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हाथरस : सात में से तीन ब्लॉक प्रमुख पद ही हासिल कर सकी भाजपा
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिले में भाजपा ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में भाजपा आधी सीट भी हासिल नहीं कर सकी है। सात में से भाजपा का तीन सीटों पर ही कब्जा हुआ है। वहीं सपा-रालोद गठबंधन ने भी तीन पर ही विजयी हासिल की है। हालांकि सपा-रालोद गठबंधन के नेताओं के साथ नामांकन कराने गया एक प्रत्याशी जीतने के बाद खुद को निर्दलीय बता रहा है। हाथरस ब्लॉक पर भाजपा को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा और उसे शिकस्त खानी पड़ी।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव जीतने के बाद भाजपा का पूरा फोकस ब्लॉक प्रमुखी चुनाव पर था। इस चुनाव में भाजपा ने सात में से पांच उम्मीदवार खड़े किए थे। सादाबाद और सहपऊ में पार्टी ने इस आशंका के चलते उम्मीदवार खड़े नहीं कि थे पार्टी को वहां हार का मुंह देखना पड़ सकता है। ऐसे में नामांकन के दिन ही रालोद व सपा नेताओं ने सादाबाद व सहपऊ जाकर अपने प्रत्याशियों के नामांकन कराए।
सादाबाद से रालोद समर्थित रीना चौधरी और सहपऊ से रामकिशन निर्विरोध निर्वाचित हुए। हालांकि बाद में रामकिशन ने खुद को किसी दल की बजाय निर्दलीय प्रत्याशी बताया। वहीं भाजपा के मुरसान के प्रत्याशी रामेश्वर उपाध्याय भी निर्विरोध निर्वाचित हो गए। जांच में उनके सामने नामांकन करने वाले अतुल अग्रवाल का पर्चा निरस्त हो गया।
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शनिवार को जब चार ब्लॉकों पर चुनाव हुआ तो इसमें से हसायन और सासनी में भाजपा के उम्मीदवार जीते। सिकंदराराऊ में मुकाबला बराबरी पर रहा, लेकिन लाटरी में जीत सपा समर्थित सुदामा देवी की हुई। इधर, हाथरस से भाजपा के खिलाफ ‘बागी’ बनकर लड़ीं निर्दलीय पूनम पांडेय ने कड़े मुकाबले में भाजपा प्रत्याशी रुखसाना रानी को हरा दिया। ऐसे में इस चुनाव में भाजपा के सात में से तीन ब्लॉक प्रमुख चुने गए हैं।
हाथरस ब्लॉक में अंदरूनी कलह ने हराया भाजपा को
हाथरस। भाजपा को हाथरस ब्लॉक में करारी शिकस्त उसकी अंदखाने चल रही कलह की वजह से मिली है। सूत्रों की मानें तो पिछली बार पूर्व ब्लॉक प्रमुख अमर सिंह पांडेय हाथरस ब्लॉक से निर्विरोध निर्वाचित हुए थे। इस बार यह सीट सामान्य वर्ग की महिला के लिए आरक्षित थी। उनकी पत्नी पूनम पांडेय ने दावेदारी की थी, लेकिन भाजपा ने उन्हें प्रत्याशी न बनाकर नए चेहरे रुखसाना रानी को लड़ाया। ऐसे में पूनम ने निर्दलीय चुनाव लड़ा और वह जीत भी गई।
जिला प्रभारी, चेयरमैन की वजह से नहीं मिली थी टिकट : पांडेय
हाथरस। भाजपा के पूर्व ब्लॉक प्रमुख अमर सिंह पांडेय का कहना है कि वह भाजपा के सक्रिय सदस्य हैं। पार्टी में उन्होंने काफी काम किया है। उनकी पत्नी पूनम पांडेय ने भाजपा से प्रमुख पद के लिए दावेदारी की थी। उनके पास शुरू से बहुमत था, लेकिन पार्टी के जिला प्रभारी राजा वर्मा और नगर पालिकाध्यक्ष आशीष शर्मा की राजनीति की वजह से उन्हें टिकट नहीं मिल पाई। उनका कहना है कि इस चुनाव में जनता की जीत हुई है।
निर्दलीय जीते प्रमुखों को भाजपा में लाने की कोशिश
हाथरस। ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में भाजपा अब निर्दलीयों पर डोरे डाल रही है। सूत्रों की मानें तो भाजपा हाथरस ब्लॉक से निर्दलीय जीती पूनम पांडेय को फिर से पार्टी में शामिल कर सकती है तो वहीं सहपऊ से निर्दलीय जीते रामकिशन को भी भाजपा में लिए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
भाजपा ने इस चुनाव में अच्छा प्रदर्शन किया है। हमने पांच प्रत्याशी घोषित किए थे। इसमें से तीन प्रत्याशियों ने जीत हासिल की है। सिकंदराराऊ में मुकाबला बराबरी का रहा है।
-गौरव आर्य, जिलाध्यक्ष भाजपा
-सपा-रालोद गठबंधन तीन ही सीटों पर चुनाव लड़ा था और उसने तीनों सीटें जीत लीं। गठबंधन ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया है। जिले के अधिकारियों ने भी काफी इमानदारी से काम किया है। पूरी पारदर्शिता के साथ सिकंदराराऊ में चुनाव और मतगणना कराई।
