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हाथरस : धान की नर्सरी तैयार करने में जुटे किसान
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
प्री-मानसून की आहट होते ही क्षेत्र के किसानों ने धान की नर्सरी की तैयारी शुरू कर दी है। इन-दिनों बीज विक्रेताओं की दुकानों पर किसानों की भीड़ धान का बीज खरीदते हुए देखी जा रही है। पौध तैयार होते ही धान की रोपाई शुरू हो जाएगी।
किसानों को मानसून की बारिश अच्छी होने की उम्मीद अभी से दिखने लगी है। मौसम के रुख को भांपकर किसान धान की पैदावार करने के लिए अभी से सक्रिय हो गए है। धान की फसल की रोपाई में अभी कुछ दिन का वक्त बाकी है, लेकिन रोपाई से पहले किसान नर्सरी तैयार कर रहे हैं। गांव पिलखुनियां निवासी किसान गौरीशंकर वर्मा ने बताया कि धान की रोपाई समय से हो जाने पर अच्छी फसल होने की संभावना रहती है। संवाद
ये है धान की नर्सरी तैयार करने का तरीका
कृषि वैज्ञानिक डॉ. एसआर सिंह ने बताया कि एक एकड़ जमीन के लिए दो किलोग्राम बीज लें। तैरते हुए बीजों को निकालकर फेंक दें, क्योंकि वह खराब हैं। स्वस्थ बीजों से नमक को हटाने के लिए साफ पानी से धोएं। कार्बेन्डाजाइम से बीज को उपचारित करें। जमीन से चार इंच ऊंची नर्सरी तैयार करें, जिसके चारों ओर नाली हो। नर्सरी में गोबर की खाद अथवा केंचुआ खाद डालकर भुरभुरा बनाएं। नर्सरी की सिंचाई करें। सिंचाई के बाद उनमें बीज का छिड़काव करें। उच्च गुणवत्ता के बीज, स्वस्थ एवं रोग रहित नर्सरी के लिए महत्वपूर्ण हैं। अच्छी नर्सरी तैयार करने के लिए हमें कुल खेत का आठ से दसवां भाग उपयोग में लाना चाहिए, जिससे नर्सरी विरल एवं किल्लेयुक्त हो। साथ ही खरपतवार नियंत्रण पर भी विशेष ध्यान देना होता है। स्टेल तकनीक (समय पूर्व सिंचाई) से खरपतवारों को उगाकर जोताई के माध्यम से नष्ट कर देना चाहिए। बीजों का चुनाव क्षेत्रवार एवं अवधि को ध्यान में रखकर करना चाहिए।
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प्री-मानसून की आहट होते ही क्षेत्र के किसानों ने धान की नर्सरी की तैयारी शुरू कर दी है। इन-दिनों बीज विक्रेताओं की दुकानों पर किसानों की भीड़ धान का बीज खरीदते हुए देखी जा रही है। पौध तैयार होते ही धान की रोपाई शुरू हो जाएगी।
किसानों को मानसून की बारिश अच्छी होने की उम्मीद अभी से दिखने लगी है। मौसम के रुख को भांपकर किसान धान की पैदावार करने के लिए अभी से सक्रिय हो गए है। धान की फसल की रोपाई में अभी कुछ दिन का वक्त बाकी है, लेकिन रोपाई से पहले किसान नर्सरी तैयार कर रहे हैं। गांव पिलखुनियां निवासी किसान गौरीशंकर वर्मा ने बताया कि धान की रोपाई समय से हो जाने पर अच्छी फसल होने की संभावना रहती है। संवाद
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ये है धान की नर्सरी तैयार करने का तरीका
कृषि वैज्ञानिक डॉ. एसआर सिंह ने बताया कि एक एकड़ जमीन के लिए दो किलोग्राम बीज लें। तैरते हुए बीजों को निकालकर फेंक दें, क्योंकि वह खराब हैं। स्वस्थ बीजों से नमक को हटाने के लिए साफ पानी से धोएं। कार्बेन्डाजाइम से बीज को उपचारित करें। जमीन से चार इंच ऊंची नर्सरी तैयार करें, जिसके चारों ओर नाली हो। नर्सरी में गोबर की खाद अथवा केंचुआ खाद डालकर भुरभुरा बनाएं। नर्सरी की सिंचाई करें। सिंचाई के बाद उनमें बीज का छिड़काव करें। उच्च गुणवत्ता के बीज, स्वस्थ एवं रोग रहित नर्सरी के लिए महत्वपूर्ण हैं। अच्छी नर्सरी तैयार करने के लिए हमें कुल खेत का आठ से दसवां भाग उपयोग में लाना चाहिए, जिससे नर्सरी विरल एवं किल्लेयुक्त हो। साथ ही खरपतवार नियंत्रण पर भी विशेष ध्यान देना होता है। स्टेल तकनीक (समय पूर्व सिंचाई) से खरपतवारों को उगाकर जोताई के माध्यम से नष्ट कर देना चाहिए। बीजों का चुनाव क्षेत्रवार एवं अवधि को ध्यान में रखकर करना चाहिए।
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