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हाथरस : जल्द तैयार होगी कोरोना की आरटीपीसीआर जांच की लैब
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
आने वाले दिनों में जिले में ही कोरोना की आरटीपीसीआर की जांच हो सकेगी। शासन से आए निर्देश के बाद विभागीय अधिकारी तैयारियों में जुट गए हैं। जिला अस्पताल परिसर में इसके लिए अलग से लैब तैयार कराई जाएगी। इसके लिए जिला अस्पताल परिसर में जगह का चयन किया जा चुका है।
कोरोना की एंटीजन जांच के अलावा जिले में ट्रूनॉट मशीन से भी कोरोना की जांच की जा रही है, लेकिन इन दोनों जांचों पर कहीं न कहीं भ्रम होने की स्थिति में आरटीपीसीआर जांच कराई जाती है। इस जांच की व्यवस्था अभी जिले में नहीं है। यह जांचें अलीगढ़ या आगरा में होती हैं और यहां से नमूने भेजे जाते हैं। अब जिले में कोरोना की आरटीपीसीआर जांच की व्यवस्था भी की जा रही है।
इसके लिए आने वाले दिनों में जिला अस्पताल परिसर में कोरोना की आरटीपीसीआर जांच के लिए अलग से लैब तैयार कराई जा रही है। जिसके लिए जगह का चयन हो चुका है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. चंद्रमोहन चतुर्वेदी ने बताया कि जिले में कोरोना की आरटीपीसीआर की जांच के लिए अभी तक तो हमें सैंपल आगरा या फिर अलीगढ़ भेजने पड़ रहे हैं, लेकिन आने वाले दिनों में हमें यह सुविधा जिला अस्पताल में ही मिल जाएगी।
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यहां पर कोरोना की आरटीपीसीआर की जांच के लिए अलग से लैब तैयार कराए जाने के निर्देश शासन से प्राप्त हो चुके हैं। जगह का चयन कर प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। जल्द ही लैब का काम शुरू हो जाएगा।
मास्क और दो गज की दूरी है बेहद जरूरी
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कोरोना से बचाव के लिए मास्क और दो गज की दूरी जरूरी है। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजेंद्र सिंह ने बताया कि हमने कांटेक्ट ट्रेसिंग और सेंपलिंग पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया। इनके परिणामों के आधार पर आगे कार्य किया। उन्होंने बताया कि प्रचार-प्रसार के माध्यम से लोगों को कोरोना की जांच कराने के लिए जागरूक किया गया। डॉ. सिंह ने बताया कि जनपद में टीकाकरण की स्थिति भी अच्छी है। उन्होंने कहा कि इससे बचाव के लिए टीकाकरण और कोविड एप्रोप्रिएट बेहेवियर सबसे अधिक महत्वपूर्ण है।
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आने वाले दिनों में जिले में ही कोरोना की आरटीपीसीआर की जांच हो सकेगी। शासन से आए निर्देश के बाद विभागीय अधिकारी तैयारियों में जुट गए हैं। जिला अस्पताल परिसर में इसके लिए अलग से लैब तैयार कराई जाएगी। इसके लिए जिला अस्पताल परिसर में जगह का चयन किया जा चुका है।
कोरोना की एंटीजन जांच के अलावा जिले में ट्रूनॉट मशीन से भी कोरोना की जांच की जा रही है, लेकिन इन दोनों जांचों पर कहीं न कहीं भ्रम होने की स्थिति में आरटीपीसीआर जांच कराई जाती है। इस जांच की व्यवस्था अभी जिले में नहीं है। यह जांचें अलीगढ़ या आगरा में होती हैं और यहां से नमूने भेजे जाते हैं। अब जिले में कोरोना की आरटीपीसीआर जांच की व्यवस्था भी की जा रही है।
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इसके लिए आने वाले दिनों में जिला अस्पताल परिसर में कोरोना की आरटीपीसीआर जांच के लिए अलग से लैब तैयार कराई जा रही है। जिसके लिए जगह का चयन हो चुका है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. चंद्रमोहन चतुर्वेदी ने बताया कि जिले में कोरोना की आरटीपीसीआर की जांच के लिए अभी तक तो हमें सैंपल आगरा या फिर अलीगढ़ भेजने पड़ रहे हैं, लेकिन आने वाले दिनों में हमें यह सुविधा जिला अस्पताल में ही मिल जाएगी।
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यहां पर कोरोना की आरटीपीसीआर की जांच के लिए अलग से लैब तैयार कराए जाने के निर्देश शासन से प्राप्त हो चुके हैं। जगह का चयन कर प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। जल्द ही लैब का काम शुरू हो जाएगा।
मास्क और दो गज की दूरी है बेहद जरूरी
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कोरोना से बचाव के लिए मास्क और दो गज की दूरी जरूरी है। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजेंद्र सिंह ने बताया कि हमने कांटेक्ट ट्रेसिंग और सेंपलिंग पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया। इनके परिणामों के आधार पर आगे कार्य किया। उन्होंने बताया कि प्रचार-प्रसार के माध्यम से लोगों को कोरोना की जांच कराने के लिए जागरूक किया गया। डॉ. सिंह ने बताया कि जनपद में टीकाकरण की स्थिति भी अच्छी है। उन्होंने कहा कि इससे बचाव के लिए टीकाकरण और कोविड एप्रोप्रिएट बेहेवियर सबसे अधिक महत्वपूर्ण है।