत नहीं होगा। तब तक कोई उद्योग विकास की राह पर नहीं दौड़ सकता है। कोरोना काल से महानंदा, कालका, पूर्वा, मगध, कोलकाता, गांधी धाम सहित कई ट्रेनों का आवागमन हाथरस जंक्शन व हाथरस सिटी स्टेशन से होता है। इन ट्रेनों का स्टेशनों पर ठहराव नहीं है। इस कारण लोगों को खासी मुश्किलों से जूझना पड़ रहा है।
- जब तक जिले का ट्रांसपोर्ट सिस्टम दुरुस्त नहीं होगा तब तक उद्योग का विकास संभव नहीं है। जनप्रतिनिधियों को ट्रेनों के ठहराव ध्यान देने की जरूरत है। कई ट्रेनों का ठहराव वर्तमान में बंद चल रहा है। इस कारण कारण खासी मुश्किलें हो रही है। - विनोद अग्रवाल, शहरवासी।
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- जिले के जनप्रतिनिधि आमजन की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। काफी समय गुजरने के बाद भी महानंदा, कालका का ठहराव न होना जिले के लिए दुर्भाग्य की बात है। समय रहते जनता की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। - जयशंकर पाराशर
- हाथरस का किसी समय में कानपुर के बाद उद्योग में दूसरा नंबर था। अब यहां ट्रांसपोर्ट सिस्टम दुरुस्त न होने के कारण कारोबार पलायन कर रहे हैं। इस कारण भी बेरोजगारी का एक सबसे बड़ा मुद्दा है। जल्द से जल्द ट्रेनों का ठहराव होना चाहिए। - अनिल शर्मा, कारोबारी
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कोरोना काल के बाद जिले के लोगों के लिए रेल का सफर करना मुश्किल हो गया है। रेल से सफर करने के लिए लोगों को पड़ोसी जिलों की डगर तय करनी पड़ रही है। अब जिले के लोग जनप्रतिनिधियों से ट्रेनों के ठहराव की मांग कर रहे हैं। ताकि सफर करने में राहत मिल सके।
उल्लेखनीय है कि हाथरस को उद्योग की नगरी कहा जाता है। यहां दाल, रेडीमेड, हींग, इत्र, घूंघरू, चुरी, गलीचा, हैंडलूम का कारोबार होता है। जब तक जिले का ट्रांसपोर्ट सिस्टम मजबूत नहीं होगा। तब तक कोई उद्योग विकास की राह पर नहीं दौड़ सकता है। कोरोना काल से महानंदा, कालका, पूर्वा, मगध, कोलकाता, गांधी धाम सहित कई ट्रेनों का आवागमन हाथरस जंक्शन व हाथरस सिटी स्टेशन से होता है। इन ट्रेनों का स्टेशनों पर ठहराव नहीं है। इस कारण लोगों को खासी मुश्किलों से जूझना पड़ रहा है।
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- जब तक जिले का ट्रांसपोर्ट सिस्टम दुरुस्त नहीं होगा तब तक उद्योग का विकास संभव नहीं है। जनप्रतिनिधियों को ट्रेनों के ठहराव ध्यान देने की जरूरत है। कई ट्रेनों का ठहराव वर्तमान में बंद चल रहा है। इस कारण कारण खासी मुश्किलें हो रही है। - विनोद अग्रवाल, शहरवासी।
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- जिले के जनप्रतिनिधि आमजन की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। काफी समय गुजरने के बाद भी महानंदा, कालका का ठहराव न होना जिले के लिए दुर्भाग्य की बात है। समय रहते जनता की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। - जयशंकर पाराशर
- हाथरस का किसी समय में कानपुर के बाद उद्योग में दूसरा नंबर था। अब यहां ट्रांसपोर्ट सिस्टम दुरुस्त न होने के कारण कारोबार पलायन कर रहे हैं। इस कारण भी बेरोजगारी का एक सबसे बड़ा मुद्दा है। जल्द से जल्द ट्रेनों का ठहराव होना चाहिए। - अनिल शर्मा, कारोबारी