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हाथरस: घंटाघर क्षेत्र में बंद दुकानों में माल खराब होने का व्यापारियों को सता रहा डर
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
शहर के घंटाघर क्षेत्र में काफी समय से हॉटस्पॉट के चलते दुकानें बंद हैं। दुकानों में रखा सामान खराब होने का डर व्यापारियों को सता रहा है। उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के पदाधिकारियों ने दुकान खोलने की छूट देने की मांग करते हुए डीएम प्रवीण लक्षकार को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया है कि जिले का मुख्य व्यवसाय व सप्लाई का मार्केट घंटाघर दो जून से लगातार बंद चल रहा है। ऐसे में आर्थिक गतिविधियां और लेनदेन नहीं होने के कारण व्यापारियों की साख खराब हो रही है। दुकानों में जो माल रखे हैं, उनके खराब होने की संभावना है, जिससे व्यापारियों को चिंता सता रही है। सरकार को राजस्व भी नहीं मिल पा रहा। जीएसटी रिर्टन की अंतिम तिथि 30 जून है।
जब तक दुकानें नहीं खुलेंगी तो कर्मचारी नहीं आएंगे। रिर्टन भी तैयार नहीं हो सकता है। प्रतिनिधिमंडल में शामिल पदाधिकारियों ने कहा कि मुख्य बाजारों में कोई केस नहीं निकल रहा है। यहां जो भी केस मिले हैं, वह बाहर से आते-जाते हैं। बाजारों में व्यापारिक स्थल है। यहां निवास स्थल नहीं है। पदाधिकारियों ने कुछ समय बाजार खुलवाने की छूट देने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में मदन मोहन अपना वाले, कन्हैयालाल अग्रवाल, मोहन लाल अग्रवाल, हरीशंकर वार्ष्णेय आदि थे।
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शहर के घंटाघर क्षेत्र में काफी समय से हॉटस्पॉट के चलते दुकानें बंद हैं। दुकानों में रखा सामान खराब होने का डर व्यापारियों को सता रहा है। उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के पदाधिकारियों ने दुकान खोलने की छूट देने की मांग करते हुए डीएम प्रवीण लक्षकार को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया है कि जिले का मुख्य व्यवसाय व सप्लाई का मार्केट घंटाघर दो जून से लगातार बंद चल रहा है। ऐसे में आर्थिक गतिविधियां और लेनदेन नहीं होने के कारण व्यापारियों की साख खराब हो रही है। दुकानों में जो माल रखे हैं, उनके खराब होने की संभावना है, जिससे व्यापारियों को चिंता सता रही है। सरकार को राजस्व भी नहीं मिल पा रहा। जीएसटी रिर्टन की अंतिम तिथि 30 जून है।
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जब तक दुकानें नहीं खुलेंगी तो कर्मचारी नहीं आएंगे। रिर्टन भी तैयार नहीं हो सकता है। प्रतिनिधिमंडल में शामिल पदाधिकारियों ने कहा कि मुख्य बाजारों में कोई केस नहीं निकल रहा है। यहां जो भी केस मिले हैं, वह बाहर से आते-जाते हैं। बाजारों में व्यापारिक स्थल है। यहां निवास स्थल नहीं है। पदाधिकारियों ने कुछ समय बाजार खुलवाने की छूट देने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में मदन मोहन अपना वाले, कन्हैयालाल अग्रवाल, मोहन लाल अग्रवाल, हरीशंकर वार्ष्णेय आदि थे।
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