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हाथरस: निर्माणाधीन ओवरब्रिज से भारी पत्थर गिरा, दबकर बच्चे की मौत
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हाथरस: मृत प्रवीण कुमार का फाइल फोटो।
- फोटो : SIKANDHRA RAHU
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिकंदराराऊ (हाथरस)
कोतवाली के जीटी रोड स्थित गांव महामई निवासी 10 वर्षीय बालक के ऊपर रविवार की सुबह करीब नौ बजे निर्माणाधीन ओवरब्रिज से सीमेंटेड भारी पत्थर आ गिरा जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बालक की चीखें सुनकर आसपास के किसान आ गए। उन्होंने इस पत्थर को उठाने की कोशिश की, लेकिन वह टस से मस नहीं हुआ। बाद में ठेकेदार ने मशीन भेजकर इस पत्थर को हटवाया। तब जाकर मासूम का शव निकाला जा सका। वजनदार पत्थर के नीचे दबने से उसकी हड्डियां तक चकनाचूर हो गईं। इस घटना से नाराज ग्रामीणों को समझा-बुझाकर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
गांव महामई निवासी अमर सिंह अपने खेत पर काम कर रहा था। खेत का रास्ता एनएच 91 पर बन रहे ओवरब्रिज के नजदीक से जाता है। सुबह नौ बजे अमर सिंह का दस वर्षीय बेटा प्रवीण कुमार अपनी मां के साथ पिता को खेत पर रोटी देने जा रहा था। दोनों खेत पर पहुंच पाते, उससे पहले ओवरब्रिज के किनारे पर लगा भारी वजन वाला सीमेंटेड पत्थर इस बच्चे के ऊपर आ गिरा। उसके नीचे दबते ही प्रवीण बुरी तरह चीखने लगा।
उसकी चीखें सुनकर खेतों पर काम कर रहे कुछ किसान भी दौड़कर मौके पर पहुंचे, लेकिन काफी प्रयास के बाद भी पत्थर को हिला भी नहीं पाए। इतनी देर में मासूम ने मौके पर ही तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया। शोर मचते ही ठेकेदार मशीन लेकर मौके पर पहुंचा और उसकी मदद से पत्थर को हटाया गया, लेकिन तब तक प्रवीण की सांसें थम चुकीं थीं। बच्चे की मौत से ग्रामीणों में काफी गुस्सा था। मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत करा शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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अक्सर गिरते रहते हैं पत्थर
मृतक के पिता अमर सिंह का कहना है कि यह हादसा निर्माण इकाई के ठेकेदार की लापरवाही से हुआ है। ओवरब्रिज के किनारे लगे पत्थर अक्सर गिरते रहते हैं। ठेकेदार ने कोई चेतावनी का बोर्ड भी नहीं लगाया है। उनका कहना है कि वह निर्माण ठेकेदार के खिलाफ कोतवाली में तहरीर देंगे। बता दें कि यह कच्चा रोड चालू है और कासगंज रोड तक इस पर आवागमन जारी रहता है।
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कोतवाली के जीटी रोड स्थित गांव महामई निवासी 10 वर्षीय बालक के ऊपर रविवार की सुबह करीब नौ बजे निर्माणाधीन ओवरब्रिज से सीमेंटेड भारी पत्थर आ गिरा जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बालक की चीखें सुनकर आसपास के किसान आ गए। उन्होंने इस पत्थर को उठाने की कोशिश की, लेकिन वह टस से मस नहीं हुआ। बाद में ठेकेदार ने मशीन भेजकर इस पत्थर को हटवाया। तब जाकर मासूम का शव निकाला जा सका। वजनदार पत्थर के नीचे दबने से उसकी हड्डियां तक चकनाचूर हो गईं। इस घटना से नाराज ग्रामीणों को समझा-बुझाकर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
गांव महामई निवासी अमर सिंह अपने खेत पर काम कर रहा था। खेत का रास्ता एनएच 91 पर बन रहे ओवरब्रिज के नजदीक से जाता है। सुबह नौ बजे अमर सिंह का दस वर्षीय बेटा प्रवीण कुमार अपनी मां के साथ पिता को खेत पर रोटी देने जा रहा था। दोनों खेत पर पहुंच पाते, उससे पहले ओवरब्रिज के किनारे पर लगा भारी वजन वाला सीमेंटेड पत्थर इस बच्चे के ऊपर आ गिरा। उसके नीचे दबते ही प्रवीण बुरी तरह चीखने लगा।
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उसकी चीखें सुनकर खेतों पर काम कर रहे कुछ किसान भी दौड़कर मौके पर पहुंचे, लेकिन काफी प्रयास के बाद भी पत्थर को हिला भी नहीं पाए। इतनी देर में मासूम ने मौके पर ही तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया। शोर मचते ही ठेकेदार मशीन लेकर मौके पर पहुंचा और उसकी मदद से पत्थर को हटाया गया, लेकिन तब तक प्रवीण की सांसें थम चुकीं थीं। बच्चे की मौत से ग्रामीणों में काफी गुस्सा था। मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत करा शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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अक्सर गिरते रहते हैं पत्थर
मृतक के पिता अमर सिंह का कहना है कि यह हादसा निर्माण इकाई के ठेकेदार की लापरवाही से हुआ है। ओवरब्रिज के किनारे लगे पत्थर अक्सर गिरते रहते हैं। ठेकेदार ने कोई चेतावनी का बोर्ड भी नहीं लगाया है। उनका कहना है कि वह निर्माण ठेकेदार के खिलाफ कोतवाली में तहरीर देंगे। बता दें कि यह कच्चा रोड चालू है और कासगंज रोड तक इस पर आवागमन जारी रहता है।