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हाथरस: लॉकडाउन-2 में उद्योगों के संचालन में छूट के बाद भी असमंजस में उद्यमी
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हाथरस: लॉकडाउन के चलते औद्योगिक क्षेत्र में पसरा सन्नाटा व फैक्टरियों पर लगे ताले।
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
लॉकडाउन 2 में शासन व प्रशासन से उद्योगों के संचालन को लेकर मिली छूट के बाद भी अभी व्यापारी असमंजस की स्थिति में हैं। इस कारण औद्योगिक आस्थान में बनी ज्यादातर फैक्टरियों में अभी तक कामकाज शुरू नहीं हो सका है। इस कारण पूरे क्षेत्र में सन्नाटा पसरा हुआ है। जिला प्रशासन के आंकड़ों की बात करें तो अभी तक महज एक दर्जन फैक्टरी संचालकों ने अपने यहां कार्य करने वाले मजदूरों की सूची उपलब्ध कराई, लेकिन इन फैक्टरियों में कार्य शुरू हुआ है या नहीं। इसकी कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।
कोरोना महामारी के दौरान लॉकडाउन 2 में शासन के निर्देशों पर उद्योगों के संचालन में रियायत दी गई है। इसके तहत फैक्टरी संचालक अपनी फैक्टरी में 10 मजदूरों से काम करा सकता था, ताकि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराया जा सके। जिला प्रशासन ने इसे लेकर उद्यमियों के साथ बैठक भी की थी और फैक्टरी संचालन के लिए मिलने वाली छूट के बारे में जानकारी दी थी। इस छूट ने यहां के उद्यमियों को विशेष राहत प्रदान नहीं दी है।
इस कारण औद्योगिक आस्थान में बनी ज्यादातर फैक्टरियां पूरी तरह बंद रहीं। एडीएम जेपी सिंह ने बताया कि एक दर्जन फैक्टरी संचालकों ने अपने यहां काम शुरू करने के लिए आने वाले मजदूरों की सूची दी है। इन फैक्टरियों में काम शुरू हो पाया है या नहीं। इसका भौतिक सत्यापन कराया जाएगा। उद्यमियों को बैठक कर छूट के बारे में जानकारी दे दी गई थी।
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लॉकडाउन 2 में शासन व प्रशासन से उद्योगों के संचालन को लेकर मिली छूट के बाद भी अभी व्यापारी असमंजस की स्थिति में हैं। इस कारण औद्योगिक आस्थान में बनी ज्यादातर फैक्टरियों में अभी तक कामकाज शुरू नहीं हो सका है। इस कारण पूरे क्षेत्र में सन्नाटा पसरा हुआ है। जिला प्रशासन के आंकड़ों की बात करें तो अभी तक महज एक दर्जन फैक्टरी संचालकों ने अपने यहां कार्य करने वाले मजदूरों की सूची उपलब्ध कराई, लेकिन इन फैक्टरियों में कार्य शुरू हुआ है या नहीं। इसकी कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।
कोरोना महामारी के दौरान लॉकडाउन 2 में शासन के निर्देशों पर उद्योगों के संचालन में रियायत दी गई है। इसके तहत फैक्टरी संचालक अपनी फैक्टरी में 10 मजदूरों से काम करा सकता था, ताकि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराया जा सके। जिला प्रशासन ने इसे लेकर उद्यमियों के साथ बैठक भी की थी और फैक्टरी संचालन के लिए मिलने वाली छूट के बारे में जानकारी दी थी। इस छूट ने यहां के उद्यमियों को विशेष राहत प्रदान नहीं दी है।
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इस कारण औद्योगिक आस्थान में बनी ज्यादातर फैक्टरियां पूरी तरह बंद रहीं। एडीएम जेपी सिंह ने बताया कि एक दर्जन फैक्टरी संचालकों ने अपने यहां काम शुरू करने के लिए आने वाले मजदूरों की सूची दी है। इन फैक्टरियों में काम शुरू हो पाया है या नहीं। इसका भौतिक सत्यापन कराया जाएगा। उद्यमियों को बैठक कर छूट के बारे में जानकारी दे दी गई थी।
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