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हाथरस : पहले मची अफरा-तफरी और फिर छाया मातम
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हाथरस : अग्निकांड के बाद मौके पर जानकारी लेते पुलिस अधिकारी। संवाद
- फोटो : HATHRAS
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस जंक्शन क्षेत्र के गांव छौंक में हुए अग्निकांड से पहले गांव में अफरा-तफरी का माहौल रहा और उसके बाद मातम छाया रहा। मंगलवार की शाम करीब सात बजे जब ग्रामीणों ने विनोद के घर से आग की लपटें उठती देखीं तो एकबारगी उनकी समझ में यह नहीं आया कि आखिर क्या हुआ है, लेकिन जब यह लपटें तेज हो गईं और अंदर से चीखने चिल्लाने की आवाज आने लगीं तो ग्रामीण पूरा माजरा समझ गए।
ग्रामीणों ने आग पर काबू पाना शुरू कर दिया। दोनो मां-बेटों को आग की लपटों से निकालने के लिए दरवाजे भी तोड़ दिए, लेकिन तब तक दोनों को आग पूरी तरह से जकड़ चुकी थी। तदुपरांत जैसे-तैसे आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी।
बताते हैं कि विटमन देवी बीमार रहती थीं और जब आग लगी, तब उनका बेटा विनोद उनके लिए खाना बना रहा था। बताते हैं कि इस परिवार के दो सदस्य मां-बेटे ही गांव में रहते थे। विनोद के पिता और भाई की पहले ही मौत हो चुकी है। अब इन दोनों की भी मौत हो गई। परिवार आर्थिक रूप से काफी कमजोर था और विनोद मानसिक अस्वस्थ भी था। जैसे-तैसे दोनों मां-बेटे गुजारा करते थे। संवाद
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हाथरस जंक्शन क्षेत्र के गांव छौंक में हुए अग्निकांड से पहले गांव में अफरा-तफरी का माहौल रहा और उसके बाद मातम छाया रहा। मंगलवार की शाम करीब सात बजे जब ग्रामीणों ने विनोद के घर से आग की लपटें उठती देखीं तो एकबारगी उनकी समझ में यह नहीं आया कि आखिर क्या हुआ है, लेकिन जब यह लपटें तेज हो गईं और अंदर से चीखने चिल्लाने की आवाज आने लगीं तो ग्रामीण पूरा माजरा समझ गए।
ग्रामीणों ने आग पर काबू पाना शुरू कर दिया। दोनो मां-बेटों को आग की लपटों से निकालने के लिए दरवाजे भी तोड़ दिए, लेकिन तब तक दोनों को आग पूरी तरह से जकड़ चुकी थी। तदुपरांत जैसे-तैसे आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी।
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बताते हैं कि विटमन देवी बीमार रहती थीं और जब आग लगी, तब उनका बेटा विनोद उनके लिए खाना बना रहा था। बताते हैं कि इस परिवार के दो सदस्य मां-बेटे ही गांव में रहते थे। विनोद के पिता और भाई की पहले ही मौत हो चुकी है। अब इन दोनों की भी मौत हो गई। परिवार आर्थिक रूप से काफी कमजोर था और विनोद मानसिक अस्वस्थ भी था। जैसे-तैसे दोनों मां-बेटे गुजारा करते थे। संवाद
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