Hathras: दोहरे हत्याकांड की गुत्थी अनसुलझी, युवक के शव की शिनाख्त नहीं
हाथरस जंक्शन में दोहरे हत्याकांड की गुत्थी अभी तक सुलझ नहीं पाई है। इस महिला की मौत गंभीर चोट और अधिक रक्तस्राव होने की वजह से हुई थी। वहीं मृत युवक के शव की अभी तक शिनाख्त नहीं हो सकी है।
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हाथरस जंक्शन में दोहरे हत्याकांड की गुत्थी अभी तक सुलझ नहीं पाई है। इस महिला की मौत गंभीर चोट और अधिक रक्तस्राव होने की वजह से हुई थी। वहीं मृत युवक के शव की अभी तक शिनाख्त नहीं हो सकी है। शिनाख्त न होने से अभी उसके शव का पोस्टमार्टम नहीं हुआ है।
इधर, पोस्टमार्टम के बाद शव का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया। आखिर इस पूरे घटनाक्रम की क्या वजह रही, यह अभी तक पुलिस स्पष्ट नहीं कर सकी है। पुलिस लगातार छानबीन कर रही है और इस पूरे घटनाक्रम से पर्दा उठाने की कोशिश कर रही लेकिन मृतक की शिनाख्त न होने की वजह से इसमें अड़चन आ रही हैं। इधर, नगला हीरा के निकट मजार पर शुक्रवार को सन्नाटा पसरा रहा।
उल्लेखनीय है कि हाथरस जंक्शन में बीडीओ वाली गली निवासी जमालुद्दीन उर्फ जलालुद्दीन व उसकी पत्नी हसीना बेगम नगला हीरा के निकट स्थित एक मजार की देखभाल करते थे। हसीना बेगम मजार के बाहर ही बताशे, चादर आदि बेचती थीं। बृहस्पतिवार की दोपहर को वहां एक सनसनीखेज वारदात हुई थी। हसीना बेगम (55 वर्ष) मजार के बाहर खून से लथपथ घायल अवस्था में पड़ी थी और मजार के अंदर टिनशेड के पाइप पर एक युवक का शव लटका था। फांसी का फंदा मजार पर चढ़ी चादर को ही बनाया गया था। इस युवक के शरीर पर भी चोट के काफी निशान थे और देखने से यह प्रतीत होता था कि मारपीट के बाद हत्या कर उसके शव को वहां लटकाया गया है।
मौके पर देखने से यह स्पष्ट था कि वारदात करने वाला भी अकेला व्यक्ति नहीं होगा। युवक की हत्या कर उसे फांसी पर लटकाने में कम से कम दो लोग रहे होंगे। इधर, घायल अवस्था में हसीना बेगम को लेकर जब जिला अस्पताल भेजा गया तो उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया था। पुलिस ने इन दोनों शवों को पोस्टमार्टम गृह भिजवाया। मौके पर पुलिस को हैंडपंप का हत्था आदि मिला था।
ऐसा प्रतीत होता था कि इसी का प्रहार हसीना के सिर पर किया गया है। मामला काफी पेचीदा था। इस मामले में मृतका हसीना बेगम के पति जमालुद्दीन व बेटे से काफी देर तक पूछताछ की और फिर उन्हें छोड़ दिया। शुक्रवार को हसीना बेगम के शव का पोस्टमार्टम हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी सिर में लगी गंभीर चोट व अधिक रक्तस्राव की वजह से उसकी मौत होना बताया गया है। पोस्टमार्टम के बाद मृत हसीना बेगम के शव को पुलिस ने उसके परिजनों को सौंप दिया।
तदुपरांत परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इधर, अभी तक मृत युवक के शव की शिनाख्त नहीं हो सकी है। पुलिस ने शुक्रवार को इस युवक की शिनाख्त के काफी प्रयास किए। हाथरस जंक्शन रेलवे स्टेशन पर संपर्क साधा। आसपास के लोगों से भी पूछताछ की लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। अभी इस युवक के शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया है।
इसकी वजह यह है कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति का शव शिनाख्त के लिए 72 घंटे तक रखा जाता है। उसके बाद उसके शव का अंतिम संस्कार किया जाता है। इधर, कोतवाली प्रभारी हाथरस जंक्शन रीतेश कुमार का कहना है कि इस मामले में छानबीन व पूछताछ जारी है। मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जल्द ही पूरे घटनाक्रम का खुलासा होगा।
पति ने दर्ज कराया मुकदमा, अनजान व्यक्ति ने मारा था पत्नी को
हाथरस। इस मामले में मृत हसीना बेगम के पति जमालुद्दीन ने मुकदमा दर्ज कराते हुए कहा है कि वह पिछले 14-15 साल से नगला हीरा के पास मजार की सेवा कर रहा है। 24 नवंबर को वह और उसकी पत्नी मजार पर थे। मजार पर मेरी पत्नी चादर बेच रही थी। वही पड़ोस के राहुल, धर्मवीर, सोनू नल सही कर रहे थे। वहां एक अनजान आदमी भी बैठा था।
दोपहर ढाई बजे मिस्त्री खाना खाने चले गए और मैं चाय पीने के लिए चला गया। थोड़ी देर बाद जब मैं लोटा तो मेरी पत्नी लहूलुहान अवस्था में मजार के पास पड़ी थी। मैंने उसे उठाकर पूछा कि किसने मारा है तो उसने बताया कि यहां जो अनजान आदमी बैठा था, उसी ने मुझे मारा है। मैं अपनी पत्नी को बच्चों की मदद से हाथरस अस्पताल लेकर गया। वहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। फिर मुझे पता चला कि मेरी पत्नी के साथ मारपीट करने वाला अनजान आदमी मजार के अंदर फांसी पर लटका है।