हाथरस मेला दाऊजी महाराज: खट्टी-मीठी टॉफी व अनारदाना का स्वाद, राजस्थानी स्वाद का तड़का, पाचक चूरन-कैंडी की धूम
हाथरस के श्रीदाऊजी महाराज मेले में इस बार बच्चों के खिलौनों से ज्यादा राजस्थान की फर्म के खट्टी-मीठी टॉफी और पाचक चूरन के स्टॉलों पर भीड़ उमड़ रही है, मेले में लगे दो स्टॉलों पर भीलवाड़ा की प्रसिद्ध टॉफियां, अनारदाना गोली, मीठा-सूखा आंवला कैंडी, हींग गोली, इमली लड्डू, जामुन शॉट्स और मैंगो बाइट्स कांच के जार में सजाकर किलो के हिसाब से बेची जा रही हैं।
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हाथरस के मेला श्रीदाऊजी महाराज में इस बार राजस्थान की प्रसिद्ध फर्म द्वारा लगाए गए दो विशेष स्टॉल पर इन दिनों भीलवाड़ा की खट्टी-मीठी टॉफियों, पारंपरिक पाचक चूरन, अनारदाना गोली और मीठे आंवले की जबर्दस्त बिक्री हो रही है। मेले में अक्सर बच्चों की पहली पसंद खिलौने होते थे, लेकिन इस बार हर उम्र के लोग इन काउंटरों पर पहुंचकर इनका स्वाद ले रहे हैं।
मेला परिसर में लगे दोनों स्टॉलों पर दर्जनों प्रकार की वैरायटी कांच व पारदर्शी जार में सजाकर रखी गई हैं। इनमें चटपटा अनारदाना, मीठा व सूखा आंवला कैंडी, हींग गोली, इमली लड्डू, जामुन शॉट्स, मैंगो बाइट्स और पुराने दौर की खट्टी-मीठी टॉफियां शामिल हैं। ग्राहक अपनी पसंद के अनुसार अलग-अलग स्वादों को मिलाकर एक ही पैकेट में वजन किलो के हिसाब से खरीद रहे हैं।
दाम किफायती होने और एक साथ कई तरह के घरेलू व पाचक स्वाद मिलने के कारण यहां खरीदारी के लिए ग्राहकों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। दुकानदारों के अनुसार लोग अब केमिकल युक्त मिठाइयों और जंक फूड के बजाय पारंपरिक पाचक उत्पादों को प्राथमिकता दे रहे हैं। खासकर भोजन के बाद माउथ फ्रेशनर के रूप में इस्तेमाल होने वाले अनारदाना और विटामिन-सी से भरपूर मीठे आंवले की मांग सबसे अधिक है। महिलाएं और बुजुर्ग अपने घरेलू उपयोग के लिए आधा-आधा किलो के पैक बनवा रहे हैं, तो वहीं बच्चे रंग-बिरंगी फ्रूट कैंडी और टॉफियों के पैकेट ले रहे हैं।
ग्राहक अपनी मर्जी से सभी वैरायटी को थोड़ा-थोड़ा मिलाकर आधा किलो या एक किलो का पैक बनवा सकते है। इस बार मेले में खिलौनों से ज्यादा लोग हमारे स्टॉल पर रुक रहे हैं और स्वाद चखने के बाद खुशी-खुशी खरीदारी कर रहे हैं।-मोहम्मद यासीन निवासी हरदोई
बच्चों के लिए संतरा, कच्चा आम और इमली फ्लेवर की टॉफियां खूब बिक रही हैं। शाम के समय तो काउंटर पर पैर रखने की जगह नहीं मिलती। मेले की शुरुआत से ही हमें उम्मीद से कहीं बेहतर रिस्पॉन्स मिला है।-अंकुर कुमार निवासी कानपुर