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हाथरस : कोरोना संक्रमण से हुई मां- बाप व अभिभावकों की मौत वालों की संतानों को संभालेगा बाल संरक्षण विभाग
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
कोरोना महामारी ने कई परिवारों को तबाह कर दिया है। कई परिवार ऐसे है जिनमें घर के बड़े कोविड संक्रमित हो गए हैं, उनके बच्चे परेशान है या उनकी देख-रेख एवं संरक्षण करने वाला कोई नहीं है। कई परिवारों में माता-पिता की कोरोना से मृत्यु हो चुकी है। अब ऐसे बच्चों की देखभाल का जिम्मा बाल संरक्षण विभाग संभालेगा।
जिला प्रोबेशन अधिकारी डीके सिंह ने बताया कि यदि किसी के भी संज्ञान में इस तरह का कोई बच्चा है तो उसकी मदद के लिए बाल संरक्षण विभाग और चाइल्ड लाइन 1098 व 181 को सूचना दी जाए। जिससे कि ऐसे बच्चों की देखभाल एवं संरक्षण की जिम्मेदारी ली जा सके। उन्होंने कहा कि इन बच्चों को मदद की जरूरत है एवं सहायता पहुंचानी है। ऐसे में आस-पड़ोस, रिश्तेदार, दोस्त कोई भी हेल्पलाइन नंबर पर सूचित करें जिससे बच्चों को देख-रेख एवं संरक्षण की सुविधा कराई जा सके।
बिना कानूनी कार्यवाही किए बच्चा गोद लेना व देना दोनों अवैध
हाथरस। सोशल मीडिया पर ऐसे मैसेज चल रहे हैं कि कोरोना के कारण बहुत बच्चे अनाथ हो गए हैं। उनको कोई भी व्यक्ति उनके परिवार एवं आस-पास से गोद ले सकता है। इसे लेकर जिला प्रोबेशन अधिकारी डीके सिंह ने बताया है कि बिना कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बच्चा गोद लेना या देना अपराध है। यह बिल्कुल गलत है और गैर कानूनी अपराध है। बच्चों को सिर्फ कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से गोद लिया जा सकता है। बच्चा गोद लेने की प्रक्रिया केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन की वेबसाइट पर की जाती है। किसी संस्था, अस्पताल या व्यक्ति द्वारा सीधे बच्चा गोद लेने की पेशकश करना गैर कानूनी है। इसमें सजा व आर्थिक दंड का भी प्रावधान है। उन्होंने कहा है कि इससे संबंधित सूचना मोबाइल नंबर 7518024067, 892309211 पर दी जा सकती है।
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कोरोना महामारी ने कई परिवारों को तबाह कर दिया है। कई परिवार ऐसे है जिनमें घर के बड़े कोविड संक्रमित हो गए हैं, उनके बच्चे परेशान है या उनकी देख-रेख एवं संरक्षण करने वाला कोई नहीं है। कई परिवारों में माता-पिता की कोरोना से मृत्यु हो चुकी है। अब ऐसे बच्चों की देखभाल का जिम्मा बाल संरक्षण विभाग संभालेगा।
जिला प्रोबेशन अधिकारी डीके सिंह ने बताया कि यदि किसी के भी संज्ञान में इस तरह का कोई बच्चा है तो उसकी मदद के लिए बाल संरक्षण विभाग और चाइल्ड लाइन 1098 व 181 को सूचना दी जाए। जिससे कि ऐसे बच्चों की देखभाल एवं संरक्षण की जिम्मेदारी ली जा सके। उन्होंने कहा कि इन बच्चों को मदद की जरूरत है एवं सहायता पहुंचानी है। ऐसे में आस-पड़ोस, रिश्तेदार, दोस्त कोई भी हेल्पलाइन नंबर पर सूचित करें जिससे बच्चों को देख-रेख एवं संरक्षण की सुविधा कराई जा सके।
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बिना कानूनी कार्यवाही किए बच्चा गोद लेना व देना दोनों अवैध
हाथरस। सोशल मीडिया पर ऐसे मैसेज चल रहे हैं कि कोरोना के कारण बहुत बच्चे अनाथ हो गए हैं। उनको कोई भी व्यक्ति उनके परिवार एवं आस-पास से गोद ले सकता है। इसे लेकर जिला प्रोबेशन अधिकारी डीके सिंह ने बताया है कि बिना कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बच्चा गोद लेना या देना अपराध है। यह बिल्कुल गलत है और गैर कानूनी अपराध है। बच्चों को सिर्फ कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से गोद लिया जा सकता है। बच्चा गोद लेने की प्रक्रिया केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन की वेबसाइट पर की जाती है। किसी संस्था, अस्पताल या व्यक्ति द्वारा सीधे बच्चा गोद लेने की पेशकश करना गैर कानूनी है। इसमें सजा व आर्थिक दंड का भी प्रावधान है। उन्होंने कहा है कि इससे संबंधित सूचना मोबाइल नंबर 7518024067, 892309211 पर दी जा सकती है।
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