{"_id":"609814ac8ebc3e8dad0e46c9","slug":"hathras-demand-to-open-csc-to-collect-electricity-bill-hathras-news-ali2627666112","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाथरस : बिजली बिल जमा करने के लिए सीएससी खोलने की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथरस : बिजली बिल जमा करने के लिए सीएससी खोलने की मांग
विज्ञापन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
कोरोना संक्रमण के कहर के बीच बिजली महकमे ने बिलिंग का काम शुरू करा दिया है। अब बिजली महकमे ने जिला प्रशासन से जिले के कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) को खोलने की मांग की है। अधीक्षण अभियंता ने डीएम को पत्र सौंपकर सीएससी संचालकों को कोविड पास जारी करने की मांग की है। सीएससी संचालकों की सूची भी डीएम को सौंपी गई है, ताकि मई महीने में विभाग को राजस्व मिल सके।
उल्लेखनीय है कि जिले में 64 बिजलीघरों के जरिये करीब सवा दो लाख उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति की जाती है। विभाग द्वारा उपभोक्ताओं को बिल जमा कराने में सहूलियत देने के लिए सीएससी का चयन किया गया है। वर्तमान में सीएससी कोरोना के चलते बंद चल रहे हैं। इस कारण ग्रामीण क्षेत्र से विभाग को राजस्व न के बराबर मिल रहा है, जबकि बिजली की खपत जस की तस बनी हुई है।
अधीक्षण ने डीएम को पत्र लिखकर सीएससी संचालकों को कोविड पास जारी करने के लिए कहा है। उन्होंने उन सीएससी संचालकों की सूची भी आईडी सहित डीएम को सौंपी है, जोकि बिल जमा करने का काम करते हैं।
विज्ञापन
एक बिल पर मिलते हैं 16 रुपये
सीएससी संचालकों द्वारा बिजली विभाग को बिल जमा कर हर माह करोड़ों रुपये का राजस्व दिया जाता है। जिले में 400 सीएससी हैं। एक बिल जमा करने पर विभाग द्वारा सीएससी संचालक 16 रुपये की राशि दी जाती है, जिससे सीएससी संचालकों की आय बढ़ती है।
विज्ञापन
कोरोना संक्रमण के कहर के बीच बिजली महकमे ने बिलिंग का काम शुरू करा दिया है। अब बिजली महकमे ने जिला प्रशासन से जिले के कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) को खोलने की मांग की है। अधीक्षण अभियंता ने डीएम को पत्र सौंपकर सीएससी संचालकों को कोविड पास जारी करने की मांग की है। सीएससी संचालकों की सूची भी डीएम को सौंपी गई है, ताकि मई महीने में विभाग को राजस्व मिल सके।
उल्लेखनीय है कि जिले में 64 बिजलीघरों के जरिये करीब सवा दो लाख उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति की जाती है। विभाग द्वारा उपभोक्ताओं को बिल जमा कराने में सहूलियत देने के लिए सीएससी का चयन किया गया है। वर्तमान में सीएससी कोरोना के चलते बंद चल रहे हैं। इस कारण ग्रामीण क्षेत्र से विभाग को राजस्व न के बराबर मिल रहा है, जबकि बिजली की खपत जस की तस बनी हुई है।
विज्ञापन
अधीक्षण ने डीएम को पत्र लिखकर सीएससी संचालकों को कोविड पास जारी करने के लिए कहा है। उन्होंने उन सीएससी संचालकों की सूची भी आईडी सहित डीएम को सौंपी है, जोकि बिल जमा करने का काम करते हैं।
विज्ञापन
एक बिल पर मिलते हैं 16 रुपये
सीएससी संचालकों द्वारा बिजली विभाग को बिल जमा कर हर माह करोड़ों रुपये का राजस्व दिया जाता है। जिले में 400 सीएससी हैं। एक बिल जमा करने पर विभाग द्वारा सीएससी संचालक 16 रुपये की राशि दी जाती है, जिससे सीएससी संचालकों की आय बढ़ती है।