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हाथरस : मंडी में लगे अधिक क्षमता का कांटा, पेयजल की हो व्यवस्था
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संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
हाथरस मंडी समिति में इन दिनों समस्याओं का अंबार है। वहां लगा धर्मकांटा आढ़तियों फसलों की तुलाई नहीं कर पा रहा है। वहीं गर्मी में पेयजल के लिए मुश्किलों से जूझना पड़ रहा है। इस कारण आढ़तियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार को मंडी पहुंचे डीडी व डीडीसी के समक्ष व्यापारियों ने समस्या रखी। अफसरों ने जल्द समस्या दूर करने का आश्वासन दिया।
सोमवार की दोपहर को डीडी सत्यवीर सिंह डीडीसी श्याम सिंह मंडी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने आढ़तियां एसोसिएशन के पदाधिकारियों से वार्ता की। आढ़तिया उमाशंकर वार्ष्णेय, प्रवीन वार्ष्णेय आदि ने अफसरों ने कहा कि यहां पर वर्तमान में पचास टन क्षमता का कांटा लगा हुआ है।
इसकी क्षमता वृद्धि कराते हुए 120 टन किया जाए। वहीं हैंडपंप खराब पड़े हैं। मंडी से जो पांच हैंडंपप का प्रस्ताव भेजा गया है, उसे पास करते हुए हैंडपंप लगवाए जाएं। ताकि गर्मी में किसानों व आढ़तियों को पर्याप्त जल मिल सके।
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हाथरस मंडी समिति में इन दिनों समस्याओं का अंबार है। वहां लगा धर्मकांटा आढ़तियों फसलों की तुलाई नहीं कर पा रहा है। वहीं गर्मी में पेयजल के लिए मुश्किलों से जूझना पड़ रहा है। इस कारण आढ़तियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार को मंडी पहुंचे डीडी व डीडीसी के समक्ष व्यापारियों ने समस्या रखी। अफसरों ने जल्द समस्या दूर करने का आश्वासन दिया।
सोमवार की दोपहर को डीडी सत्यवीर सिंह डीडीसी श्याम सिंह मंडी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने आढ़तियां एसोसिएशन के पदाधिकारियों से वार्ता की। आढ़तिया उमाशंकर वार्ष्णेय, प्रवीन वार्ष्णेय आदि ने अफसरों ने कहा कि यहां पर वर्तमान में पचास टन क्षमता का कांटा लगा हुआ है।
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इसकी क्षमता वृद्धि कराते हुए 120 टन किया जाए। वहीं हैंडपंप खराब पड़े हैं। मंडी से जो पांच हैंडंपप का प्रस्ताव भेजा गया है, उसे पास करते हुए हैंडपंप लगवाए जाएं। ताकि गर्मी में किसानों व आढ़तियों को पर्याप्त जल मिल सके।
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