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हाथरस : धमकी और कार्रवाई के विरुद्ध धरने पर बैठे लेखपाल
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहपऊ (हाथरस)
पूर्व में दिए गए ज्ञापन पर आश्वासन के बाद भी लेखपालों की सुनवाई ना होने, बिना नोटिस के कार्रवाई आदि को लेकर उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के बैनर तले मंगलवार को लेखपाल तहसील परिसर में धरने पर बैठ गए। लेखपालों के धरने से तमाम शासकीय कार्य प्रभावित रहे।
लेखपालों का कहना है कि सात जुलाई को लेखपाल संघ ने ज्ञापन सौंपा था। ज्ञापन की मांगे तीन दिन के अंदर निस्तारित होने का आश्वासन दिया गया था। अब अधिकारियों ने धमकी देना शुरू कर दिया है। लेखपालों ने सोमवार को भी एसडीएम तथा तहसीलदार को ज्ञापन देकर समस्याओं से अवगत कराया था लेकिन कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला। अधिकारियों का रवैया लेखपालों के प्रति ठीक नहीं है।
लेखपालों के खिलाफ बिना नोटिस विभागीय कार्रवाई की जा रही है, जो नियम विरुद्ध है। लेखपाल प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, खसरा फीडिंग, खतौनी निर्माण, स्वामित्व योजना पड़ताल, आईजीआरएस, अमृत सरोवर सहित अन्य शासकीय कार्य में लगे हैं। लेखपालों पर कई कई क्षेत्रों का चार्ज है। इसके बावजूद अधिकारियों का रवैया लेखपालों के प्रति शोषण और दंडात्मक है। संवाद
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पूर्व में दिए गए ज्ञापन पर आश्वासन के बाद भी लेखपालों की सुनवाई ना होने, बिना नोटिस के कार्रवाई आदि को लेकर उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के बैनर तले मंगलवार को लेखपाल तहसील परिसर में धरने पर बैठ गए। लेखपालों के धरने से तमाम शासकीय कार्य प्रभावित रहे।
लेखपालों का कहना है कि सात जुलाई को लेखपाल संघ ने ज्ञापन सौंपा था। ज्ञापन की मांगे तीन दिन के अंदर निस्तारित होने का आश्वासन दिया गया था। अब अधिकारियों ने धमकी देना शुरू कर दिया है। लेखपालों ने सोमवार को भी एसडीएम तथा तहसीलदार को ज्ञापन देकर समस्याओं से अवगत कराया था लेकिन कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला। अधिकारियों का रवैया लेखपालों के प्रति ठीक नहीं है।
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लेखपालों के खिलाफ बिना नोटिस विभागीय कार्रवाई की जा रही है, जो नियम विरुद्ध है। लेखपाल प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, खसरा फीडिंग, खतौनी निर्माण, स्वामित्व योजना पड़ताल, आईजीआरएस, अमृत सरोवर सहित अन्य शासकीय कार्य में लगे हैं। लेखपालों पर कई कई क्षेत्रों का चार्ज है। इसके बावजूद अधिकारियों का रवैया लेखपालों के प्रति शोषण और दंडात्मक है। संवाद
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