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हाथरस : बिटिया प्रकरण : एम्स के विधि विज्ञान विशेषज्ञ की हुई गवाही
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हाथरस : बिटिया प्रकरण की तारीख के लिए जिला न्यायालय में पुलिस सुरक्षा में जाते चारों अभियुक्त। स?
- फोटो : HATHRAS
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संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
बहुचर्चित बिटिया प्रकरण में बृहस्पतिवार को कोर्ट के समक्ष चारों आरोपियों की पेशी हुई। वहीं एम्स के विधि विज्ञान विशेषज्ञ की गवाही भी हुई। कोर्ट परिसर में सुरक्षा के सख्त इंतजाम रहे। इस मामले में अगली सुनवाई अब 26 मई को होगी। कोर्ट ने बिटिया के गांव के तत्कालीन प्रधान को गवाही के लिए तलब किया है।
उल्लेखनीय है कि 14 सितंबर 2020 को थाना चंदपा क्षेत्र के एक गांव में अनुसूचित जाति की एक युवती के साथ गांव के ही चार युवकों ने दुष्कर्म कर उसकी हत्या का प्रयास किया था। कुछ दिन बाद इस युवती ने दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया था।
उसकी मौत से पहले ही पुलिस ने चारों नामजदों संदीप, रवि, रामू और लवकुश को गिरफ्तार कर लिया था। यह मामला काफी दिन तक सुर्खियों में रहा था और विपक्षी दलों ने प्रदेश सरकार को इस मामले को लेकर घेरा था। मामले की सीबीआई जांच हुई थी। सीबीआई ने चारों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किया था। इस मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी एक्ट) के न्यायालय में चल रही है। गिरफ्तारी के बाद से ही आरोपी अलीगढ़ जेल में निरुद्ध हैं।
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बृहस्पतिवार को कोर्ट में इस मामले में सुनवाई हुई। कड़ी सुरक्षा के बीच चारों आरोपियों को न्यायालय में पेशी के लिए पुलिस अलीगढ़ जेल से लेकर आई। यहां न्यायालय के समक्ष इनकी पेशी हुई। वहीं अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) नई दिल्ली के विधि विज्ञान विभाग के प्रोफेसर डॉ. आदर्श कुमार की गवाही हुई।
वह बिटिया के उपचार व पोस्टमार्टम से संबंधित गठित बोर्ड के चेयरमैन थे। यह बोर्ड स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार के आदेश पर गठित हुआ था। अब इस मामले में अगली सुनवाई के लिए 26 मई की तिथि नियत की गई है।
कोर्ट ने इस मामले में अब बिटिया के गांव के तत्कालीन ग्राम प्रधान को गवाही के लिए बुलाया है। कोर्ट में बिटिया पक्ष की ओर से महीपाल सिंह निमहोत्रा एडवोकेट, सीबीआई की ओर से अनुराग मोदी व अभियुक्तों की ओर से मुन्ना सिंह पुंढीर एडवोकेट मौजूद थे।
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बहुचर्चित बिटिया प्रकरण में बृहस्पतिवार को कोर्ट के समक्ष चारों आरोपियों की पेशी हुई। वहीं एम्स के विधि विज्ञान विशेषज्ञ की गवाही भी हुई। कोर्ट परिसर में सुरक्षा के सख्त इंतजाम रहे। इस मामले में अगली सुनवाई अब 26 मई को होगी। कोर्ट ने बिटिया के गांव के तत्कालीन प्रधान को गवाही के लिए तलब किया है।
उल्लेखनीय है कि 14 सितंबर 2020 को थाना चंदपा क्षेत्र के एक गांव में अनुसूचित जाति की एक युवती के साथ गांव के ही चार युवकों ने दुष्कर्म कर उसकी हत्या का प्रयास किया था। कुछ दिन बाद इस युवती ने दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया था।
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उसकी मौत से पहले ही पुलिस ने चारों नामजदों संदीप, रवि, रामू और लवकुश को गिरफ्तार कर लिया था। यह मामला काफी दिन तक सुर्खियों में रहा था और विपक्षी दलों ने प्रदेश सरकार को इस मामले को लेकर घेरा था। मामले की सीबीआई जांच हुई थी। सीबीआई ने चारों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किया था। इस मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी एक्ट) के न्यायालय में चल रही है। गिरफ्तारी के बाद से ही आरोपी अलीगढ़ जेल में निरुद्ध हैं।
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बृहस्पतिवार को कोर्ट में इस मामले में सुनवाई हुई। कड़ी सुरक्षा के बीच चारों आरोपियों को न्यायालय में पेशी के लिए पुलिस अलीगढ़ जेल से लेकर आई। यहां न्यायालय के समक्ष इनकी पेशी हुई। वहीं अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) नई दिल्ली के विधि विज्ञान विभाग के प्रोफेसर डॉ. आदर्श कुमार की गवाही हुई।
वह बिटिया के उपचार व पोस्टमार्टम से संबंधित गठित बोर्ड के चेयरमैन थे। यह बोर्ड स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार के आदेश पर गठित हुआ था। अब इस मामले में अगली सुनवाई के लिए 26 मई की तिथि नियत की गई है।
कोर्ट ने इस मामले में अब बिटिया के गांव के तत्कालीन ग्राम प्रधान को गवाही के लिए बुलाया है। कोर्ट में बिटिया पक्ष की ओर से महीपाल सिंह निमहोत्रा एडवोकेट, सीबीआई की ओर से अनुराग मोदी व अभियुक्तों की ओर से मुन्ना सिंह पुंढीर एडवोकेट मौजूद थे।