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हाथरस: सरकारी आदेश पर अमल शुरू, अब पैदल और ट्रकों से नहीं जाएंगे प्रवासी
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हाथरस: नगर के केजीएन आइसोलेशन सेंटर से घर जाने के लिए जमा प्रवासियों की भीड़।
- फोटो : SIKANDHRA RAHU
न्यूज डेेस्क, अमर उजाला, सिकंदराराऊ (हाथरस)
जीटी रोड पर दिल्ली, एनसीआर तथा अन्य प्रांतों से अपने घर वापस जाने के लिए प्रवासियों को अब पैदल या ट्रक से नहीं जाना पड़ेगा। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद शनिवार को पांच रोडवेज बसों से बिहार तथा पूर्वी उत्तरप्रदेश के सैकड़ों प्रवासी मजदूरों को रवाना किया गया। केजीएन डिग्री कॉलेज में प्रवासियों को जाने तक खाना आदि मिलेगा तथा सभी को प्रारंभिक स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा।
बता दें कि गत सप्ताह से लगातार प्रवासी पैदल, साइकिल, बाइक ट्रकों के द्वारा अपने घर वापस लौट रहे थे। कुछ को समाजसेवी अपने ट्रकों से इस सीमा से दूसरे जिले की सीमा तक भेज रहे थे। उससे आगे उन्हें पैदल यात्रा करनी पड़ रही थी। इसमें इन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। शुक्रवार को प्रदेश सरकार की घोषणा के बाद शनिवार को सुबह से ही कोतवाली पुलिस हरकत में आ गई और पैदल ट्रकों में घर जा रहे प्रवासियों को रोक कर जीटी रोड स्थित केजीएन डिग्री कॉलेज आइसोलेशन सेंटर में जमा कराना प्रारंभ कर दिया।
शनिवार की दोपहर में सभी को खाना दिया गया उसके बाद तहसीलदार टीपी सिंह, ईओ पालिका डॉ ब्रजेश कुमार तथा राजस्व कर्मियों ने सभी की लिस्टें बना कर जिला मुख्यालय को भेज दी। समाचार लिखें जाने तक बिहार प्रांत के 170, झारखंड के 13, मध्यप्रदेश के 17, पूर्वी उत्तर प्रदेश 171 की लिस्ट तैयार की गई। इसके अतिरिक्त सायंकाल तक सैकड़ों के जुटने की आशा बताई जा रही थी। तहसीलदार ने बताया कि फिलहाल जिला मुख्यालय से पांच रोडवेज बसें आ रही है।
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इनमें से तीन बिहार के लिए तथा दो पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए रवाना होंगी। जैसे जैसे बसें उपलब्ध होती जाएंगी वैसे वैसे सभी को उनके घरों के लिए रवाना कर दिया जाएगा। जब तक सभी यहां रुकेंगे उनके खाने की आदि की सरकार की तरफ से व्यवस्था होगी। सभी का बारी बारी से स्वास्थ्य परीक्षण भी किया जाएगा।
चेहरे पर नजर आए संतुष्टि के भाव
सैकड़ों प्रवासी की भीड़ जिनमें महिलाएं तथा बच्चों के चेहरे पर यह जान कर कि उन्हें रोडवेज बसों से भेजा जाएगा संतुष्टि के भाव नजर आए। महिलाएं जो कि काफी परेशान थी तथा उन्हें विश्वास नहीं हो रहा था कि बसों का इंतजाम हो जाएगा बसों को देख कर प्रसन्न नजर आ रही थी। महिलाओं का कहना था कि जिस तरह पैदल परेशानी झेल कर वे यहां तक पहुंची है हालात का वर्णन नहीं किया जा सकता है। उन लोगों को महिलाओं ने धन्यवाद दिया जिन्होंने रास्ते में उनके लिए खाने पीने की व्यवस्था की। एसडीएम विजय शर्मा का कहना था कि शासन के निर्देश के अनुसार सभी को उनके घरों तक भेजा जाएगा।
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जीटी रोड पर दिल्ली, एनसीआर तथा अन्य प्रांतों से अपने घर वापस जाने के लिए प्रवासियों को अब पैदल या ट्रक से नहीं जाना पड़ेगा। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद शनिवार को पांच रोडवेज बसों से बिहार तथा पूर्वी उत्तरप्रदेश के सैकड़ों प्रवासी मजदूरों को रवाना किया गया। केजीएन डिग्री कॉलेज में प्रवासियों को जाने तक खाना आदि मिलेगा तथा सभी को प्रारंभिक स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा।
बता दें कि गत सप्ताह से लगातार प्रवासी पैदल, साइकिल, बाइक ट्रकों के द्वारा अपने घर वापस लौट रहे थे। कुछ को समाजसेवी अपने ट्रकों से इस सीमा से दूसरे जिले की सीमा तक भेज रहे थे। उससे आगे उन्हें पैदल यात्रा करनी पड़ रही थी। इसमें इन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। शुक्रवार को प्रदेश सरकार की घोषणा के बाद शनिवार को सुबह से ही कोतवाली पुलिस हरकत में आ गई और पैदल ट्रकों में घर जा रहे प्रवासियों को रोक कर जीटी रोड स्थित केजीएन डिग्री कॉलेज आइसोलेशन सेंटर में जमा कराना प्रारंभ कर दिया।
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शनिवार की दोपहर में सभी को खाना दिया गया उसके बाद तहसीलदार टीपी सिंह, ईओ पालिका डॉ ब्रजेश कुमार तथा राजस्व कर्मियों ने सभी की लिस्टें बना कर जिला मुख्यालय को भेज दी। समाचार लिखें जाने तक बिहार प्रांत के 170, झारखंड के 13, मध्यप्रदेश के 17, पूर्वी उत्तर प्रदेश 171 की लिस्ट तैयार की गई। इसके अतिरिक्त सायंकाल तक सैकड़ों के जुटने की आशा बताई जा रही थी। तहसीलदार ने बताया कि फिलहाल जिला मुख्यालय से पांच रोडवेज बसें आ रही है।
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इनमें से तीन बिहार के लिए तथा दो पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए रवाना होंगी। जैसे जैसे बसें उपलब्ध होती जाएंगी वैसे वैसे सभी को उनके घरों के लिए रवाना कर दिया जाएगा। जब तक सभी यहां रुकेंगे उनके खाने की आदि की सरकार की तरफ से व्यवस्था होगी। सभी का बारी बारी से स्वास्थ्य परीक्षण भी किया जाएगा।
चेहरे पर नजर आए संतुष्टि के भाव
सैकड़ों प्रवासी की भीड़ जिनमें महिलाएं तथा बच्चों के चेहरे पर यह जान कर कि उन्हें रोडवेज बसों से भेजा जाएगा संतुष्टि के भाव नजर आए। महिलाएं जो कि काफी परेशान थी तथा उन्हें विश्वास नहीं हो रहा था कि बसों का इंतजाम हो जाएगा बसों को देख कर प्रसन्न नजर आ रही थी। महिलाओं का कहना था कि जिस तरह पैदल परेशानी झेल कर वे यहां तक पहुंची है हालात का वर्णन नहीं किया जा सकता है। उन लोगों को महिलाओं ने धन्यवाद दिया जिन्होंने रास्ते में उनके लिए खाने पीने की व्यवस्था की। एसडीएम विजय शर्मा का कहना था कि शासन के निर्देश के अनुसार सभी को उनके घरों तक भेजा जाएगा।