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हाथरस : आपराधिक तथ्य छिपाकर चुनाव लड़ने वाले प्रधान पर मुकदमा दर्ज
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सासनी (हाथरस)
तथ्य छिपाकर ग्राम प्रधान बने ग्राम पंचायत कौमरी के प्रधान के खिलाफ एसीजेएम न्यायालय ने रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश प्रभारी निरीक्षक सासनी को दिए हैं। इसके आधार पर पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 471 के तहत रिपोर्ट दर्ज की है।
दरअसल, पंचायत चुनाव 2021 में ग्राम पंचायत कौमरी के प्रधान पद के लिए विजयपाल पुत्र हेतराम निवासी नगला पतुआ माजरा कौमरी ने नामांकन दाखिल किया था। नामांकन पत्र के साथ संलग्न शपथपत्र में आपराधिक कृत्य में दोष सिद्ध होने का तथ्य छिपाया गया था। जानकारी होने पर शिकायतकर्ता अविनाश पुत्र कविपाल ने जिलाधिकारी के ट्िविटर हैंडल के अलावा मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव पंचायतराज, पुलिस अधीक्षक और जिला निर्वाचन अधिकारी को शिकायत भेजकर नव निर्वाचित ग्राम प्रधान के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करने की मांग की थी, लेकिन शिकायत का कोई संज्ञान न लेने के कारण शिकायत कर्ता ने न्यायालय एसीजेएम के समक्ष प्रार्थना पत्र देकर रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की थी।
प्रार्थना पत्र में लिखा है कि नव निर्वाचित प्रधान विजयपाल ने तथ्य छिपाकर शपथ पत्र प्रस्तुत किया है, जबकि अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या एक अलीगढ़ द्वारा विजयपाल सिंह को धारा 323 आईपीसी के तहत छह माह के कठोर कारावास और धारा 506 आईपीसी में एक वर्ष के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड, एससीएसटी एक्ट में दो वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया था। वह हत्या के मामले में भी अभियुक्त रहा है।
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इतने आपराधिक इतिहास के बावजूद जनता को भयभीत कर झूठा एवं कूटरचित दस्तावेज पेश कर जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 125 ए का उल्लंघन किया है। इस कारण विजयपाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर विवेचना कराने की मांग की थी। प्रभारी निरीक्षक गौरव सक्सेना का कहना है कि न्यायालय के आदेेश पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। विवेचना की जा रही है। जो तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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तथ्य छिपाकर ग्राम प्रधान बने ग्राम पंचायत कौमरी के प्रधान के खिलाफ एसीजेएम न्यायालय ने रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश प्रभारी निरीक्षक सासनी को दिए हैं। इसके आधार पर पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 471 के तहत रिपोर्ट दर्ज की है।
दरअसल, पंचायत चुनाव 2021 में ग्राम पंचायत कौमरी के प्रधान पद के लिए विजयपाल पुत्र हेतराम निवासी नगला पतुआ माजरा कौमरी ने नामांकन दाखिल किया था। नामांकन पत्र के साथ संलग्न शपथपत्र में आपराधिक कृत्य में दोष सिद्ध होने का तथ्य छिपाया गया था। जानकारी होने पर शिकायतकर्ता अविनाश पुत्र कविपाल ने जिलाधिकारी के ट्िविटर हैंडल के अलावा मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव पंचायतराज, पुलिस अधीक्षक और जिला निर्वाचन अधिकारी को शिकायत भेजकर नव निर्वाचित ग्राम प्रधान के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करने की मांग की थी, लेकिन शिकायत का कोई संज्ञान न लेने के कारण शिकायत कर्ता ने न्यायालय एसीजेएम के समक्ष प्रार्थना पत्र देकर रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की थी।
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प्रार्थना पत्र में लिखा है कि नव निर्वाचित प्रधान विजयपाल ने तथ्य छिपाकर शपथ पत्र प्रस्तुत किया है, जबकि अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या एक अलीगढ़ द्वारा विजयपाल सिंह को धारा 323 आईपीसी के तहत छह माह के कठोर कारावास और धारा 506 आईपीसी में एक वर्ष के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड, एससीएसटी एक्ट में दो वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया था। वह हत्या के मामले में भी अभियुक्त रहा है।
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इतने आपराधिक इतिहास के बावजूद जनता को भयभीत कर झूठा एवं कूटरचित दस्तावेज पेश कर जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 125 ए का उल्लंघन किया है। इस कारण विजयपाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर विवेचना कराने की मांग की थी। प्रभारी निरीक्षक गौरव सक्सेना का कहना है कि न्यायालय के आदेेश पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। विवेचना की जा रही है। जो तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।