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हाथरस : अमृत महोत्सव में हुई आजादी पर चर्चा
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हाथरस : आरडी डिग्री कॉलेज में कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ करते अतिथि।
- फोटो : HATHRAS
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
आरडी कन्या महाविद्यालय में देश की आजादी की 75 वीं वर्षगांठ के मौके पर अमृत महोत्सव के तहत गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस मौके पर भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की आधुनिक विरासत विषय पर सभी ने विचार व्यक्त किए।
गोष्ठी का शुभारंभ कॉलेज प्रबंध समिति के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद, सचिव प्रदीप गोयल, मुख्य अतिथि प्रो. वेदप्रकाश त्रिपाठी, प्रो. कृष्णा यादव व कॉलेज की प्राचार्य डॉ. मीता कौशल, आइक्यूएसी प्रभारी डॉ. सुषमा यादव ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अंग्रेजी विभाग की डॉ. ललतेश तिवारी ने देश में मनाए जा रहे अमृत महोत्सव के बारे में विस्तार से जानकारी दी। डॉ. शालिनी शर्मा ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की आधुनिक विरासत को हम सभी किस प्रकार संजोकर कर रखें, इसके बारे में बताया। अमीनाबाद लखनऊ की एसोसिएट प्रोफेसर कृष्णा यादव ने कहा कि वह कैसे अपने अंदर राष्ट्र सेवा भाव पैदा करें। अमृत महोत्सव से ज्ञान रूपी बूंदें लेकर अवश्य जाएं, जिनसे वे अपनी और अपने देश की प्रगति में अहम भूमिका निभा सकें।
मुख्य वक्ता प्रो. त्रिपाठी ने कहा कि देश की 75वीं आजादी की वर्षगांठ मना रहे भारतीय सौभाग्यशाली हैं, लेकिन आज भी देश में लगभग 25 फीसदी जनसंख्या गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन को मजबूर है। विश्व के चार सबसे गरीब लोगों में तीन भारतीय हैं। साथ ही साथ हैप्पीनेस इंडेक्स, स्मूथ लाइफ इंडेक्स में हम अपने पड़ोसी देशों से भी पीछे हैं। देश में 75 वर्षों के बाद अपेक्षाकृत सुधार नहीं हुए हैं। आज विकेंद्रीकरण, प्राइवेट और पब्लिक सेक्टर, प्रशासनिक सेवा, न्याय व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवा आदि क्षेत्रों में हम सभी भारतीयों को काफी सुधार करने की आवश्यकता है। संचालन डॉ. अनामिका सिंह ने किया।
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आरडी कन्या महाविद्यालय में देश की आजादी की 75 वीं वर्षगांठ के मौके पर अमृत महोत्सव के तहत गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस मौके पर भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की आधुनिक विरासत विषय पर सभी ने विचार व्यक्त किए।
गोष्ठी का शुभारंभ कॉलेज प्रबंध समिति के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद, सचिव प्रदीप गोयल, मुख्य अतिथि प्रो. वेदप्रकाश त्रिपाठी, प्रो. कृष्णा यादव व कॉलेज की प्राचार्य डॉ. मीता कौशल, आइक्यूएसी प्रभारी डॉ. सुषमा यादव ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अंग्रेजी विभाग की डॉ. ललतेश तिवारी ने देश में मनाए जा रहे अमृत महोत्सव के बारे में विस्तार से जानकारी दी। डॉ. शालिनी शर्मा ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की आधुनिक विरासत को हम सभी किस प्रकार संजोकर कर रखें, इसके बारे में बताया। अमीनाबाद लखनऊ की एसोसिएट प्रोफेसर कृष्णा यादव ने कहा कि वह कैसे अपने अंदर राष्ट्र सेवा भाव पैदा करें। अमृत महोत्सव से ज्ञान रूपी बूंदें लेकर अवश्य जाएं, जिनसे वे अपनी और अपने देश की प्रगति में अहम भूमिका निभा सकें।
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मुख्य वक्ता प्रो. त्रिपाठी ने कहा कि देश की 75वीं आजादी की वर्षगांठ मना रहे भारतीय सौभाग्यशाली हैं, लेकिन आज भी देश में लगभग 25 फीसदी जनसंख्या गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन को मजबूर है। विश्व के चार सबसे गरीब लोगों में तीन भारतीय हैं। साथ ही साथ हैप्पीनेस इंडेक्स, स्मूथ लाइफ इंडेक्स में हम अपने पड़ोसी देशों से भी पीछे हैं। देश में 75 वर्षों के बाद अपेक्षाकृत सुधार नहीं हुए हैं। आज विकेंद्रीकरण, प्राइवेट और पब्लिक सेक्टर, प्रशासनिक सेवा, न्याय व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवा आदि क्षेत्रों में हम सभी भारतीयों को काफी सुधार करने की आवश्यकता है। संचालन डॉ. अनामिका सिंह ने किया।
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