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अयोध्या राम मंदिर निर्माण में लगेंगी हाथरस की ईट
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श्रीराम मंदिर निर्माण में लगेंगी हाथरस की ईंटें
आंदोलन में प्रत्येक गांव से ली गई थी एक-एक ईंट, ट्रक के जरिये पहुंचाई थीं अयोध्या
राम मंदिर आंदोलन में कई बार जेल गए पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष रमेशचंद्र आर्य ने किया दावा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। अयोध्या के श्रीराम मंदिर निर्माण में हाथरस की ईंटें भी लगेंगी। उस समय प्रत्येक गांव से एक-एक ईट एकत्रित की गई। ट्रक के जरिए अयोध्या पहुंचाई गई थीं। राम मंदिर आंदोलन में भाजपा नेता व पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष रमेश चंद्र आर्य का खासा योगदान रहा है। आंदोलन में गिरफ्तारी से लेकर रथयात्राओं में सहभागिता की है।
उल्लेखनीय है कि 1988 से छह दिसंबर 1992 तक राम मंदिर निर्माण का आंदोलन चला। वर्ष 1990 में पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष रमेश चंद्र आर्य कार सेवा के लिए तीन जत्थे लेकर अयोध्या गए। भाजपा के संस्थापक सदस्य व वयोवृद्ध नेता आर्य ने पुरानी यादें ताजा करते हुए बताया कि तीनों जत्थों में करीब 300 लोग शामिल थे। जो कारसेवक जाते थे, वह सरयू मेें स्नान कर रामलला हम आएंगे मंदिर यहीं बनाएंगे, के नारे के साथ गिरफ्तारी देते थे।
उस समय बरेली, आगरा आदि स्थानों से आने वाली जन जागरण यात्राओं का शहर में आगमन पर स्वागत किया गया था । इस दौरान प्रत्येक गांव से एक एक ईंट एकत्रित की गई थी, जिसमें हाथरस जिले से भी ईंट एकत्रित कर ट्रक के जरिए अयोध्या भेजी गई। उन्होंने बताया कि जो ईंट यहां से भेजी गई थी, वह वहां आज भी सुरक्षित रखी हुई है। यह ईंटें उस स्थान पर अभी भी रखी हैं, जहां पत्थर तराशे जा रहे हैं। इसके अलावा विदेशों से भी मंदिर निर्माण के लिए ईटें आई थी। उन्होंने बताया कि राम मंदिर आंदोलन में यहां के सत्यपाल सिंह मदनावत, कुसुमा देवी मदनावत, रजनी आंधीवाल के अलावा जलालपुर, लाड़पुर, लहरा, कौमरी आदि गांवों के लोगों का भी मंदिर आंदोलन में खासा योगदान रहा है। इसके अलावा अभिषेक रंजन आर्य, सुनीत आर्य आदि का भी काफी योगदान रहा है।
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आंदोलन में प्रत्येक गांव से ली गई थी एक-एक ईंट, ट्रक के जरिये पहुंचाई थीं अयोध्या
राम मंदिर आंदोलन में कई बार जेल गए पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष रमेशचंद्र आर्य ने किया दावा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। अयोध्या के श्रीराम मंदिर निर्माण में हाथरस की ईंटें भी लगेंगी। उस समय प्रत्येक गांव से एक-एक ईट एकत्रित की गई। ट्रक के जरिए अयोध्या पहुंचाई गई थीं। राम मंदिर आंदोलन में भाजपा नेता व पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष रमेश चंद्र आर्य का खासा योगदान रहा है। आंदोलन में गिरफ्तारी से लेकर रथयात्राओं में सहभागिता की है।
उल्लेखनीय है कि 1988 से छह दिसंबर 1992 तक राम मंदिर निर्माण का आंदोलन चला। वर्ष 1990 में पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष रमेश चंद्र आर्य कार सेवा के लिए तीन जत्थे लेकर अयोध्या गए। भाजपा के संस्थापक सदस्य व वयोवृद्ध नेता आर्य ने पुरानी यादें ताजा करते हुए बताया कि तीनों जत्थों में करीब 300 लोग शामिल थे। जो कारसेवक जाते थे, वह सरयू मेें स्नान कर रामलला हम आएंगे मंदिर यहीं बनाएंगे, के नारे के साथ गिरफ्तारी देते थे।
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उस समय बरेली, आगरा आदि स्थानों से आने वाली जन जागरण यात्राओं का शहर में आगमन पर स्वागत किया गया था । इस दौरान प्रत्येक गांव से एक एक ईंट एकत्रित की गई थी, जिसमें हाथरस जिले से भी ईंट एकत्रित कर ट्रक के जरिए अयोध्या भेजी गई। उन्होंने बताया कि जो ईंट यहां से भेजी गई थी, वह वहां आज भी सुरक्षित रखी हुई है। यह ईंटें उस स्थान पर अभी भी रखी हैं, जहां पत्थर तराशे जा रहे हैं। इसके अलावा विदेशों से भी मंदिर निर्माण के लिए ईटें आई थी। उन्होंने बताया कि राम मंदिर आंदोलन में यहां के सत्यपाल सिंह मदनावत, कुसुमा देवी मदनावत, रजनी आंधीवाल के अलावा जलालपुर, लाड़पुर, लहरा, कौमरी आदि गांवों के लोगों का भी मंदिर आंदोलन में खासा योगदान रहा है। इसके अलावा अभिषेक रंजन आर्य, सुनीत आर्य आदि का भी काफी योगदान रहा है।
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