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हाथरस : किसानों को दी मशरूम उत्पादन से पोषण व स्वरोजगार की सीख
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हाथरस : किसानों को मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण देते कृषि वैज्ञानिक। संवाद
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
कृषि विज्ञान केंद्र में किसानों को मशरूम की पैदावार करने का प्रशिक्षण किया गया। किसानों को मशरूम के उत्पादन से स्वरोजगार व भरपूर पोषण मिलने के बारे में जानकारी दी गई।
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर द्वारा संचालित कृषि विज्ञान केंद्र में किसानों को मशरूम उत्पादन के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया। यहां किसानों को बताया गया कि किस प्रकार मशरूम उत्पादन की तकनीक अपनाकर स्वरोजगार के साथ पोषण भी प्राप्त कर सकते हैं।
कृषि वैज्ञानिक डॉ. रामपलट ने मशरूम उत्पादन तकनीक, स्वरोजगार व पोषण का उत्तम साधन विषय पर किसानों को विस्तार से जानकारी दी। डॉ. रामपलट ने बताया कि देश में उगाई जाने वाली मशरूम की प्रजातियां जैसे बटन, ढींगरी, दूधिया एवं पैडी स्ट्रॉ में कैल्शियम, प्रोटीन, विटामिन और मिनरल जैसे तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जिससे साफ है कि दूध, अंडा, मांस और मछली आदि में पाए जाने वाले प्रोटीन मशरूम में भी पाए जाते हैं। संवाद
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कृषि विज्ञान केंद्र में किसानों को मशरूम की पैदावार करने का प्रशिक्षण किया गया। किसानों को मशरूम के उत्पादन से स्वरोजगार व भरपूर पोषण मिलने के बारे में जानकारी दी गई।
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर द्वारा संचालित कृषि विज्ञान केंद्र में किसानों को मशरूम उत्पादन के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया। यहां किसानों को बताया गया कि किस प्रकार मशरूम उत्पादन की तकनीक अपनाकर स्वरोजगार के साथ पोषण भी प्राप्त कर सकते हैं।
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कृषि वैज्ञानिक डॉ. रामपलट ने मशरूम उत्पादन तकनीक, स्वरोजगार व पोषण का उत्तम साधन विषय पर किसानों को विस्तार से जानकारी दी। डॉ. रामपलट ने बताया कि देश में उगाई जाने वाली मशरूम की प्रजातियां जैसे बटन, ढींगरी, दूधिया एवं पैडी स्ट्रॉ में कैल्शियम, प्रोटीन, विटामिन और मिनरल जैसे तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जिससे साफ है कि दूध, अंडा, मांस और मछली आदि में पाए जाने वाले प्रोटीन मशरूम में भी पाए जाते हैं। संवाद
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