फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hathras News ›   Hathras: Court summons five accused, including former district panchayat president Vinod, Rameshwar, Chirag, sent summons

हाथरस : पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विनोद, रामेश्वर, चिराग सहित पांच आरोपियों को कोर्ट ने किया तलब, भेजे समन

Wed, 07 Apr 2021 12:11 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 07 Apr 2021 12:11 AM IST
विज्ञापन
Hathras: Court summons five accused, including former district panchayat president Vinod, Rameshwar, Chirag, sent summons
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
विज्ञापन

एक बहुचर्चित प्रकरण में न्यायालय ने पुलिस द्वारा लगाई गई अंतिम रिपोर्ट को निरस्त कर इस मामले में आरोपियों को नौ अप्रैल को कोर्ट में तलब किया है। इस मामले में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विनोद उपाध्याय, पूर्व ब्लॉक प्रमुख रामेश्वर उपाध्याय, चिरागवीर उपाध्याय सहित पांच लोग आरोपी हैं। इन पर तत्कालीन सपा प्रत्याशी देवेंद्र अग्रवाल के समर्थकों पर जानलेवा हमला करने और जातिसूचक गालियां देने का आरोप है।
न्यायालय के आदेश पर थाना सहपऊ में मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसमें कहा गया था कि 8 फरवरी 2017 को रिंकू, उसके पिता जितेंद्र सिंह सपा के प्रचार वाहन में प्रचार करने के लिए जा रहे थे। साथ में वीरेंद्र निवासी बिसाना, धर्मेंद्र अग्रवाल निवासी कंचन नगर आगरा रोड हाथरस व अन्य लोग भी थे। इस दौरान मानिकपुर रेलवे ब्रिज के निकट पहले से घात लगाकर बैठे आरोपियों ने गाड़ियों को रोक लिया था और जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर गाली-गलौज की थी।
विज्ञापन

वीरेंद्र को जतिसूचक गालियां दी थीं। इसके बाद अभियुक्त वहां से चले गए थे। आरोप है कि रिंकू जब सहपऊ थाने पहुंचा तो पुलिस ने उसे डॉक्टरी परीक्षण के लिए सहपऊ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा। वहां से उसे आगरा मेडिकल कॉलेज भेजा गया। आरोप है कि इसके बाद उसे फर्जी रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने उल्टे जेल भेज दिया और उसके पक्ष का मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। इसके बाद रिंकू के पक्ष की रिपोर्ट कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई थी। धारा 147,148,149,323,307, 504, 3(2)(5) एससी-एसटी एक्ट में यह मुकदमा दर्ज हुआ था।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसमें शशिकांत गौतम, चिंटू गौतम, पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय के भाई विनोद उपाध्याय, रामेश्वर उपाध्याय व बेटे चिराग उपाध्याय को नामजद किया गया था। पहले इस मामले की विवेचना सादाबाद सीओ ने की थी और इसमें अंतिम रिपोर्ट लगा दी थी। उसके बाद इसकी विवेचना एटा पुलिस ने की थी। वहां की पुलिस ने भी इसमें अंतिम रिपोर्ट लगा दी थी। पुलिस द्वारा अंतिम आख्या लगाने के विरुद्ध कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया गया था। कोर्ट ने प्रोटेस्ट प्रार्थना पत्र को स्वीकार कर लिया है और अंतिम आख्या निरस्त कर दी है। साथ ही अभियुक्तों को नौ अप्रैल को जरिये समन तलब किए जाने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed