फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hathras News ›   Hathras: Kalyan Singh's dominance was also in the politics of Hathras district

हाथरस : हाथरस जिले की सियासत में भी था कल्याण सिंह का दबदबा

Sun, 22 Aug 2021 12:36 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 22 Aug 2021 12:36 AM IST
विज्ञापन
Hathras: Kalyan Singh's dominance was also in the politics of Hathras district
हाथरस : हाथरस में पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के साथ मौजूद वरिष्ठ भाजपा नेता रमेशचंद्र आर्य व प - फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
विज्ञापन

हाथरस जिले की राजनीति से भी पूर्व पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का गहरा नाता रहा है। भाजपा ने इस संसदीय क्षेत्र में कई बार कल्याण फैक्टर के चलते ही चुनाव जीते। शनिवार की देर रात जैसे ही यहां भाजपाइयों को उनके निधन की जानकारी मिली, वैसे ही भाजपाइयों में शोक की लहर दौड़ र्गई।
भाजपा के दिग्गज नेताओं में शुमार प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के दम पर भाजपा ने कई बार यहां से लोकसभा और विधानसभा का चुनाव जीता। हाथरस संसदीय क्षेत्र में वर्ष 2009 तक अतरौली और गंगीरी विधानसभा क्षेत्र भी शामिल थे। ऐसे में भाजपा के लोकसभा का चुनाव लड़ने वाली प्रत्याशी को कल्याण सिंह के दम पर अतरौली और गंगीरी से इतने वोट मिल जाते थे कि शेष तीनों विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा विरोधी प्रत्याशी भाजपा प्रत्याशी से ज्यादा वोट लाकर भी हार जाता था। कल्याण सिंह का यह दबदबा 1997 में हाथरस जिला बनने के बाद भी रहा। हाथरस लोकसभा क्षेत्र में कल्याण सिंह की इच्छा के हिसाब से ही भाजपा आलाकमान टिकट देता था और कल्याण सिंह की वजह से भाजपा प्रत्याशी जीत कर संसद में पहुंच जाता था।
विज्ञापन

वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में तो कल्याण सिंह खुद तत्कालीन प्रत्याशी राजेश दिवाकर का नामांकन कराने यहां आए थे। यही स्थिति विधानसभा चुनावों में रही। कल्याण सिंह का महत्व इस जिले की राजनीति में बरकरार रहा। कल्याण सिंह से यहां के पुराने भाजपा नेताओं का काफी गहरा नाता रहा है। यहां पार्टी को मजबूत बनाने में कल्याण सिंह का अहम योगदान रहा। जिले के ज्यादातर सभी पुराने भाजपाइयों को कल्याण सिंह चेहरे और नाम से जानते थे। शनिवार की देर रात जैसे ही कल्याण सिंह के निधन की सूचना यहां के भाजपाइयों को मिली तो उनमें शोक की लहर दौड़ गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

मुख्यमंत्री बने तो बदल दिया था जिले का नाम
हाथरस। तीन मई 1997 को हाथरस जिला बना, तब मायावती उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री थीं और प्रदेश सरकार भाजपा व बसपा के गठजोड़ से बनी थी। पुराने जानकारों की मानें तो तब कल्याण सिंह अतरौली को जिला बनाना चाहते थे, लेकिन तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने हाथरस को जिला बना दिया और इसका नाम महामाया नगर रखा। हालांकि इसके कुछ दिन बाद ही कल्याण सिंह सत्ता में आ गए, लेकिन उन्होंने जिला समाप्त नहीं किया, अलबत्ता इसका नाम बदलकर हाथरस कर दिया। संवाद

जब बागला अस्पताल में कल्याण सिंह ने मारा था छापा
हाथरस। पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का जिक्र आते ही पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष रमेशचंद्र आर्य की पुरानी यादें ताजा हो गईं। आर्य का कहना है कि कल्याण सिंह अक्सर उनके घर पर आते थे। वर्ष 1978 में जब कल्याण सिंह स्वास्थ्य मंत्री थे तो उन्होंने बागला अस्पताल में छापा मारा था। एक-एक गोली वहां देखी थी और एक्सपायरी डेट की दवा अपने सामने नष्ट कराई थी। कल्याण सिंह करीब चार घंटे तक अस्पताल में मौजूद रहे थे। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed