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हाथरस : बैंक अधिकारियों व कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
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हाथरस : केनरा बैंक पीली कोठी पर विरोध प्रदर्शन करते बैंक कर्मी। संवाद
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर बैंक अधिकारियों व कर्मचारियों ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को सुदृढ़ करने की मांग और सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण के विरोध में केनरा बैंक की सर्क्यूलर रोड शाखा पर प्रदर्शन कर नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए फोरम की जिला इकाई के संयोजक बीएस जैन ने कहा कि केंद्र सरकार निजीकरण सहित अपने विभिन्न उपायों के माध्यम से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को कमजोर करने की नीतियों और कार्यक्रमों को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने सन 1969 में 14 प्रमुख निजी बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया और उसके बाद 6 बैंकों का राष्ट्रीयकरण हुआ। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, इसके सहायक बैंक, साथ ही क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और राष्ट्रीयकृत बैंक राष्ट्रीय आर्थिक विकास के आधार बन गए। बैंकों के राष्ट्रीयकरण के बाद देश में विकास हुआ। सार्वजनिक क्षेत्र की बैंकों को निजीकरण में लाने का जो प्रस्ताव केंद्र सरकार ला रही है, उसके विरुद्ध पूरे देश का अधिकारी व कर्मचारी आंदोलित है।
उन्होंने 16 व 17 दिसंबर की हड़ताल को सफल बनाने पर जोर दिया। आर्यावर्त बैंक अधिकारी एसोसिएशन के महामंत्री जीके शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार का राष्ट्रीयकृत बैंकों को निजीकरण में लाने की सोच निंदनीय है। सरकार के इस कदम का पुरजोर विरोध किया जाएगा। यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन के अध्यक्ष वीके शर्मा ने कहा कि आज के ग्रामीण/अर्द्ध-शहरी भारत की समृद्धि, ढांचागत सुविधाएं, औद्योगिक उन्नति और आम आदमी के जीवन स्तर में सुधार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के समर्पण का परिणाम है। यदि सरकार ने अड़ियल रुख अपनाया तो और तेज आंदोलन होगा।
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इस मौके पर डीसी गुप्ता, अजय कुमार, सोनू कुमार, ओम प्रकाश, उमाशंकर जैन, अशोक शर्मा, नन्नूमल, रवि राकेश, अनिल सिंह, देवेंद्र शर्मा, राजेंद्र सिंह, अरविंद जैन, सुरेश कुमार, पुष्पांकर जैन, संजय जैन, मुकेश कुमार, अशोक सिंह, राहुल कुमार सिंह, अभिषेक शर्मा, इन्द्राज, विजय दुबे, नवीन कुमार, भानु प्रकाश, सत्येंद्र कुमार, सुशील कुमार, अमर सिंह आदि मुख्य रूप से मौजूद थे। संवाद
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यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर बैंक अधिकारियों व कर्मचारियों ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को सुदृढ़ करने की मांग और सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण के विरोध में केनरा बैंक की सर्क्यूलर रोड शाखा पर प्रदर्शन कर नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए फोरम की जिला इकाई के संयोजक बीएस जैन ने कहा कि केंद्र सरकार निजीकरण सहित अपने विभिन्न उपायों के माध्यम से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को कमजोर करने की नीतियों और कार्यक्रमों को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने सन 1969 में 14 प्रमुख निजी बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया और उसके बाद 6 बैंकों का राष्ट्रीयकरण हुआ। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, इसके सहायक बैंक, साथ ही क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और राष्ट्रीयकृत बैंक राष्ट्रीय आर्थिक विकास के आधार बन गए। बैंकों के राष्ट्रीयकरण के बाद देश में विकास हुआ। सार्वजनिक क्षेत्र की बैंकों को निजीकरण में लाने का जो प्रस्ताव केंद्र सरकार ला रही है, उसके विरुद्ध पूरे देश का अधिकारी व कर्मचारी आंदोलित है।
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उन्होंने 16 व 17 दिसंबर की हड़ताल को सफल बनाने पर जोर दिया। आर्यावर्त बैंक अधिकारी एसोसिएशन के महामंत्री जीके शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार का राष्ट्रीयकृत बैंकों को निजीकरण में लाने की सोच निंदनीय है। सरकार के इस कदम का पुरजोर विरोध किया जाएगा। यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन के अध्यक्ष वीके शर्मा ने कहा कि आज के ग्रामीण/अर्द्ध-शहरी भारत की समृद्धि, ढांचागत सुविधाएं, औद्योगिक उन्नति और आम आदमी के जीवन स्तर में सुधार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के समर्पण का परिणाम है। यदि सरकार ने अड़ियल रुख अपनाया तो और तेज आंदोलन होगा।
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इस मौके पर डीसी गुप्ता, अजय कुमार, सोनू कुमार, ओम प्रकाश, उमाशंकर जैन, अशोक शर्मा, नन्नूमल, रवि राकेश, अनिल सिंह, देवेंद्र शर्मा, राजेंद्र सिंह, अरविंद जैन, सुरेश कुमार, पुष्पांकर जैन, संजय जैन, मुकेश कुमार, अशोक सिंह, राहुल कुमार सिंह, अभिषेक शर्मा, इन्द्राज, विजय दुबे, नवीन कुमार, भानु प्रकाश, सत्येंद्र कुमार, सुशील कुमार, अमर सिंह आदि मुख्य रूप से मौजूद थे। संवाद