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हाथरस : प्रतापगढ़ में नायब नाजिर की मौत से गुस्साए कर्मचारियों ने की तालाबंदी
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संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
प्रतापगढ़ में नायब नाजिर के साथ हुई घटना में मौत के मामले में सोमवार को कलेक्ट्रेट व तहसील कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। मौके पर सभी तहसीलों व कलेक्ट्रेट के कार्यालयों में तालाबंदी रही। कर्मचारियों ने उक्त घटना में आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर ओसी कलेक्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा।
कर्मचारियों ने कहा कि प्रतापगढ़ की तहसील लालगंज में सुनील कुमार शर्मा वरिष्ठ सहायक के पद पर तैनात था। उन्होंने कहा कि उपजिलाधिकारी लालगंज द्वारा वरिष्ठ सहायक को पीट-पीट कर अधमरा किया गया। उसके बाद दो अप्रैल की शाम को उसकी मौत हो गई।
इस प्रकरण में जिला चिकित्सालय के सभी डॉक्टर एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी भी पूर्ण रूप से इस कुकृत्य के सहभागी है। इस मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। जिससे पूरे प्रदेश के कर्मचारियों में रोष व्याप्त है। पूरे प्रदेश का कर्मचारी इस घटना से भयभीत है तथा अपने को असुरक्षित महसूस कर रहा है।
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कर्मचारियों ने कहा कि आरोपी की गिरफ्तारी न होने से यह स्पष्ट होता है कि सरकार में गुंडा राज कायम है। किसी भी अधिकारी को अपने कर्मचारी से मारपीट एवं हिंसक वारदात करने का अधिकार नहीं है। यह कृत्य शासन व प्रशासन की छवि खराब कर रहा है।
ज्ञापन के जरिए मांग की है कि आरोपी ज्ञानेंद्र विक्रम सिंह यादव की तत्काल गिरफ्तारी कर उन्हें सेवा से बर्खास्त किया जाए। मृतक सुनील कुमार शर्मा के आश्रितों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। मृतक सुनील कुमार शर्मा के आश्रितों को तत्काल सेवायोजित किया जाए। मौके पर शशिकांत गौतम, सचिन उपाध्याय, सुनील गौतम, मुकुट बिहारी, प्रताप चौधरी, शीतल शर्मा, आदि मौजूद थे।
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प्रतापगढ़ में नायब नाजिर के साथ हुई घटना में मौत के मामले में सोमवार को कलेक्ट्रेट व तहसील कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। मौके पर सभी तहसीलों व कलेक्ट्रेट के कार्यालयों में तालाबंदी रही। कर्मचारियों ने उक्त घटना में आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर ओसी कलेक्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा।
कर्मचारियों ने कहा कि प्रतापगढ़ की तहसील लालगंज में सुनील कुमार शर्मा वरिष्ठ सहायक के पद पर तैनात था। उन्होंने कहा कि उपजिलाधिकारी लालगंज द्वारा वरिष्ठ सहायक को पीट-पीट कर अधमरा किया गया। उसके बाद दो अप्रैल की शाम को उसकी मौत हो गई।
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इस प्रकरण में जिला चिकित्सालय के सभी डॉक्टर एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी भी पूर्ण रूप से इस कुकृत्य के सहभागी है। इस मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। जिससे पूरे प्रदेश के कर्मचारियों में रोष व्याप्त है। पूरे प्रदेश का कर्मचारी इस घटना से भयभीत है तथा अपने को असुरक्षित महसूस कर रहा है।
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कर्मचारियों ने कहा कि आरोपी की गिरफ्तारी न होने से यह स्पष्ट होता है कि सरकार में गुंडा राज कायम है। किसी भी अधिकारी को अपने कर्मचारी से मारपीट एवं हिंसक वारदात करने का अधिकार नहीं है। यह कृत्य शासन व प्रशासन की छवि खराब कर रहा है।
ज्ञापन के जरिए मांग की है कि आरोपी ज्ञानेंद्र विक्रम सिंह यादव की तत्काल गिरफ्तारी कर उन्हें सेवा से बर्खास्त किया जाए। मृतक सुनील कुमार शर्मा के आश्रितों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। मृतक सुनील कुमार शर्मा के आश्रितों को तत्काल सेवायोजित किया जाए। मौके पर शशिकांत गौतम, सचिन उपाध्याय, सुनील गौतम, मुकुट बिहारी, प्रताप चौधरी, शीतल शर्मा, आदि मौजूद थे।