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हाथरस: बिना वाहनों के कैसे कसेगी नकल पर नकेल...
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बिना वाहनों के कैसे कसेगी नकल पर नकेल
कई सेक्टर मजिस्ट्रेटों के पास नहीं हैं विभागीय वाहन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। यूपी बोर्ड परीक्षाओं को नकल विहीन कराने के लिए शासन की ओर से हर संभव प्रयास किया जा रहा है। यहां जिले में जिला प्रशासन की ओर की ओर से 76 परीक्षा केंद्रों की निगरानी के लिए 15 सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। हैरानी की बात यह है कि इन सेक्टर मजिस्ट्रेट को स्कूलों के भ्रमण करने के लिए डीजल दिए जाने के लिए धनराशि आवंटित की गई है, लेकिन इनमें से कई सेक्टर मजिस्ट्रेट के पास विभागीय गाड़ियां ही उपलब्ध नहीं हैं। इस कारण सेक्टर मजिस्ट्रेट चिंतित हैं।
यूपी बोर्ड परीक्षा 18 फरवरी से जिले के 76 परीक्षा केंद्रों पर शुरू होंगी। जिले में यूपी बोर्ड परीक्षा को नकल विहीन कराने के लिए जिला प्रशासन की ओर से सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टेटिक मजिस्ट्रेट, जोनल मजिस्ट्रेट, बाहरी केंद्र व्यवस्थापक के साथ कंट्रोल रूम आदि के इंतजामात किए गए हैं। इन इंतजामों की लगातार निगरानी की जा रही है। जिले में नकल पर नकेल कसने के लिए जिला प्रशासन की ओर से 15 सेक्टर मजिस्ट्रेटों को तैनात किया गया है।
इन सेक्टर मजिस्ट्रेट को दोनों पालियों में 5-5 विद्यालयों को चेक करना है। हैरानी की बात यह है कि शिक्षा विभाग की ओर से नकल पर नकेल कसने के लिए इन तैनात अधिकारियों को डीजल तो उपलब्ध कराया गया है, लेकिन इनमें से कई विभागीय अफसरों पर विभागीय गाड़ियां तक नहीं हैं। इस कारण बोर्ड परीक्षा की ड्यूटी में लगे अफसर बेहद चिंतित हैं और वाहनों के इंतजाम करने की जुगत में लग गए हैं।
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कई सेक्टर मजिस्ट्रेटों के पास नहीं हैं विभागीय वाहन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। यूपी बोर्ड परीक्षाओं को नकल विहीन कराने के लिए शासन की ओर से हर संभव प्रयास किया जा रहा है। यहां जिले में जिला प्रशासन की ओर की ओर से 76 परीक्षा केंद्रों की निगरानी के लिए 15 सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। हैरानी की बात यह है कि इन सेक्टर मजिस्ट्रेट को स्कूलों के भ्रमण करने के लिए डीजल दिए जाने के लिए धनराशि आवंटित की गई है, लेकिन इनमें से कई सेक्टर मजिस्ट्रेट के पास विभागीय गाड़ियां ही उपलब्ध नहीं हैं। इस कारण सेक्टर मजिस्ट्रेट चिंतित हैं।
यूपी बोर्ड परीक्षा 18 फरवरी से जिले के 76 परीक्षा केंद्रों पर शुरू होंगी। जिले में यूपी बोर्ड परीक्षा को नकल विहीन कराने के लिए जिला प्रशासन की ओर से सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टेटिक मजिस्ट्रेट, जोनल मजिस्ट्रेट, बाहरी केंद्र व्यवस्थापक के साथ कंट्रोल रूम आदि के इंतजामात किए गए हैं। इन इंतजामों की लगातार निगरानी की जा रही है। जिले में नकल पर नकेल कसने के लिए जिला प्रशासन की ओर से 15 सेक्टर मजिस्ट्रेटों को तैनात किया गया है।
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इन सेक्टर मजिस्ट्रेट को दोनों पालियों में 5-5 विद्यालयों को चेक करना है। हैरानी की बात यह है कि शिक्षा विभाग की ओर से नकल पर नकेल कसने के लिए इन तैनात अधिकारियों को डीजल तो उपलब्ध कराया गया है, लेकिन इनमें से कई विभागीय अफसरों पर विभागीय गाड़ियां तक नहीं हैं। इस कारण बोर्ड परीक्षा की ड्यूटी में लगे अफसर बेहद चिंतित हैं और वाहनों के इंतजाम करने की जुगत में लग गए हैं।
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