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हाथरस : खुफिया तंत्र रहा फेल, अहेरिया आंदोलन की नहीं लग पाई भनक
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हाथरस : अहेरिया समाज द्वारा अपनी मांगों को लेकर जलेसर रोड पुल के नीचे रेलवे ट्रैक को जाम करने के च?
- फोटो : HATHRAS
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
न्यू हाथरस रेलवे स्टेशन पर अहेरिया समाज के लोगों ने जिस तरह से आंदोलन कर स्थानीय प्रशासन को सकते में ला दिया, उससे यह भी स्पष्ट हो गया कि इसे लेकर यहां का खुफिया तंत्र विफल रहा। अहेरिया समाज ने पूरी रणनीति से इस आंदोलन को अंजाम दिया। इस जिले के ही नहीं , बल्कि अन्य जिलों के भी अहेरिया समाज के लोग न्यू हाथरस जंक्शन रेलवे पर पहुंचे, लेकिन खुफिया तंत्र को इसकी भनक तक नहीं लगी। प्रशासन जब तक चेता, तब तक रेलवे ट्रैक पर अहेरिया समाज के लोगों का कब्जा हो चुका था।
अहेरिया समाज अपनी जाति को सूचीबद्ध करने की मांग लंबे समय से कर रहा है। उसका यह आंदोलन लखनऊ में भी चल रहा है। वहां भी समाज के लोग धरना दे रहे हैं, लेकिन बृहस्पतिवार को यह समाज इतना बड़ा आंदोलन कर देगा, इसका आभास न तो स्थानीय प्रशासन को था और ना ही खुफिया तंत्र को, जबकि अहेरिया समाज के लोगों ने इसके लिए तयशुदा रणनीति बनाई।
समाज के लोग सुबह से ही काफी संख्या में आने शुरू हो गए। यह लोग तयशुदा रणनीति के अनुसार न्यू हाथरस रेलवे स्टेशन पर एकत्रित हुए और फिर सीधे रेलवे ट्रैक पर इन लोगों ने कब्जा लिया। काफी महिलाएं, बच्चे, किशोर भी वहां मौजूद थे। स्थानीय पुलिस व प्रशासन को जब तक इस बारे में पता चला, तब तक काफी देर हो चुकी थी। ऐसे में रेलवे ट्रैक पर अहेरिया समाज के लोगों का कब्जा हो चुका था और प्रशासन इनके सामने लाचार नजर आया। संवाद
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न्यू हाथरस रेलवे स्टेशन पर अहेरिया समाज के लोगों ने जिस तरह से आंदोलन कर स्थानीय प्रशासन को सकते में ला दिया, उससे यह भी स्पष्ट हो गया कि इसे लेकर यहां का खुफिया तंत्र विफल रहा। अहेरिया समाज ने पूरी रणनीति से इस आंदोलन को अंजाम दिया। इस जिले के ही नहीं , बल्कि अन्य जिलों के भी अहेरिया समाज के लोग न्यू हाथरस जंक्शन रेलवे पर पहुंचे, लेकिन खुफिया तंत्र को इसकी भनक तक नहीं लगी। प्रशासन जब तक चेता, तब तक रेलवे ट्रैक पर अहेरिया समाज के लोगों का कब्जा हो चुका था।
अहेरिया समाज अपनी जाति को सूचीबद्ध करने की मांग लंबे समय से कर रहा है। उसका यह आंदोलन लखनऊ में भी चल रहा है। वहां भी समाज के लोग धरना दे रहे हैं, लेकिन बृहस्पतिवार को यह समाज इतना बड़ा आंदोलन कर देगा, इसका आभास न तो स्थानीय प्रशासन को था और ना ही खुफिया तंत्र को, जबकि अहेरिया समाज के लोगों ने इसके लिए तयशुदा रणनीति बनाई।
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समाज के लोग सुबह से ही काफी संख्या में आने शुरू हो गए। यह लोग तयशुदा रणनीति के अनुसार न्यू हाथरस रेलवे स्टेशन पर एकत्रित हुए और फिर सीधे रेलवे ट्रैक पर इन लोगों ने कब्जा लिया। काफी महिलाएं, बच्चे, किशोर भी वहां मौजूद थे। स्थानीय पुलिस व प्रशासन को जब तक इस बारे में पता चला, तब तक काफी देर हो चुकी थी। ऐसे में रेलवे ट्रैक पर अहेरिया समाज के लोगों का कब्जा हो चुका था और प्रशासन इनके सामने लाचार नजर आया। संवाद
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