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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hathras News ›   Hathras: 'If I can't give money for restoration, then I and my sahib will have to be happy'

हाथरस : ‘बहाली के लिए रुपये नहीं दे सकतीं तो मुझे व साहब को करना होगा खुश’

Sun, 02 Oct 2022 11:37 PM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 02 Oct 2022 11:37 PM IST
सार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस शिक्षा विभाग के एक आला अधिकारी और उनके चहेते पर एक निलंबित शिक्षिका को बहाल करने के नाम पर उन्हें एक रात खुश करने की मांग करने का आरोप लगाया जा रहा है। शिक्षिका का आरोप है कि जब वह स्कूल की छुट्टी होने के बाद बहाली के संबंध में अधिकारी से उनके दफ्तर में मिलने के लिए जातीं तो वहां पर मौजूद उनके एक चहेते सहयोगी द्वारा उनको यह कहकर टरका दिया जाता है कि अभी साहब से बात नहीं हो पाएगी। वहीं इस संबंध में शिक्षिका ने एसपी को भी पत्र लिखा है।

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Hathras: 'If I can't give money for restoration, then I and my sahib will have to be happy'

विस्तार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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शिक्षा विभाग के एक आला अधिकारी और उनके चहेते पर एक निलंबित शिक्षिका को बहाल करने के नाम पर उन्हें एक रात खुश करने की मांग करने का आरोप लगाया जा रहा है। इसे लेकर पीड़ित शिक्षिका ने एसपी से भी शिकायत की है।
शिक्षिका ने शिकायत में कहा है कि उनको मार्च के महीने में किन्हीं कारणवश निलंबित कर दिया गया था, लेकिन अधिकारी ने उन्हें अभी तक इसलिए बहाल नहीं किया है, क्योंकि उनकी आर्थिक रूप से सेवा नहीं हुई है। शिक्षिका का आरोप है कि जब वह स्कूल की छुट्टी होने के बाद बहाली के संबंध में अधिकारी से उनके दफ्तर में मिलने के लिए जातीं तो वहां पर मौजूद उनके एक चहेते सहयोगी द्वारा उनको यह कहकर टरका दिया जाता है कि अभी साहब से बात नहीं हो पाएगी।
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चहेते व्यक्ति द्वारा शिक्षिका को अधिकारी से मिलने नहीं दिए जाने का भी आरोप है। आरोप है कि अगस्त के महीने में शिक्षिका एक दिन अपने निलंबन बहाली के संबंध में अधिकारी से बात करने के लिए दोपहर 12 बजे दफ्तर पहुंच गईं। चपरासी के माध्यम से अधिकारी से मिलने के लिए समय मांगा तो अधिकारी ने कहा कि अभी आप बैठिये। मैं फुरसत में बैठकर आपसे बात करूंगा।
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आरोप है कि उस दिन शिक्षिका को अधिकारी के दफ्तर में बैठे-बैठे शाम के करीब चार बज गए। तभी उनका खास सहयोगी संदेश लेकर आया और शिक्षिका को चाय वाले की दुकान के पीछे ले गया और बोला कि अगर आप बहाल होकर मनचाहे स्कूल में जाना चाहती हैं तो अधिकारी के लिए एक प्रार्थना पत्र व दो लाख रुपये देने होंगे। शिक्षिका ने रुपये देने में असमर्थता जाहिर करते हुए प्रार्थना पत्र देने की बात कही।
यह सुनकर यह व्यक्ति भड़क गया और शिक्षिका को सबक सिखाने की धमकी देते हुए अधिकारी के दफ्तर में घुस गया। अधिकारी की तरफ से कोई जवाब नहीं आया। आरोप है कि शिक्षिका को दफ्तर में बैठे-बैठे रात के नौ बज गए। थककर शिक्षिका अपनी स्कूटी लेकर चली गईं। इस बीच पीछे से अधिकारी का चहेता व्यक्ति आया और बोला कि अगर पैसे नहीं दे सकतीं हो तो तुम्हें मुझे और साहब को एक रात के लिए खुश करना होगा।
आरोप है कि ऐसा कहते ही साहब के चहेते ने बुरी नीयत से शिक्षिका के साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी। हंगामा होने पर शिक्षिका के पति व अन्य लोग मौके पर जमा हो गए। इन्हें देखकर आरोपी वहां से जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गया। यह भी आरोप है कि इस मामले में पुलिस ने भी कोई सुनवाई नहीं की। इस कारण अब शिक्षिका ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। वहीं इस संबंध में शिक्षिका ने एसपी को भी पत्र लिखा है। संवाद

शिक्षिका के सभी आरोप निराधार
हाथरस। शिक्षिका द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को इस अधिकारी ने निराधार बताया है। उनका कहना है कि शिक्षिका द्वारा मनचाहे स्कूल में बहाली के लिए यह सब दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है। शिक्षिका को एक महीने पहले ही बहाल कर दिया गया है। शिक्षिका द्वारा जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं, वह सभी आधार और तथ्यविहीन हैं।
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