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हाथरस : कृषि कानूनों के विरोध में यहां भी कई बार सड़क पर उतरे थे किसान
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हाथरस : दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों के साथ धरना-प्रदर्शन में शामिल मुरसान का किसान शैलेंद
- फोटो : MURSAN
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा पर किसान संगठनों के नेताओं ने काफी खुशी जताई है। जिले में भी किसान संगठनों ने कृषि कानूनों के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया था। ट्रैक्टर रैलियां भी निकाली थी। कलेक्ट्रेट का घेराव भी किया था।
यहां के आंदोलित किसान दिल्ली बार्डर पर धरना व प्रदर्शन में भाग लेने के लिए भी गए थे और वहां भाकियू को समर्थन दिया था। कई बार किसानों ने यहां प्रदर्शन किया था।
जब-जब दिल्ली में कोई आंदोलन होता या किसान नेता वहां से किसी आंदोलन की घोषणा करते तो यहां के किसान नेताओं को लेकर प्रशासन काफी सतर्क हो जाता था। कई बार इन किसान नेताओं को नजरबंद भी किया गया था। इसमें भाकियू के जिलाध्यक्ष मलखान सिंह सहित कई किसान नेता शा मिल थे। इन नेताओं ने अब प्रधानमंत्री की घोषणा पर खुशी जताई है। संवाद
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कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा पर किसान संगठनों के नेताओं ने काफी खुशी जताई है। जिले में भी किसान संगठनों ने कृषि कानूनों के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया था। ट्रैक्टर रैलियां भी निकाली थी। कलेक्ट्रेट का घेराव भी किया था।
यहां के आंदोलित किसान दिल्ली बार्डर पर धरना व प्रदर्शन में भाग लेने के लिए भी गए थे और वहां भाकियू को समर्थन दिया था। कई बार किसानों ने यहां प्रदर्शन किया था।
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जब-जब दिल्ली में कोई आंदोलन होता या किसान नेता वहां से किसी आंदोलन की घोषणा करते तो यहां के किसान नेताओं को लेकर प्रशासन काफी सतर्क हो जाता था। कई बार इन किसान नेताओं को नजरबंद भी किया गया था। इसमें भाकियू के जिलाध्यक्ष मलखान सिंह सहित कई किसान नेता शा मिल थे। इन नेताओं ने अब प्रधानमंत्री की घोषणा पर खुशी जताई है। संवाद
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