{"_id":"61ddd53fc148d962d74e3123","slug":"hathras-electricity-crisis-in-the-city-and-countryside-till-noon-hathras-news-ali2828775125","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाथरस : शहर व देहात में दोपहर तक रहा बिजली संकट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथरस : शहर व देहात में दोपहर तक रहा बिजली संकट
विज्ञापन
हाथरस : कोहरे में लाइट जलाकर चलते वाहन। संवाद
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
मीतई सबस्टेशन में मंगलवार की सुबह मरम्मत का काम चला। इस कारण सुबह से दोपहर तक शहर से देहात तक कई घंटे बिजली गुल रही। बिना बिजली के लोगों को मुकिश्लों से जूझना पड़ा। दोपहर में करीब साढ़े बाहर बजे बिजली आने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
उल्लेखनीय है सर्दियों में बिजली विभाग द्वारा पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने के लिए सबस्टेशनों की समय-समय पर मरम्मत की जा रही है। मंगलवार की सुबह आठ बजे से मीतई सबस्टेशन में मरम्मत काम की शुरुआत हुई। इस कारण गिजरौली, वाटर वर्क्स, चंदपा, कोटा आदि सबस्टेशनों से निकलने वाले फीडरों की आपूर्ति दोपहर साढ़े 12 बजे तक बाधित रही।
बिना बिजली के लोग जरुरी कामकाज नहीं कर सके। लोगों के घरों में लगे विद्युत उपकरण शोपीस बने रहे। कारखानों में मशीनें थमी रहीं। घरों में बनी पानी की टंकियां भी खाली हो गईं। लोग बिजली आने का इंतजार करते रहे। दोपहर को साढ़े 12 बजे बिजली आपूर्ति सुचारु हुई। लोगों ने अपने कामकाज को निपटाया। कई घंटे बिजली गुल होने के कारण लोगों को काफी दिक्कतों से जूझना पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन
मीतई सबस्टेशन में मंगलवार की सुबह मरम्मत का काम चला। इस कारण सुबह से दोपहर तक शहर से देहात तक कई घंटे बिजली गुल रही। बिना बिजली के लोगों को मुकिश्लों से जूझना पड़ा। दोपहर में करीब साढ़े बाहर बजे बिजली आने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
उल्लेखनीय है सर्दियों में बिजली विभाग द्वारा पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने के लिए सबस्टेशनों की समय-समय पर मरम्मत की जा रही है। मंगलवार की सुबह आठ बजे से मीतई सबस्टेशन में मरम्मत काम की शुरुआत हुई। इस कारण गिजरौली, वाटर वर्क्स, चंदपा, कोटा आदि सबस्टेशनों से निकलने वाले फीडरों की आपूर्ति दोपहर साढ़े 12 बजे तक बाधित रही।
विज्ञापन
बिना बिजली के लोग जरुरी कामकाज नहीं कर सके। लोगों के घरों में लगे विद्युत उपकरण शोपीस बने रहे। कारखानों में मशीनें थमी रहीं। घरों में बनी पानी की टंकियां भी खाली हो गईं। लोग बिजली आने का इंतजार करते रहे। दोपहर को साढ़े 12 बजे बिजली आपूर्ति सुचारु हुई। लोगों ने अपने कामकाज को निपटाया। कई घंटे बिजली गुल होने के कारण लोगों को काफी दिक्कतों से जूझना पड़ा।
विज्ञापन