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हाथरस : डेंगू फैला तो प्लेट्लेट्स के लिए फिर लेनी होगी निजी अस्पतालों की शरण
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हाथरस : रक्त अवयव इकाई के लिए बनाया गया कक्ष। संवाद
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिले में वायरल बुखार का प्रकोप जारी है और साथ ही डेंगू के फैलने की आशंका भी जताई जा रही है, लेकिन जिला अस्पताल में अभी तक रक्त अवयव इकाई शुरू नहीं हो पाई है। ऐसे में यदि डेंगू ने जिले में कहर बरपाया तो प्लेट्लेट्स के लिए मरीजों को निजी अस्पतालों पर ही जाना होगा। हालांकि स्थानीय स्वास्थ्य महकमे का दावा है कि जिले में अभी डेंगू का कोई मामला नहीं आया है।
जिले में हर साल डेंगू फैलता है और इसकी वजह से मरीजों की जान भी जाती हैं। डेंगू में प्लेटलेट्स की कमी हो जाती है और प्लेट्लेट्स चढ़ाने की जरूरत पड़ जाती है, लेकिन यहां के सरकारी ब्लड बैंक में रक्त अवयव इकाई ही अभी चालू नहीं हो पाई है। उल्लेखनीय है कि बागला जिला अस्पताल परिसर में करीब एक दशक पहले से ब्लड बैंक स्थापित है, लेकिन यहां अभी तक रक्त अवयव इकाई नहीं है।
पिछले दिनों शासन ने यहां रक्त अवयव इकाई के लिए बजट और कुछ उपकरण भी भेजे, लेकिन कई महीने बीतने के बाद भी पूरे उपकरण नहीं आ पाए है। यदि यहां रक्त अवयव इकाई शुरू हो गई तो मरीजों को यहीं प्लेट्लेट्स, आरबीसी, प्लाज्मा मिलने लगेंगे। मरीजों को इसके लिए बाहर नहीं जाना होगा। संवाद
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रक्त कंपोनेंट और सेपरेशन यूनिट जल्द ही शुरू हो जाएगी। इसका भवन बनकर तैयार हो चुका है। कुछ उपकरण बचे हैं। वह भी जल्द ही आ जाएंगे।
-डॉ. सूर्यप्रकाश, सीएमएस बागला जिला अस्पताल।
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जिले में वायरल बुखार का प्रकोप जारी है और साथ ही डेंगू के फैलने की आशंका भी जताई जा रही है, लेकिन जिला अस्पताल में अभी तक रक्त अवयव इकाई शुरू नहीं हो पाई है। ऐसे में यदि डेंगू ने जिले में कहर बरपाया तो प्लेट्लेट्स के लिए मरीजों को निजी अस्पतालों पर ही जाना होगा। हालांकि स्थानीय स्वास्थ्य महकमे का दावा है कि जिले में अभी डेंगू का कोई मामला नहीं आया है।
जिले में हर साल डेंगू फैलता है और इसकी वजह से मरीजों की जान भी जाती हैं। डेंगू में प्लेटलेट्स की कमी हो जाती है और प्लेट्लेट्स चढ़ाने की जरूरत पड़ जाती है, लेकिन यहां के सरकारी ब्लड बैंक में रक्त अवयव इकाई ही अभी चालू नहीं हो पाई है। उल्लेखनीय है कि बागला जिला अस्पताल परिसर में करीब एक दशक पहले से ब्लड बैंक स्थापित है, लेकिन यहां अभी तक रक्त अवयव इकाई नहीं है।
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पिछले दिनों शासन ने यहां रक्त अवयव इकाई के लिए बजट और कुछ उपकरण भी भेजे, लेकिन कई महीने बीतने के बाद भी पूरे उपकरण नहीं आ पाए है। यदि यहां रक्त अवयव इकाई शुरू हो गई तो मरीजों को यहीं प्लेट्लेट्स, आरबीसी, प्लाज्मा मिलने लगेंगे। मरीजों को इसके लिए बाहर नहीं जाना होगा। संवाद
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रक्त कंपोनेंट और सेपरेशन यूनिट जल्द ही शुरू हो जाएगी। इसका भवन बनकर तैयार हो चुका है। कुछ उपकरण बचे हैं। वह भी जल्द ही आ जाएंगे।
-डॉ. सूर्यप्रकाश, सीएमएस बागला जिला अस्पताल।