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हाथरस : सरकार ने आयात किया कम तो खाद्य तेल पर महंगाई से राहत
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
सरकार ने खाद्य तेल पर लगने वाला आयात कर कम कर दिया है। इस कारण आमजन को खाद्य तेल में महंगाई से राहत मिली है। रिफाइंड के प्रति टिन पर 100 रुपये की गिरावट आई है। त्योहार के बाद कारोबारी और रेट कम होने की उम्मीद जता रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि डीजल व पेट्रोल के बढ़ते दामों के कारण आमजन को महंगाई के दंश से जूझना पड़ रहा है। ट्रांसपोर्ट भाड़ा मंहगा होने के कारण भी खाद्य वस्तुओं पर महंगाई बढ़ी है। सोयाबीन तेल व पाम ऑयल दूसरे देशों से पानी के जहाजों के माध्यम से आता है। इस पर सरकार द्वारा सबसे पहले 40 प्रतिशत आयात कर वसूला जाता था। अब सरकार ने आयात कर को 10 प्रतिशत कर दिया है।
इस कारण रिफांइड व पाम ऑयल के प्रति टिन पर 100 रुपये की गिरावट आई है। दिवाली से पहले रिफाइंड के दामों में कमी आने से आम लोगों को काफी राहत मिलेगी। वैसे भी त्योहार की वजह से रिफाइंड व पाम ऑयल की मांग ज्यादा है। दिवाली के बाद शादियों की दावत की तैयारी कर रहे लोगों को भी कीमतों में कमी से राहत मिलेगी।
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रिफाइंड और सोयाबीन तेल विदेशों से आता है। इस पर पहले 40 प्रतिशत आयात कर था। अब सरकार ने इसे घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया है। इस कारण रिफाइंड व पाम ऑयल के दामों में 100 रुपये प्रति टिन की गिरावट आई है। दिवाली पर रिफांइड की मांग ज्यादा है। अभी और रेट घटने की उम्मीद है।
-अनिल वार्ष्णेय, तेल कारोबारी
सरकार ने दिवाली पर रिफाइंड व पाम आयल पर आयात कर कम कर आमजन को महंगाई से राहत दी है। यह बहुत ही अच्छा फैसला है। महंगाई को कम करने के लिए सरकार को पहल करनी चाहिए, ताकि अन्य सामान भी महंगाई कम हो सके।
-धर्मेंद्र शर्मा ग्राहक
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सरकार ने खाद्य तेल पर लगने वाला आयात कर कम कर दिया है। इस कारण आमजन को खाद्य तेल में महंगाई से राहत मिली है। रिफाइंड के प्रति टिन पर 100 रुपये की गिरावट आई है। त्योहार के बाद कारोबारी और रेट कम होने की उम्मीद जता रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि डीजल व पेट्रोल के बढ़ते दामों के कारण आमजन को महंगाई के दंश से जूझना पड़ रहा है। ट्रांसपोर्ट भाड़ा मंहगा होने के कारण भी खाद्य वस्तुओं पर महंगाई बढ़ी है। सोयाबीन तेल व पाम ऑयल दूसरे देशों से पानी के जहाजों के माध्यम से आता है। इस पर सरकार द्वारा सबसे पहले 40 प्रतिशत आयात कर वसूला जाता था। अब सरकार ने आयात कर को 10 प्रतिशत कर दिया है।
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इस कारण रिफांइड व पाम ऑयल के प्रति टिन पर 100 रुपये की गिरावट आई है। दिवाली से पहले रिफाइंड के दामों में कमी आने से आम लोगों को काफी राहत मिलेगी। वैसे भी त्योहार की वजह से रिफाइंड व पाम ऑयल की मांग ज्यादा है। दिवाली के बाद शादियों की दावत की तैयारी कर रहे लोगों को भी कीमतों में कमी से राहत मिलेगी।
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रिफाइंड और सोयाबीन तेल विदेशों से आता है। इस पर पहले 40 प्रतिशत आयात कर था। अब सरकार ने इसे घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया है। इस कारण रिफाइंड व पाम ऑयल के दामों में 100 रुपये प्रति टिन की गिरावट आई है। दिवाली पर रिफांइड की मांग ज्यादा है। अभी और रेट घटने की उम्मीद है।
-अनिल वार्ष्णेय, तेल कारोबारी
सरकार ने दिवाली पर रिफाइंड व पाम आयल पर आयात कर कम कर आमजन को महंगाई से राहत दी है। यह बहुत ही अच्छा फैसला है। महंगाई को कम करने के लिए सरकार को पहल करनी चाहिए, ताकि अन्य सामान भी महंगाई कम हो सके।
-धर्मेंद्र शर्मा ग्राहक