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हाथरस : ठेकेदारों के कार्य बहिष्कार से सड़कों की गड्ढामुक्ति का काम लटका
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हाथरस : लोक निर्माण विभाग के कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन करते ठेकेदार। संवाद
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
एक तरफ शासन स्तर से जिले की सड़कों को गड्ढामुक्त करने का फरमान जारी कर दिया गया है। 15 नवंबर तक जिले में 300 किलोमीटर सड़कों को गड्ढामुक्त किया जाना है। दूसरी ओर राजकीय ठेकेदार संघ के पदाधिकारियों ने कार्य बहिष्कार करते हुए काम बंद कर दिया है। इस कारण लोगों को अभी जर्जर सड़कों से ही आवागमन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
उल्लेखनीय है कि जिले में बीते दिनों हुई बारिश से सड़कों में गहरे-गहरे गड्ढे हो गए हैं। यह गड्ढे लोगों को आवागमन में दर्द दे रहे हैं। शासन स्तर से सड़कों को गड्ढामुक्त कराने के लिए 15 नवंबर तक की समय सीमा तय की गई है। इधर, राजकीय ठेकेदार संघ के पदाधिकारियों ने मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार कर रखा है।
इससे लोक निर्माण विभाग के अफसरों के सामने सड़कों को गड्ढामुक्त कराने संकट खड़ा हो गया है। संघ के अध्यक्ष किशन सारस्वत का कहना है कि अब तक कार्य बहिष्कार किया गया था। बुधवार से जो ठेकेदार काम कर रहे थे, उन्होंने सर्वसम्मति से काम बंद करने का निर्णय लिया है। उनका कहना था कि जीएसटी का भुगतान किया जाए। उसके बाद काम शुरू किया जाएगा। संवाद
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एक तरफ शासन स्तर से जिले की सड़कों को गड्ढामुक्त करने का फरमान जारी कर दिया गया है। 15 नवंबर तक जिले में 300 किलोमीटर सड़कों को गड्ढामुक्त किया जाना है। दूसरी ओर राजकीय ठेकेदार संघ के पदाधिकारियों ने कार्य बहिष्कार करते हुए काम बंद कर दिया है। इस कारण लोगों को अभी जर्जर सड़कों से ही आवागमन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
उल्लेखनीय है कि जिले में बीते दिनों हुई बारिश से सड़कों में गहरे-गहरे गड्ढे हो गए हैं। यह गड्ढे लोगों को आवागमन में दर्द दे रहे हैं। शासन स्तर से सड़कों को गड्ढामुक्त कराने के लिए 15 नवंबर तक की समय सीमा तय की गई है। इधर, राजकीय ठेकेदार संघ के पदाधिकारियों ने मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार कर रखा है।
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इससे लोक निर्माण विभाग के अफसरों के सामने सड़कों को गड्ढामुक्त कराने संकट खड़ा हो गया है। संघ के अध्यक्ष किशन सारस्वत का कहना है कि अब तक कार्य बहिष्कार किया गया था। बुधवार से जो ठेकेदार काम कर रहे थे, उन्होंने सर्वसम्मति से काम बंद करने का निर्णय लिया है। उनका कहना था कि जीएसटी का भुगतान किया जाए। उसके बाद काम शुरू किया जाएगा। संवाद
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