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हाथरस : पूर्व मंत्री रामवीर व उनके पीए को कोर्ट ने किया तलब
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संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
अपहरण के प्रयास और एससी-एसटी एक्ट के एक मामले में न्यायालय ने पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय व उनके पीए रानू पंडित को समन भेजकर तलब किया है। वीरेंद्र कुमार पुत्र गंगाराम निवासी गंभीर पट्टी बिसाना थाना चंदपा ने कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में कहा कि वह अनुसूचित जाति का व्यक्ति है और क्षेत्र पंचायत सदस्य भी रहा है।
एमएलसी चुनाव में वोट पाने के लिए पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय, उनके भाइयों व सहयोगियों ने उसका अपहरण कराया था। इसकी प्राथमिकी उसने थाना चंदपा में दर्ज कराई थी लेकिन पुलिस ने पक्षपातपूर्वक विवेचना को समाप्त कर दिया था। उसने इसे लेकर उच्चतम न्यायालय तक विधि कार्यवाही की थी।
इस पर उच्चतम न्यायालय ने उसकी या चिका पर पूरे प्रकरण की जांच सीबीसीआईडी से कराने के आदेश दिए थे। स्थानीय कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में उसने कहा है कि 1 सितंबर 2019 को रामवीर उपाध्याय, उनके पीए रानू पंडित व छह-सात अन्य लोगों ने उसे जातिसूचक गालियां देते हुए जान से मारने की नीयत से उसका अपहरण करने का प्रयास किया लेकिन भीड़ के चलते यह लोग सफल नहीं हो सके।
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उसका कहना है कि तभी से वह अधिकारियों के चक्कर लगा रहा है लेकिन उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं हो पा रही है। उसने यह प्रार्थना पत्र अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-चतुर्थ के न्यायालय में दिया। कोर्ट ने इस मामले में रामवीर उपाध्याय व उनके पीए रानू पंडित को धारा 365 व 3(1) (ध) एससी-एसटी एक्ट में जरिए सम्मन तलब किया है। पत्रावली हाजिरी हेतु 1 नवंबर की तिथि नियत की है।
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अपहरण के प्रयास और एससी-एसटी एक्ट के एक मामले में न्यायालय ने पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय व उनके पीए रानू पंडित को समन भेजकर तलब किया है। वीरेंद्र कुमार पुत्र गंगाराम निवासी गंभीर पट्टी बिसाना थाना चंदपा ने कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में कहा कि वह अनुसूचित जाति का व्यक्ति है और क्षेत्र पंचायत सदस्य भी रहा है।
एमएलसी चुनाव में वोट पाने के लिए पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय, उनके भाइयों व सहयोगियों ने उसका अपहरण कराया था। इसकी प्राथमिकी उसने थाना चंदपा में दर्ज कराई थी लेकिन पुलिस ने पक्षपातपूर्वक विवेचना को समाप्त कर दिया था। उसने इसे लेकर उच्चतम न्यायालय तक विधि कार्यवाही की थी।
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इस पर उच्चतम न्यायालय ने उसकी या चिका पर पूरे प्रकरण की जांच सीबीसीआईडी से कराने के आदेश दिए थे। स्थानीय कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में उसने कहा है कि 1 सितंबर 2019 को रामवीर उपाध्याय, उनके पीए रानू पंडित व छह-सात अन्य लोगों ने उसे जातिसूचक गालियां देते हुए जान से मारने की नीयत से उसका अपहरण करने का प्रयास किया लेकिन भीड़ के चलते यह लोग सफल नहीं हो सके।
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उसका कहना है कि तभी से वह अधिकारियों के चक्कर लगा रहा है लेकिन उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं हो पा रही है। उसने यह प्रार्थना पत्र अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-चतुर्थ के न्यायालय में दिया। कोर्ट ने इस मामले में रामवीर उपाध्याय व उनके पीए रानू पंडित को धारा 365 व 3(1) (ध) एससी-एसटी एक्ट में जरिए सम्मन तलब किया है। पत्रावली हाजिरी हेतु 1 नवंबर की तिथि नियत की है।