{"_id":"62192b5c2c00ba715d03b650","slug":"hathras-lack-of-doctors-and-staff-became-trouble-for-patients-hathras-news-ali285945974","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाथरस : चिकित्सकों व स्टाफ की कमी मरीजों के लिए मुसीबत बनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथरस : चिकित्सकों व स्टाफ की कमी मरीजों के लिए मुसीबत बनी
विज्ञापन
हाथरस : महिला अस्पताल के अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर लगी भीड़। संवाद
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
बागला जिला अस्पताल में लंबे समय से चिकित्सकों व संसाधनों का संकट है। इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। शुक्रवार को भी ऐसी ही स्थिति सामने आई। जिला अस्पताल में करीब 1300 मरीज ओपीडी में आए, लेकिन वहां केवल चार चिकित्सक ही मौजूद थे। ऐसे में मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ा। वहीं ईसीजी तकनीशियन न होने के कारण शुक्रवार को मरीजों के ईजीसी भी नहीं हो सके। इसकी वजह से भी मरीज परेशान हुए।
बागला जिला अस्पताल में 28 के सापेक्ष केवल 11 चिकित्सकों की तैनाती है। उसमें से एक चिकित्सक की दो दिन बार सेवानिवृत्ति है, इसलिए वह अवकाश पर हैं। इन चिकित्सकों की आपातकालीन चिकित्सा व पोस्टमार्टम गृह में भी ड्यूटी लगती है। परिणामस्वरूप जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना तीन या चार चिकित्सक ही मौजूद रहते हैं।
शुक्रवार को जब करीब 1300 मरीज जिला अस्पताल में आए तो वहां उन्हें सुलभता से चिकित्सक नहीं मिले। वैसे भी जिला अस्पताल में कई रोगों के विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं हैं। यहां कई तकनीशियन नहीं हैं। ईसीजी तकनीशियन के अवकाश पर होने के कारण शुक्रवार को मरीजों के ईजीसी भी नहीं हो सके और इस कक्ष में ताला लगा रहा। इसी प्रकार महिला अस्पताल में भी चिकित्सकों व स्टाफ की कमी है। वहां भी मरीज रोजाना दिक्कत झेलते हैं।
विज्ञापन
मेरे कंधे की हड्डी टूट गई है। कई दिन से चक्कर लगा रही हूं। जैसे-तैसे डॉक्टर ने देखा है। अब कहते हैं कि एक्सरे कराओ। कई बार आने के बाद भी एक्सरे नहीं हुआ है। आज भी कई घंटे से यहां बैठी हूं।
-हरप्यारी देवी निवासी खोंडा
कई दिन से पेट दर्द से पीड़ित हूं। अस्पताल में चिकित्सक को दिखाने के लिए आई हूं, लेकिन काफी देर हो गई। अभी तक नंबर ही नहीं आया है।
-चंद्रवती निवासी नयावास
अस्पताल में 28 चिकित्सकों के पद सृजित हैं, लेकिन केवल 11 चिकित्सक ही तैनात हैं। उसमें भी दो दिन बाद एक चिकित्सक सेवानिवृत्त हो जाएंगे। कुछ चिकित्सक आपातकालीन व अन्य ड्यूटी में रहते हैं। ओपीडी में तीन या चार चिकित्सक ही ड्यूटी पर रहते हैं। कई बार शासन को यहां चिकित्सकों की संख्या बढ़ाने के लिए पत्र भी भेजा जा चुका है। वैसे अस्पताल मेें जो भी मरीज आता है, उसको उपचार दिया जाता है।
-डॉ. सूर्यप्रकाश, सीएमएम, बागला जिला अस्पताल।
विज्ञापन
बागला जिला अस्पताल में लंबे समय से चिकित्सकों व संसाधनों का संकट है। इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। शुक्रवार को भी ऐसी ही स्थिति सामने आई। जिला अस्पताल में करीब 1300 मरीज ओपीडी में आए, लेकिन वहां केवल चार चिकित्सक ही मौजूद थे। ऐसे में मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ा। वहीं ईसीजी तकनीशियन न होने के कारण शुक्रवार को मरीजों के ईजीसी भी नहीं हो सके। इसकी वजह से भी मरीज परेशान हुए।
बागला जिला अस्पताल में 28 के सापेक्ष केवल 11 चिकित्सकों की तैनाती है। उसमें से एक चिकित्सक की दो दिन बार सेवानिवृत्ति है, इसलिए वह अवकाश पर हैं। इन चिकित्सकों की आपातकालीन चिकित्सा व पोस्टमार्टम गृह में भी ड्यूटी लगती है। परिणामस्वरूप जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना तीन या चार चिकित्सक ही मौजूद रहते हैं।
विज्ञापन
शुक्रवार को जब करीब 1300 मरीज जिला अस्पताल में आए तो वहां उन्हें सुलभता से चिकित्सक नहीं मिले। वैसे भी जिला अस्पताल में कई रोगों के विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं हैं। यहां कई तकनीशियन नहीं हैं। ईसीजी तकनीशियन के अवकाश पर होने के कारण शुक्रवार को मरीजों के ईजीसी भी नहीं हो सके और इस कक्ष में ताला लगा रहा। इसी प्रकार महिला अस्पताल में भी चिकित्सकों व स्टाफ की कमी है। वहां भी मरीज रोजाना दिक्कत झेलते हैं।
विज्ञापन
मेरे कंधे की हड्डी टूट गई है। कई दिन से चक्कर लगा रही हूं। जैसे-तैसे डॉक्टर ने देखा है। अब कहते हैं कि एक्सरे कराओ। कई बार आने के बाद भी एक्सरे नहीं हुआ है। आज भी कई घंटे से यहां बैठी हूं।
-हरप्यारी देवी निवासी खोंडा
कई दिन से पेट दर्द से पीड़ित हूं। अस्पताल में चिकित्सक को दिखाने के लिए आई हूं, लेकिन काफी देर हो गई। अभी तक नंबर ही नहीं आया है।
-चंद्रवती निवासी नयावास
अस्पताल में 28 चिकित्सकों के पद सृजित हैं, लेकिन केवल 11 चिकित्सक ही तैनात हैं। उसमें भी दो दिन बाद एक चिकित्सक सेवानिवृत्त हो जाएंगे। कुछ चिकित्सक आपातकालीन व अन्य ड्यूटी में रहते हैं। ओपीडी में तीन या चार चिकित्सक ही ड्यूटी पर रहते हैं। कई बार शासन को यहां चिकित्सकों की संख्या बढ़ाने के लिए पत्र भी भेजा जा चुका है। वैसे अस्पताल मेें जो भी मरीज आता है, उसको उपचार दिया जाता है।
-डॉ. सूर्यप्रकाश, सीएमएम, बागला जिला अस्पताल।