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हाथरस: शहर में दूषित पानी दे रहा बीमारियों को न्योता
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हाथरस: टीडीएस नापने के बाद पानी देखते शहर की गोला वाली गली के लोग।
- फोटो : HATHRAS
शहर में दूषित पानी दे रहा बीमारियों को न्योता
अमर उजाला की टीम ने की अलग-अलग इलाकों में पड़ताल
कई इलाकों में 800 से पार निकला टीडीएस
गौरव भारद्वाज
हाथरस। शहर में दूषित पानी बीमारियों को न्योता दे रहा है। रोडवेज बस स्टैंड सहित कई स्थानों पर टीडीएस (टोटल डिस्सोल्वेड सॉलिड्स) 800 के पार है। वैसे यदि पानी में टीडीएस की मात्रा 500 एमजी प्रति लीटर से ज्यादा हो जाती है तो यह अरुचिकर हो जाता है और ज्यादा टीडीएस हो जाने पर यह बीमारियों का कारण बन जाता है। शहर में शहर में लोग मिनरल वाटर खरीदकर प्यास बुझा रहे हैं। अमर उजाला की टीम ने शहर के कई इलाकों में टीडीएस भी मापा। तब सच्चाई सामने आई।
हाथरस शहर में 32 हजार घरों के अलावा दो दर्जन के करीब होटल ढाबे हैं। इसके बाद शहर के मुख्य इलाकों में भूजल दूषित हो रहा है। इसकी वजह से लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। रविवार को अमर उजाला की टीम ने अलीगढ़ रोड पर एक हैंडपंप के पानी का टीडीएस मापा, जो कि 860 निकला। शहर के बैनीगंज में टीडीएस 830 निकला। रोडवेज बस स्टैंड पर लगे वाटर कूलर का टीडीएस मापा गया तो यहां स्थिति अलग थी। यहां टीडीएस 1,240 निकाला। इसके अलावा कई इलाकों में तो 1600 से 1700 तक टीडीएस है। शहर के पानी में चूना की मात्रा ज्यादा है।
पीने के पानी में टीडीएस व इसका महत्व
शरीर के प्रत्येक अंग में पानी ही पानी है। इसमें गंदगी, गंध, बेरंग आसानी से घुल जाता है। पानी का टीडीएस दो सौ से तीन सौ है तो यह पीने योग्य है। पानी शरीर में जहरीले पदार्थों को टायलेट के जरिए बाहर निकालता है। यदि इससे अधिक है। पानी आपके शरीर को नुकसान पहुंचाएगा। पानी में अधिक टीडीएस होने से किडनी, पथरी, हड्डियां कमजोर होने के साथ लीवर आदि की बीमारियां होने की ज्यादा आशंका रहती है। हर रोज ढाई लीटर पीना चाहिए। इससे कम पानी पीने पर कई समस्याएं होती हैं।
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जलभराव भूजल दूषित होने का मुख्य कारण
शहर के कई इलाके ऐसे हैं जहां पानी निकासी के पर्याप्त इंतजाम नहीं है। खाली पड़े स्थानों पर जलभराव हो रहा है। शहर के शिव कॉलोनी, नगला तंदुला, सीयल खेड़ा, किला गेट, जलेसर रोड सहित कई स्थानों पर जलभराव के कारण भूजल दूषित हो रहा है। इस कारण लोग मिनरल वाटर की बोतल मंगाकर प्यास बुझा रहे हैं। दिन प्रतिदिन भूजल का स्तर भी गिर रहा है। इन दिनों 200 फीट के करीब बोरिंग हो रही है।
नगर पालिका की पेयजल आपूर्ति का टीडीएस सही है। यह 400 से 600 के बीच में है। नगर पालिका के वाटर सप्लाई का क्लोरीनेशन भी किया जाता है। शहर में हैंडपंपों के पानी का जरूर टीडीएस ज्यादा हो सकता है।
-नंदकिशोर, जेई वाटर वर्क्स
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अमर उजाला की टीम ने की अलग-अलग इलाकों में पड़ताल
कई इलाकों में 800 से पार निकला टीडीएस
गौरव भारद्वाज
हाथरस। शहर में दूषित पानी बीमारियों को न्योता दे रहा है। रोडवेज बस स्टैंड सहित कई स्थानों पर टीडीएस (टोटल डिस्सोल्वेड सॉलिड्स) 800 के पार है। वैसे यदि पानी में टीडीएस की मात्रा 500 एमजी प्रति लीटर से ज्यादा हो जाती है तो यह अरुचिकर हो जाता है और ज्यादा टीडीएस हो जाने पर यह बीमारियों का कारण बन जाता है। शहर में शहर में लोग मिनरल वाटर खरीदकर प्यास बुझा रहे हैं। अमर उजाला की टीम ने शहर के कई इलाकों में टीडीएस भी मापा। तब सच्चाई सामने आई।
हाथरस शहर में 32 हजार घरों के अलावा दो दर्जन के करीब होटल ढाबे हैं। इसके बाद शहर के मुख्य इलाकों में भूजल दूषित हो रहा है। इसकी वजह से लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। रविवार को अमर उजाला की टीम ने अलीगढ़ रोड पर एक हैंडपंप के पानी का टीडीएस मापा, जो कि 860 निकला। शहर के बैनीगंज में टीडीएस 830 निकला। रोडवेज बस स्टैंड पर लगे वाटर कूलर का टीडीएस मापा गया तो यहां स्थिति अलग थी। यहां टीडीएस 1,240 निकाला। इसके अलावा कई इलाकों में तो 1600 से 1700 तक टीडीएस है। शहर के पानी में चूना की मात्रा ज्यादा है।
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पीने के पानी में टीडीएस व इसका महत्व
शरीर के प्रत्येक अंग में पानी ही पानी है। इसमें गंदगी, गंध, बेरंग आसानी से घुल जाता है। पानी का टीडीएस दो सौ से तीन सौ है तो यह पीने योग्य है। पानी शरीर में जहरीले पदार्थों को टायलेट के जरिए बाहर निकालता है। यदि इससे अधिक है। पानी आपके शरीर को नुकसान पहुंचाएगा। पानी में अधिक टीडीएस होने से किडनी, पथरी, हड्डियां कमजोर होने के साथ लीवर आदि की बीमारियां होने की ज्यादा आशंका रहती है। हर रोज ढाई लीटर पीना चाहिए। इससे कम पानी पीने पर कई समस्याएं होती हैं।
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जलभराव भूजल दूषित होने का मुख्य कारण
शहर के कई इलाके ऐसे हैं जहां पानी निकासी के पर्याप्त इंतजाम नहीं है। खाली पड़े स्थानों पर जलभराव हो रहा है। शहर के शिव कॉलोनी, नगला तंदुला, सीयल खेड़ा, किला गेट, जलेसर रोड सहित कई स्थानों पर जलभराव के कारण भूजल दूषित हो रहा है। इस कारण लोग मिनरल वाटर की बोतल मंगाकर प्यास बुझा रहे हैं। दिन प्रतिदिन भूजल का स्तर भी गिर रहा है। इन दिनों 200 फीट के करीब बोरिंग हो रही है।
नगर पालिका की पेयजल आपूर्ति का टीडीएस सही है। यह 400 से 600 के बीच में है। नगर पालिका के वाटर सप्लाई का क्लोरीनेशन भी किया जाता है। शहर में हैंडपंपों के पानी का जरूर टीडीएस ज्यादा हो सकता है।
-नंदकिशोर, जेई वाटर वर्क्स