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हाथरस : नए सत्र में परिश्रम व अनुशासन से अच्छे अंक लाने पर देंगे जोर
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
कोरोना संक्रमण कम होने के बाद से ही जिले में स्कूल-कॉलेज खुल गए हैं। इनमें पढ़ाई भी शुरू हो चुकी है, लेकिन दो वर्ष में बेपटरी हो चुकी पढ़ाई को पटरी पर लाने की कोशिश जारी है। विद्यार्थी हों या फिर शिक्षक, वह अपने परिश्रम और अनुशासन से दो साल की पढ़ाई की भरपाई कर रहे हैं। अब परीक्षाओं का दौर भी शुरू हो गया है। इसको लेकर विद्यार्थियों में उत्साह है।
कोरोना महामारी का प्रकोप ज्यादा होने पर शिक्षण संस्थानों को बंद कर दिया गया था। स्कूली पढ़ाई ऑनलाइन होने लगी थी। जिनके पास मोबाइल फोन और लैपटॉप जैसी सुविधाएं थीं, वह तो ऑनलाइन पढ़ाई करते रहे, लेकिन कुछ विद्यार्थी सुविधाओं के अभाव में ऑनलाइन पढ़ाई करने में सक्षम नहीं थे। इस कारण वह इस अवधि में पढ़ाई से दूर हो गए, लेकिन अब स्कूल-कॉलेज खुल गए हैं और पढ़ाई भी शुरू हो चुकी है।
जब से कॉलेज खुले हैं, तब से कॉलेज आ रहे हैं। ऑफ लाइन पढ़ाई का विकल्प ही सबसे बेहतर है। विद्यालय खुलने का इंतजार कर रहे थे। अब परीक्षा की तैयारी में जुटे हैं।
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-दिव्या, छात्रा
ऑनलाइन से बेहतर ऑफ लाइन पढ़ाई अच्छी है। इसके सुखद नतीजे आएंगे। कॉलेज खुलते ही परीक्षा की तैयारी में जुट गए हैं। इसके अच्छे परिणाम आएंगे।
-प्रियांशी, छात्रा
हमने ऑनलाइन पढ़ाई भी की, लेकिन इससे बेहतर ऑफ लाइन पढ़ाई ही है। अब हम अपनी परीक्षा की तैयारी में लगे हैं। परिश्रम से परीक्षा में अच्छे अंक मिलेंगे।
-श्रुति, छात्रा
कोरोना काल में अस्त-व्यस्त हुई दिनचर्या ने बच्चों की पढ़ाई के साथ उनके स्वास्थ्य पर भी दुष्प्रभाव डाला है। अप्रैल में शुरू हो रहे नये सत्र में बच्चों की पढ़ाई-लिखाई को सुचारु करने के लिए अभिभावकों, शिक्षकों और स्कूल संचालकों को मेहनत करनी होगी। स्वभाव से किसी भी चीज को जल्दी से आत्मसात करने की क्षमता बच्चों में होती है। शीघ्र की उनकी आदतों में सुधार होगा। कोरोना कॉल के बाद जो पढ़ाई का नुकसान हो गया था, उसकी भरपाई ऑफ लाइन पढ़ाई से धीरे-धीरे की जा रही है।
-डॉ. इंदु वार्ष्णेय, प्राचार्या आरडी गर्ल्स डिग्री कॉलेज हाथरस
ऑफलाइन पढ़ाई से माहौल बेहतर हो गया है। इससे शिक्षक-शिक्षिकाएं और बच्चे खुश हैं। विशेषकर छोटे बच्चों को काफी खुशी मिल रही हैं, क्योंकि वह स्कूल आने पर अपने दोस्तों से मिल रहे हैं। ऑनलाइन पढ़ाई को लेकर जो चुनौतियां थीं, उनसे निजात पाने का वक्त आ गया है। घर पर बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई अच्छे से नहीं हो पा रही थी। अब ऑफ लाइन पढ़ाई से दो साल के नुकसान को पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही इस पर भी सफलता मिल जाएगी। सभी का इसमें सहयोग अपेक्षित है।
