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हाथरस : चेयरमैन से सात दिन में ही मांगा स्पष्टीकरण
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
शासन ने नगर पालिकाध्यक्ष आशीष शर्मा को स्पष्टीकरण देने के लिए एक माह का समय देने के इंकार कर दिया है। शासन ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि सात दिन के अंदर उन्होंने नोटिस का स्पष्टीकरण नहीं दिया तो उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
उल्लेखनीय है कि शहर में तालाब के सौंदर्यीकरण, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की आपूर्ति, ठंडे पानी के विक्रय के मामलों में की गई शिकायतों पर जांच के उपरांत शासन ने नगर पालिकाध्यक्ष आशीष शर्मा को नोटिस दिया था और उनसे सात दिन के अंदर जवाब मांगा था।
साथ ही यह भी कहा गया है कि यदि सात दिन के अंदर जवाब नहीं दिया तो उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। नोटिस जांच रिपोर्ट के आधार पर दिया गया है और जांच रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया वित्तीय अनियमितता की बात कही गई है।
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इसे लेकर नगर पालिकाध्यक्ष आशीष शर्मा ने अपना जवाब दाखिल करने के लिए एक माह का समय मांगा था, लेकिन शासन ने इससे इंकार कर दिया है। विशेष सचिव सुनील कुमार चौधरी ने नगर पालिकाध्यक्ष को भेजे पत्र में कहा है कि यदि सात दिन के अंदर स्पष्टीकरण नहीं दिया तो यह समझा जाएगा कि आपको इस सिलसिले में कुछ नहीं कहना और मामले में उपलब्ध अभिलेखों व गुणदोष के आधार पर उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1916 की धारा 48 की सुसंगत धाराओं के तहत आपके विरुद्ध कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। संवाद
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शासन ने नगर पालिकाध्यक्ष आशीष शर्मा को स्पष्टीकरण देने के लिए एक माह का समय देने के इंकार कर दिया है। शासन ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि सात दिन के अंदर उन्होंने नोटिस का स्पष्टीकरण नहीं दिया तो उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
उल्लेखनीय है कि शहर में तालाब के सौंदर्यीकरण, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की आपूर्ति, ठंडे पानी के विक्रय के मामलों में की गई शिकायतों पर जांच के उपरांत शासन ने नगर पालिकाध्यक्ष आशीष शर्मा को नोटिस दिया था और उनसे सात दिन के अंदर जवाब मांगा था।
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साथ ही यह भी कहा गया है कि यदि सात दिन के अंदर जवाब नहीं दिया तो उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। नोटिस जांच रिपोर्ट के आधार पर दिया गया है और जांच रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया वित्तीय अनियमितता की बात कही गई है।
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इसे लेकर नगर पालिकाध्यक्ष आशीष शर्मा ने अपना जवाब दाखिल करने के लिए एक माह का समय मांगा था, लेकिन शासन ने इससे इंकार कर दिया है। विशेष सचिव सुनील कुमार चौधरी ने नगर पालिकाध्यक्ष को भेजे पत्र में कहा है कि यदि सात दिन के अंदर स्पष्टीकरण नहीं दिया तो यह समझा जाएगा कि आपको इस सिलसिले में कुछ नहीं कहना और मामले में उपलब्ध अभिलेखों व गुणदोष के आधार पर उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1916 की धारा 48 की सुसंगत धाराओं के तहत आपके विरुद्ध कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। संवाद