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हाथरस: शहर के मुरसान गेट पर एक फैक्टरी के ऊपर से अवैध तरीके से शिफ्ट कर दी लाइन
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
शहर के मुरसान गेट पर बिजली महकमे के कारिंदों ने एक फैक्टरी के ऊपर से गुजर रही 11 केवीए लाइन को अवैध रूप से शिफ्ट कर दिया। सुबह लाइन को शिफ्ट किया गया। शाम को मामला अफसरों तक पहुंचा तो कारिंदों ने लाइन पर फिर से सही करने की कवायद शुरू कर दी। इस मामले में बिजली महकमे के अधिकारी चुप्पी साधते हुए नजर आए।
उल्लेखनीय है कि शहर के मुरसान गेट पर एक फैक्टरी है, जिसके ऊपर से 11 केवीए की लाइन जा रही है। लॉकडाउन को ध्यान में रखते हुए बिजली महकमे के कारिंदों ने सुबह सुबह इस लाइन को पोल लगाते हुए शिफ्ट कर दिया। जब इसकी भनक बिजली महकमे के अफसरों को लगी तो खलबली मच गई। शाम को इस लाइन को फिर से पुरानी जगह पर शिफ्ट करने की कवायद शुरू की गई। पोल पर चढ़े कर्मी यह कहते हुए नजर आए कि लाइन गलत हो गई थी। जिसे अब वह सही कर रहे हैं। इस मामले में बिजली महकमे के अफसरों ने वार्ता की गई तो वह इस मामले अनजान बने रहे।
इस तरह होती है लाइन की शिफ्टिंग
जब 11 केवीए व 33 केवीए की लाइन की शिफ्टिंग होती है तो उसका संबधित जेई द्वारा सर्वे किया जाता है। सर्वे के आधार पर एस्टीमेट तैयार किया जाता है। उसे मुख्य अभियंता स्तर पर भेजा जाता है। वहां से हरी झंडी मिलने के बाद लाइन शिफ्टिंग की प्रक्रिया को पूरा किया जाता है। सूत्रों की मानें तो इस लाइन के शिफ्टिंग में ऐसा कुछ न हीं है। इस लाइन को लेकर महकमे में चर्चाओं का बाजार भी गर्म है।
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शहर के मुरसान गेट पर बिजली महकमे के कारिंदों ने एक फैक्टरी के ऊपर से गुजर रही 11 केवीए लाइन को अवैध रूप से शिफ्ट कर दिया। सुबह लाइन को शिफ्ट किया गया। शाम को मामला अफसरों तक पहुंचा तो कारिंदों ने लाइन पर फिर से सही करने की कवायद शुरू कर दी। इस मामले में बिजली महकमे के अधिकारी चुप्पी साधते हुए नजर आए।
उल्लेखनीय है कि शहर के मुरसान गेट पर एक फैक्टरी है, जिसके ऊपर से 11 केवीए की लाइन जा रही है। लॉकडाउन को ध्यान में रखते हुए बिजली महकमे के कारिंदों ने सुबह सुबह इस लाइन को पोल लगाते हुए शिफ्ट कर दिया। जब इसकी भनक बिजली महकमे के अफसरों को लगी तो खलबली मच गई। शाम को इस लाइन को फिर से पुरानी जगह पर शिफ्ट करने की कवायद शुरू की गई। पोल पर चढ़े कर्मी यह कहते हुए नजर आए कि लाइन गलत हो गई थी। जिसे अब वह सही कर रहे हैं। इस मामले में बिजली महकमे के अफसरों ने वार्ता की गई तो वह इस मामले अनजान बने रहे।
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इस तरह होती है लाइन की शिफ्टिंग
जब 11 केवीए व 33 केवीए की लाइन की शिफ्टिंग होती है तो उसका संबधित जेई द्वारा सर्वे किया जाता है। सर्वे के आधार पर एस्टीमेट तैयार किया जाता है। उसे मुख्य अभियंता स्तर पर भेजा जाता है। वहां से हरी झंडी मिलने के बाद लाइन शिफ्टिंग की प्रक्रिया को पूरा किया जाता है। सूत्रों की मानें तो इस लाइन के शिफ्टिंग में ऐसा कुछ न हीं है। इस लाइन को लेकर महकमे में चर्चाओं का बाजार भी गर्म है।
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