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हाथरस : मांगों को लेकर सीएमओ दफ्तर पर एनएचएम कर्मियों का प्रदर्शन
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हाथरस : सीएमओ कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन करते एनएचएम कर्मी। संवाद
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के बैनर तले स्वास्थ्य कर्मियों ने कार्य बहिष्कार कर मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) दफ्तर परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। यहां अपनी सात सूत्री मांगों को लेकर नारेबाजी की गई।
स्वास्थ्य विभाग में एनएचएम के तहत नियुक्त डॉक्टर्स, एएनएम, आशा व अन्य स्वास्थ्य कर्मी अपनी मांगों लेकर सरकार से मांग रहे हैं, जिसमें उनकी सात मांगें प्रमुख हैं। संविदा कर्मचारियों को अन्य राज्यों की तरह नियमित और स्थायीकरण किए जाने, वेतन पॉलिसी एवं वेतन विसंगति को दूर करने, सातवां वेतन आयोग का लाभ व जॉब सिक्योरिटी, इच्छुक संविदा कर्मचारियों का गैर जनपदीय स्थानांतरण करने, एनएचएम के तहत आउटसोर्स के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों को जिला स्वास्थ्य समिति और राज्य स्वास्थ्य समिति के तहत समायोजित करने, आयुष्मान भारत योजना के तहत संविदा कर्मचारियों को उनके परिवार के सदस्यों लाभ दिए जाने और आशा बहुओं का एक नियत मानदेय निर्धारित किए जाने की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन किया गया।
यहां नारेबाजी करते हुए संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने कहा कि मांगें न माने जाने पर संगठन प्रदेशभर में आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। यदि किसी भी प्रकार से इस दौरान विभागीय कार्य प्रभावित होता है तो उसकी पूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। धरना देने वालों में डॉ. पवन कुमार, डॉ. सतीश, डॉ. सैनी, मालती आदि शामिल थे। संवाद
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उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के बैनर तले स्वास्थ्य कर्मियों ने कार्य बहिष्कार कर मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) दफ्तर परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। यहां अपनी सात सूत्री मांगों को लेकर नारेबाजी की गई।
स्वास्थ्य विभाग में एनएचएम के तहत नियुक्त डॉक्टर्स, एएनएम, आशा व अन्य स्वास्थ्य कर्मी अपनी मांगों लेकर सरकार से मांग रहे हैं, जिसमें उनकी सात मांगें प्रमुख हैं। संविदा कर्मचारियों को अन्य राज्यों की तरह नियमित और स्थायीकरण किए जाने, वेतन पॉलिसी एवं वेतन विसंगति को दूर करने, सातवां वेतन आयोग का लाभ व जॉब सिक्योरिटी, इच्छुक संविदा कर्मचारियों का गैर जनपदीय स्थानांतरण करने, एनएचएम के तहत आउटसोर्स के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों को जिला स्वास्थ्य समिति और राज्य स्वास्थ्य समिति के तहत समायोजित करने, आयुष्मान भारत योजना के तहत संविदा कर्मचारियों को उनके परिवार के सदस्यों लाभ दिए जाने और आशा बहुओं का एक नियत मानदेय निर्धारित किए जाने की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन किया गया।
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यहां नारेबाजी करते हुए संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने कहा कि मांगें न माने जाने पर संगठन प्रदेशभर में आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। यदि किसी भी प्रकार से इस दौरान विभागीय कार्य प्रभावित होता है तो उसकी पूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। धरना देने वालों में डॉ. पवन कुमार, डॉ. सतीश, डॉ. सैनी, मालती आदि शामिल थे। संवाद
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