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हाथरस: युवा राम बने और समाज में महिला रक्षा की पहल करें- बेबीरानी मौर्य
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हाथरस: श्रीरामकथा महोत्सव में उत्तराखंड की राज्यपाल बेबीरानी मौर्य का स्वागत करतीं महिलाएं।
- फोटो : HATHRAS
युवा राम बने और समाज में महिला रक्षा की पहल करें: बेबीरानी मौर्य
श्रीरामकथा महोत्सव में उत्तराखंड की राज्यपाल ने की शिरकत, हुआ स्वागत
संवाद न्यूज एजेेंसी
हाथरस मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम जहां राष्ट्र की प्रेरणा है। वही समाज को जागृत और प्रेरित करने के लिए उनकी प्रेरणा हैं स्वामी रामभद्राचार्य। उक्त विचार श्री राम कथा महोत्सव में आई उत्तराखंड की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि स्वच्छ मन से कर्तव्य का पालन करना ही धर्म है। यही संदेश स्वामी जी दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि संतों की त्याग और तपस्या ही समाज का मार्गदर्शन कर रही है। उन्होंने स्वामी जी के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि एक उच्च कोटि के शिक्षाविद लेखक समाजसेवी बहु भाषा विद और कथावाचक हैं आज बहुत दिनों में उनके दर्शनों की मेरी इच्छा हाथरस में पूरी हुई है।
उन्होंने राम की मर्यादा को युवाओं से अपने जीवन में उतारने की अपील करते हुए कहा कि वे राम बने और समाज में महिला रक्षा की पहल करें। उन्होंने कहा कि भक्ति और आध्यात्म में ही जीवन को सुधार सकता है उसे नई दिशा दे सकता है मानवता की सेवा ही सबसे बड़ी पूजा है। यही संदेश स्वामी जी अपने प्रवचन में दे रहे हैं। मैं उन्हीं के अनुसार चलने का प्रयत्न कर रही हूं।
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श्रीरामकथा महोत्सव में उत्तराखंड की राज्यपाल ने की शिरकत, हुआ स्वागत
संवाद न्यूज एजेेंसी
हाथरस मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम जहां राष्ट्र की प्रेरणा है। वही समाज को जागृत और प्रेरित करने के लिए उनकी प्रेरणा हैं स्वामी रामभद्राचार्य। उक्त विचार श्री राम कथा महोत्सव में आई उत्तराखंड की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि स्वच्छ मन से कर्तव्य का पालन करना ही धर्म है। यही संदेश स्वामी जी दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि संतों की त्याग और तपस्या ही समाज का मार्गदर्शन कर रही है। उन्होंने स्वामी जी के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि एक उच्च कोटि के शिक्षाविद लेखक समाजसेवी बहु भाषा विद और कथावाचक हैं आज बहुत दिनों में उनके दर्शनों की मेरी इच्छा हाथरस में पूरी हुई है।
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उन्होंने राम की मर्यादा को युवाओं से अपने जीवन में उतारने की अपील करते हुए कहा कि वे राम बने और समाज में महिला रक्षा की पहल करें। उन्होंने कहा कि भक्ति और आध्यात्म में ही जीवन को सुधार सकता है उसे नई दिशा दे सकता है मानवता की सेवा ही सबसे बड़ी पूजा है। यही संदेश स्वामी जी अपने प्रवचन में दे रहे हैं। मैं उन्हीं के अनुसार चलने का प्रयत्न कर रही हूं।
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