-स्वतंत्र कुमार गुप्त, डायरेक्टर एमएलडीवी इंटर कॉलेज हाथरस
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कोरोना संक्रमण कम होने के बाद से ही जिले में स्कूल-कॉलेज खुल गए हैं। इनमें पढ़ाई भी शुरू हो चुकी है, लेकिन दो वर्ष में बेपटरी हो चुकी पढ़ाई को पटरी पर लाने की कोशिश जारी है। विद्यार्थी हों या फिर शिक्षक, वह अपने परिश्रम और अनुशासन से दो साल की पढ़ाई की भरपाई कर रहे हैं। अब परीक्षाओं का दौर भी शुरू हो गया है। इसको लेकर विद्यार्थियों में उत्साह है।
कोरोना महामारी का प्रकोप ज्यादा होने पर शिक्षण संस्थानों को बंद कर दिया गया था। स्कूली पढ़ाई ऑनलाइन होने लगी थी। जिनके पास मोबाइल फोन और लैपटॉप जैसी सुविधाएं थीं, वह तो ऑनलाइन पढ़ाई करते रहे, लेकिन कुछ विद्यार्थी सुविधाओं के अभाव में ऑनलाइन पढ़ाई करने में सक्षम नहीं थे। इस कारण वह इस अवधि में पढ़ाई से दूर हो गए, लेकिन अब स्कूल-कॉलेज खुल गए हैं और पढ़ाई भी शुरू हो चुकी है।
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जब से कॉलेज खुले हैं, तब से कॉलेज आ रहे हैं। ऑफ लाइन पढ़ाई का विकल्प ही सबसे बेहतर है। विद्यालय खुलने का इंतजार कर रहे थे। अब परीक्षा की तैयारी में जुटे हैं।
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-दिव्या, छात्रा
ऑनलाइन से बेहतर ऑफ लाइन पढ़ाई अच्छी है। इसके सुखद नतीजे आएंगे। कॉलेज खुलते ही परीक्षा की तैयारी में जुट गए हैं। इसके अच्छे परिणाम आएंगे।
-प्रियांशी, छात्रा
हमने ऑनलाइन पढ़ाई भी की, लेकिन इससे बेहतर ऑफ लाइन पढ़ाई ही है। अब हम अपनी परीक्षा की तैयारी में लगे हैं। परिश्रम से परीक्षा में अच्छे अंक मिलेंगे।
-श्रुति, छात्रा
कोरोना काल में अस्त-व्यस्त हुई दिनचर्या ने बच्चों की पढ़ाई के साथ उनके स्वास्थ्य पर भी दुष्प्रभाव डाला है। अप्रैल में शुरू हो रहे नये सत्र में बच्चों की पढ़ाई-लिखाई को सुचारु करने के लिए अभिभावकों, शिक्षकों और स्कूल संचालकों को मेहनत करनी होगी। स्वभाव से किसी भी चीज को जल्दी से आत्मसात करने की क्षमता बच्चों में होती है। शीघ्र की उनकी आदतों में सुधार होगा। कोरोना कॉल के बाद जो पढ़ाई का नुकसान हो गया था, उसकी भरपाई ऑफ लाइन पढ़ाई से धीरे-धीरे की जा रही है।
-डॉ. इंदु वार्ष्णेय, प्राचार्या आरडी गर्ल्स डिग्री कॉलेज हाथरस
ऑफलाइन पढ़ाई से माहौल बेहतर हो गया है। इससे शिक्षक-शिक्षिकाएं और बच्चे खुश हैं। विशेषकर छोटे बच्चों को काफी खुशी मिल रही हैं, क्योंकि वह स्कूल आने पर अपने दोस्तों से मिल रहे हैं। ऑनलाइन पढ़ाई को लेकर जो चुनौतियां थीं, उनसे निजात पाने का वक्त आ गया है। घर पर बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई अच्छे से नहीं हो पा रही थी। अब ऑफ लाइन पढ़ाई से दो साल के नुकसान को पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही इस पर भी सफलता मिल जाएगी। सभी का इसमें सहयोग अपेक्षित है।
-स्वतंत्र कुमार गुप्त, डायरेक्टर एमएलडीवी इंटर कॉलेज हाथरस