{"_id":"62cc66ba7541db3cbd4cace6","slug":"hathras-innocent-son-lost-his-life-in-front-of-father-s-eyes-hathras-news-ali295834996","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाथरस : पिता की आंखों के सामने ही चली गई मासूम बेटे की जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथरस : पिता की आंखों के सामने ही चली गई मासूम बेटे की जान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
ढाई साल के मासूम बच्चे की ट्रैक्टर से कुचलने के बाद गांव सुसायत कलां में कोहराम मच गया। ढाई साल का मोहन अपने पीछे अपने माता-पिता और पांच साल के बड़े भाई को भी बिलखते छोड़ गया।
अलीगढ़ के लोधा थाना क्षेत्र के गांव भानौली निवासी बंटी अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ पिछले एक साल से अपनी ससुराल गांव सुसायत कलां में रह रहा था। रविवार की शाम को जब वह अपने ढाई साल के बेटे मोहन को शौच कराने के लिए खेत पर ले गया था तो इस दौरान गांव के ही एक ट्रैक्टर चालक ने तेजी और लापरवाही से उसके बच्चे को उसी की आंखों के सामने कुचल दिया।
ढाई साल के बच्चे को गंभीर हालत में देख परिजन उसे जिला अस्पताल में लेकर आए, लेकिन वहां बच्चे ने दम तोड़ दिया। इसके बाद पहले बागला जिला अस्पताल और फिर गांव सुसायत में कोहराम मच गया। एक पिता के सामने जिस तरह से बेटे की दर्दनाक मौत हुई, यह बात सुनकर हर कोई गमजदां हो गया। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद बच्चे के शव का अंतिम संस्कार किया गया। मृतक मोहन ने अपने पीछे माता-पिता के अलावा अपने पांच साल के एक भाई को भी बिलखते हुए छोड़ा है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
ढाई साल के मासूम बच्चे की ट्रैक्टर से कुचलने के बाद गांव सुसायत कलां में कोहराम मच गया। ढाई साल का मोहन अपने पीछे अपने माता-पिता और पांच साल के बड़े भाई को भी बिलखते छोड़ गया।
अलीगढ़ के लोधा थाना क्षेत्र के गांव भानौली निवासी बंटी अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ पिछले एक साल से अपनी ससुराल गांव सुसायत कलां में रह रहा था। रविवार की शाम को जब वह अपने ढाई साल के बेटे मोहन को शौच कराने के लिए खेत पर ले गया था तो इस दौरान गांव के ही एक ट्रैक्टर चालक ने तेजी और लापरवाही से उसके बच्चे को उसी की आंखों के सामने कुचल दिया।
विज्ञापन
ढाई साल के बच्चे को गंभीर हालत में देख परिजन उसे जिला अस्पताल में लेकर आए, लेकिन वहां बच्चे ने दम तोड़ दिया। इसके बाद पहले बागला जिला अस्पताल और फिर गांव सुसायत में कोहराम मच गया। एक पिता के सामने जिस तरह से बेटे की दर्दनाक मौत हुई, यह बात सुनकर हर कोई गमजदां हो गया। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद बच्चे के शव का अंतिम संस्कार किया गया। मृतक मोहन ने अपने पीछे माता-पिता के अलावा अपने पांच साल के एक भाई को भी बिलखते हुए छोड़ा है। संवाद
विज्ञापन