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हाथरस : किशोरी के साथ दुष्कर्म के दोषी को उम्रकैद
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संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म के एक आरोपी को न्यायालय ने दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर उसे अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। मामले में चार आरोपियों को कोर्ट ने दोषमुक्त कर दिया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार सहपऊ थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने तहरीर दी कि 20 अगस्त 2017 को उसकी 16 वर्षीय भतीजी के पास फोन आ रहे थे। भतीजी का फोन उसकी मां ने छीन लिया। इसके बाद वह घर से गायब हो गई। काफी तलाश करने के बाद भी वह नहीं मिली।
पुलिस ने तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया। उसके बाद पुलिस ने किशोरी को बरामद कर लिया। मामले में अमरपाल पुत्र जगदीश, छोटू पुत्र गुलाब सिंह, गुलफाम पुत्र गंगा सिंह, शिशुपाल पुत्र राधेश्याम, ब्रजेश पुत्र कन्हैयालाल को आरोपी बनाया। किशोरी का चिकित्सकीय परीक्षण भी कराया और कोर्ट में उसके बयान भी हुए।
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पुलिस ने आरोप पत्र भी न्यायालय में दाखिल किया। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-विशेष न्यायाधीश (पोक्सो अधिनियम) प्रथम प्रतिभा सक्सेना के न्यायालय में हुई। दोनों पक्षों ने अपने तर्क रखे। कोर्ट ने गुलफाम, छोटू, शिशुपाल व ब्रजेश को मामले में दोषमुक्त कर दिया। अमर पाल को अपहरण और दुष्कर्म का दोषी मानते हुए उम्रकैद व अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड ने देने पर उसे अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
विवेचक ने विवेचना में की अनियमिताएं
न्यायालय ने यह भी पाया कि विवेचक मोहित राणा तत्कालीन एसआई सादाबाद द्वारा विवेचना में कई अनियमितता और त्रुटियां की गई हैं। इसका विश्लेषण न्यायालय ने अपने निर्णय में किया है और इसकी एक प्रति एसपी को भी भेजी है।
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किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म के एक आरोपी को न्यायालय ने दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर उसे अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। मामले में चार आरोपियों को कोर्ट ने दोषमुक्त कर दिया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार सहपऊ थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने तहरीर दी कि 20 अगस्त 2017 को उसकी 16 वर्षीय भतीजी के पास फोन आ रहे थे। भतीजी का फोन उसकी मां ने छीन लिया। इसके बाद वह घर से गायब हो गई। काफी तलाश करने के बाद भी वह नहीं मिली।
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पुलिस ने तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया। उसके बाद पुलिस ने किशोरी को बरामद कर लिया। मामले में अमरपाल पुत्र जगदीश, छोटू पुत्र गुलाब सिंह, गुलफाम पुत्र गंगा सिंह, शिशुपाल पुत्र राधेश्याम, ब्रजेश पुत्र कन्हैयालाल को आरोपी बनाया। किशोरी का चिकित्सकीय परीक्षण भी कराया और कोर्ट में उसके बयान भी हुए।
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पुलिस ने आरोप पत्र भी न्यायालय में दाखिल किया। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-विशेष न्यायाधीश (पोक्सो अधिनियम) प्रथम प्रतिभा सक्सेना के न्यायालय में हुई। दोनों पक्षों ने अपने तर्क रखे। कोर्ट ने गुलफाम, छोटू, शिशुपाल व ब्रजेश को मामले में दोषमुक्त कर दिया। अमर पाल को अपहरण और दुष्कर्म का दोषी मानते हुए उम्रकैद व अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड ने देने पर उसे अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
विवेचक ने विवेचना में की अनियमिताएं
न्यायालय ने यह भी पाया कि विवेचक मोहित राणा तत्कालीन एसआई सादाबाद द्वारा विवेचना में कई अनियमितता और त्रुटियां की गई हैं। इसका विश्लेषण न्यायालय ने अपने निर्णय में किया है और इसकी एक प्रति एसपी को भी भेजी है।