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हाथरस : परिजनों के पहुंचते ही उमड़ा गम और गुस्सा
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिकंदराराऊ (हाथरस)
कमालपुर के पूर्व प्रधान रामखिलाड़ी की सरे राह गोलियों से भूनकर हुई हत्या के बाद मौके पर काफी देर तक अफरा-तफरी और दहशत का माहौल रहा। सूचना मिलने के बाद जब मृतक के परिजन मौके पर पहुंचे तो वहां गम के साथ गुस्सा भी उमड़ पड़ा। आलम यह था कि आक्रोशित परिजनों ने करीब दो घंटे तक पुलिस को शव के पास नहीं फटकने दिया। पुलिस अधिकारी काफी देर तक इन लोगों को समझाते रहे कि अगर कार्रवाई में देरी होगी तो हमलावर पकड़ से दूर निकल जाएंगे।
पुलिस अधिकारियों ने उन्हें बार-बार भरोसा दिलाया कि पुलिस की टीमें छानबीन में जुटी हैं। हमलावरों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दिलवाई जाएगी। तब जाकर यह लोग माने और शव को वहां से ले जाने दिया। पूर्व प्रधान की बाइक चला रहे युवक को हालांकि फायरिंग में कोई नुकसान नहीं पहुंचा, लेकिन वह भी इस घटना से काफी दहशत में था।
उसका कहना था कि उसे तो तब पता चला जब रामखिलाड़ी बाइक से नीचे गिर गए। उसने पुलिस को हमलावरों की पूरी गतिविधि की जानकारी दी। पुलिस अधिकारी उससे हमलावरों का हुलिया जान रहे थे। मौके का माहौल काफी देर तक परिजनों की चीख-पुकार से गूंजता रहा। परिजनों और ग्रामीणों के गुस्से और विरोध को देखते हुए मौके पर आसपास के अन्य थानों की पुलिस के अलावा पीएसी भी बुलानी पड़ी। सुरक्षा घेरा एकदम सख्त कर दिया गया।
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रंजिश में हत्या के लगाए जा रहे कयास
सिकंदराराऊ। पूर्व प्रधान रामखिलाड़ी कई दशक पूर्व गिनौली किशनुपर निवासी रमेश यादव और बाद में उनके पिता रघुवीर सिंह की हत्या में नामजद थे, लेकिन वह सभी केस समाप्त हो गए। अब आशंका जताई जा रही है कि किसी रंजिश में हो सकता है कि यह घटना हुई हो। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं पर छानबीन कर रही है। संवाद
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कमालपुर के पूर्व प्रधान रामखिलाड़ी की सरे राह गोलियों से भूनकर हुई हत्या के बाद मौके पर काफी देर तक अफरा-तफरी और दहशत का माहौल रहा। सूचना मिलने के बाद जब मृतक के परिजन मौके पर पहुंचे तो वहां गम के साथ गुस्सा भी उमड़ पड़ा। आलम यह था कि आक्रोशित परिजनों ने करीब दो घंटे तक पुलिस को शव के पास नहीं फटकने दिया। पुलिस अधिकारी काफी देर तक इन लोगों को समझाते रहे कि अगर कार्रवाई में देरी होगी तो हमलावर पकड़ से दूर निकल जाएंगे।
पुलिस अधिकारियों ने उन्हें बार-बार भरोसा दिलाया कि पुलिस की टीमें छानबीन में जुटी हैं। हमलावरों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दिलवाई जाएगी। तब जाकर यह लोग माने और शव को वहां से ले जाने दिया। पूर्व प्रधान की बाइक चला रहे युवक को हालांकि फायरिंग में कोई नुकसान नहीं पहुंचा, लेकिन वह भी इस घटना से काफी दहशत में था।
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उसका कहना था कि उसे तो तब पता चला जब रामखिलाड़ी बाइक से नीचे गिर गए। उसने पुलिस को हमलावरों की पूरी गतिविधि की जानकारी दी। पुलिस अधिकारी उससे हमलावरों का हुलिया जान रहे थे। मौके का माहौल काफी देर तक परिजनों की चीख-पुकार से गूंजता रहा। परिजनों और ग्रामीणों के गुस्से और विरोध को देखते हुए मौके पर आसपास के अन्य थानों की पुलिस के अलावा पीएसी भी बुलानी पड़ी। सुरक्षा घेरा एकदम सख्त कर दिया गया।
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रंजिश में हत्या के लगाए जा रहे कयास
सिकंदराराऊ। पूर्व प्रधान रामखिलाड़ी कई दशक पूर्व गिनौली किशनुपर निवासी रमेश यादव और बाद में उनके पिता रघुवीर सिंह की हत्या में नामजद थे, लेकिन वह सभी केस समाप्त हो गए। अब आशंका जताई जा रही है कि किसी रंजिश में हो सकता है कि यह घटना हुई हो। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं पर छानबीन कर रही है। संवाद