-जसवंत सिंह यादव, जिलाध्यक्ष सपा
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जिले में भाजपा ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में भाजपा आधी सीट भी हासिल नहीं कर सकी है। सात में से भाजपा का तीन सीटों पर ही कब्जा हुआ है। वहीं सपा-रालोद गठबंधन ने भी तीन पर ही विजयी हासिल की है। हालांकि सपा-रालोद गठबंधन के नेताओं के साथ नामांकन कराने गया एक प्रत्याशी जीतने के बाद खुद को निर्दलीय बता रहा है। हाथरस ब्लॉक पर भाजपा को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा और उसे शिकस्त खानी पड़ी।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव जीतने के बाद भाजपा का पूरा फोकस ब्लॉक प्रमुखी चुनाव पर था। इस चुनाव में भाजपा ने सात में से पांच उम्मीदवार खड़े किए थे। सादाबाद और सहपऊ में पार्टी ने इस आशंका के चलते उम्मीदवार खड़े नहीं कि थे पार्टी को वहां हार का मुंह देखना पड़ सकता है। ऐसे में नामांकन के दिन ही रालोद व सपा नेताओं ने सादाबाद व सहपऊ जाकर अपने प्रत्याशियों के नामांकन कराए।
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सादाबाद से रालोद समर्थित रीना चौधरी और सहपऊ से रामकिशन निर्विरोध निर्वाचित हुए। हालांकि बाद में रामकिशन ने खुद को किसी दल की बजाय निर्दलीय प्रत्याशी बताया। वहीं भाजपा के मुरसान के प्रत्याशी रामेश्वर उपाध्याय भी निर्विरोध निर्वाचित हो गए। जांच में उनके सामने नामांकन करने वाले अतुल अग्रवाल का पर्चा निरस्त हो गया।
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शनिवार को जब चार ब्लॉकों पर चुनाव हुआ तो इसमें से हसायन और सासनी में भाजपा के उम्मीदवार जीते। सिकंदराराऊ में मुकाबला बराबरी पर रहा, लेकिन लाटरी में जीत सपा समर्थित सुदामा देवी की हुई। इधर, हाथरस से भाजपा के खिलाफ ‘बागी’ बनकर लड़ीं निर्दलीय पूनम पांडेय ने कड़े मुकाबले में भाजपा प्रत्याशी रुखसाना रानी को हरा दिया। ऐसे में इस चुनाव में भाजपा के सात में से तीन ब्लॉक प्रमुख चुने गए हैं।
हाथरस ब्लॉक में अंदरूनी कलह ने हराया भाजपा को
हाथरस। भाजपा को हाथरस ब्लॉक में करारी शिकस्त उसकी अंदखाने चल रही कलह की वजह से मिली है। सूत्रों की मानें तो पिछली बार पूर्व ब्लॉक प्रमुख अमर सिंह पांडेय हाथरस ब्लॉक से निर्विरोध निर्वाचित हुए थे। इस बार यह सीट सामान्य वर्ग की महिला के लिए आरक्षित थी। उनकी पत्नी पूनम पांडेय ने दावेदारी की थी, लेकिन भाजपा ने उन्हें प्रत्याशी न बनाकर नए चेहरे रुखसाना रानी को लड़ाया। ऐसे में पूनम ने निर्दलीय चुनाव लड़ा और वह जीत भी गई।
जिला प्रभारी, चेयरमैन की वजह से नहीं मिली थी टिकट : पांडेय
हाथरस। भाजपा के पूर्व ब्लॉक प्रमुख अमर सिंह पांडेय का कहना है कि वह भाजपा के सक्रिय सदस्य हैं। पार्टी में उन्होंने काफी काम किया है। उनकी पत्नी पूनम पांडेय ने भाजपा से प्रमुख पद के लिए दावेदारी की थी। उनके पास शुरू से बहुमत था, लेकिन पार्टी के जिला प्रभारी राजा वर्मा और नगर पालिकाध्यक्ष आशीष शर्मा की राजनीति की वजह से उन्हें टिकट नहीं मिल पाई। उनका कहना है कि इस चुनाव में जनता की जीत हुई है।
निर्दलीय जीते प्रमुखों को भाजपा में लाने की कोशिश
हाथरस। ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में भाजपा अब निर्दलीयों पर डोरे डाल रही है। सूत्रों की मानें तो भाजपा हाथरस ब्लॉक से निर्दलीय जीती पूनम पांडेय को फिर से पार्टी में शामिल कर सकती है तो वहीं सहपऊ से निर्दलीय जीते रामकिशन को भी भाजपा में लिए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
भाजपा ने इस चुनाव में अच्छा प्रदर्शन किया है। हमने पांच प्रत्याशी घोषित किए थे। इसमें से तीन प्रत्याशियों ने जीत हासिल की है। सिकंदराराऊ में मुकाबला बराबरी का रहा है।
-गौरव आर्य, जिलाध्यक्ष भाजपा
-सपा-रालोद गठबंधन तीन ही सीटों पर चुनाव लड़ा था और उसने तीनों सीटें जीत लीं। गठबंधन ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया है। जिले के अधिकारियों ने भी काफी इमानदारी से काम किया है। पूरी पारदर्शिता के साथ सिकंदराराऊ में चुनाव और मतगणना कराई।
-जसवंत सिंह यादव, जिलाध्यक्ष सपा