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हाथरस : बेसिक स्कूलों के बच्चे सीखेंगे गणित और विज्ञान की बारीकियां

Mon, 26 Sep 2022 12:11 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 26 Sep 2022 12:11 AM IST
सार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस बेसिक शिक्षा परिषदीय विद्यालयों में विद्यार्थी विज्ञान और गणित की बारीकियां सीखेंगे।शासन ने प्राथमिक विद्यालयों के लिए गणित की दो-दो किट और जूनियर विद्यालयों को विज्ञान और गणित की एक-एक किट उपलब्ध कराई है।इनके माध्यम से बच्चों को दिखाकर समझाने में आसानी होती है।

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Hathras: Children of basic schools will learn the nuances of maths and science

विस्तार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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बेसिक शिक्षा परिषदीय विद्यालयों में विद्यार्थी विज्ञान और गणित की बारीकियां सीखेंगे। वह अब किट से पढ़ाई करेंगे। शासन ने प्राथमिक विद्यालयों के लिए गणित की दो-दो किट और जूनियर विद्यालयों को विज्ञान और गणित की एक-एक किट उपलब्ध कराई है। इन्हें ब्लॉक संसाधन केंद्र (बीआरसी) स्तर से विद्यालयों में पहुंचाया जा चुका है।
बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित विद्यालयों में विद्यार्थियों को शिक्षण कार्य के लिए टीचिंग लर्निंग मेटेरियल (टीएलएम) उपलब्ध कराया जाता है। टीएलएम के तहत शासन ने प्राथमिक और जूनियर विद्यालयों को विज्ञान और गणित की किट उपलब्ध कराई जाएंगी। जिले में कक्षा एक से पांच तक के 767 प्राथमिक विद्यालय हैं। प्रत्येक विद्यालय को गणित की दो-दो किट उपलब्ध कराई गई हैं। इन विद्यालयों के लिए बेसिक शिक्षा विभाग को शासन से 15348 किट उपलब्ध कराई गई हैं।
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इसी तरह जिले में कक्षा छह से आठ तक के 205 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। जूनियर विद्यालयों के लिए विज्ञान और गणित की एक-एक किट दी गई है। इसी प्रकार जिले में 264 संविलियन विद्यालय हैं। 237 उच्च प्राथमिक विद्यालयों के लिए विज्ञान किट और 457 उच्च प्राथमिक विद्यालयों के लिए गणित की किट दी गई है। संवाद
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किट में ये है सामान
गणित की किट में छोटी-छोटी टाइल्स, लकड़ी के गुटखे, कई तरह की आकृति, डुप्लीकेट मुद्राएं आदि मेटेरियल है। इनके माध्यम से बच्चों को दिखाकर समझाने में आसानी होती है। इसी तरह विज्ञान की किट में भी प्रयोगात्मक सामग्री उपलब्ध है।
किट से जल्दी समझते हैं बच्चे
एआरपी चंद्रमोहन राना ने बताया कि किट में बच्चों को समझाने के लिए मेटेरियल होता है। इसको जोड़कर कोई भी आकृति व चित्र बनाकर दिखाया जाता है। खेल-खिलौने बनाकर उनके माध्यम से भी बच्चों को पढ़ाया जाता है। डुप्लीकेट मुद्राएं जोड़कर संख्या बनाकर दिखाई जाती है। इस तरह से बच्चों को किसी भी वस्तु या टॉपिक को समझने और शिक्षक को समझाने में आसानी होती है। बच्चों के ज्ञान में वृद्धि होती है। उनका कहना है कि कार्ययोजना बनाकर किट की सामग्री का इस्तेमाल करने पर बच्चों के लिए उपयोगी होती है।

बच्चों के लिए विज्ञान और गणित की किट शासन स्तर से मिल गई हैं, जिन्हें स्कूलों में पहुंचाया जा चुका है। किट में दी गई सामग्री से शिक्षक-शिक्षिकाएं बच्चों को विज्ञान व गणित के बारे में आसानी से समझा सकते हैं। किट में काफी उपयोगी सामग्री है।
-संदीप कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।
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