{"_id":"62265208d2e8a93fc156058f","slug":"hathras-b-tech-degree-found-fake-in-verification-search-for-applicant-started-hathras-news-ali2866281173","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाथरस : सत्यापन में बी-टेक की डिग्री मिली फर्जी, आवेदक की तलाश शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथरस : सत्यापन में बी-टेक की डिग्री मिली फर्जी, आवेदक की तलाश शुरू
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक नियुक्ति की काउंसिलिंग के बाद नियुक्ति न लेने वाले आवेदक की बी-टेक की डिग्री सत्यापन में फर्जी पाई गई है। अब बीएसए फर्जी डिग्री वाले आवेदक की तलाश कर रहे हैं।
दिसंबर 2020 में प्रदेश में 69000 सहायक अध्यापक भर्ती के तहत काउंसिलिंग हुई थी। जिसमें जिले से गुरु प्रसाद यादव के पुत्र दीपक कुमार यादव का नाम भी था। काउंसिलिंग में नियुक्ति होने के बाद भी इसने जिले में नियुक्ति लेने से इनकार कर दिया था।
इसके बाद शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्र सत्यापन के लिए संबंधित विश्वविद्यालयों को भेजे गए तो दीपक कुमार की बी-टेक की डिग्री को भी डा.ॅ एपीजे अब्दुल कलाम विश्वविद्यालय लखनऊ सत्यापन के लिए भेजा गया। लेकिन जब सत्यापन रिपोर्ट आई तो उसमें इसकी बी-टेक की डिग्री को फर्जी बताया गया।
विज्ञापन
अब इस सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर विभाग दीपक कुमार को प्रदेश के अन्य जनपदों में तलाश कर रहा है। अगर किसी जिले में इसने शिक्षक के पद पर नियुक्ति पाई होगी तो इस सत्यापन के आधार पर उसके खिलाफ सेवा समाप्ति की कार्रवाई की जाएगी।
बीएसए शाहीन ने बताया कि दीपक कुमार ने अपने जिले में भले ही शिक्षक के पद पर नियुक्ति प्राप्त नहीं की है, फिर भी सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर उसकी अन्य जिलों में तलाश कराई जाएगी। जिससे अगर इस नाम व डिग्री से कोई व्यक्ति अगर शिक्षक के पद पर प्रदेश के किसी जिले में तैनात है तो उसके खिलाफ कार्रवाई कराई जा सके।
विज्ञापन
बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक नियुक्ति की काउंसिलिंग के बाद नियुक्ति न लेने वाले आवेदक की बी-टेक की डिग्री सत्यापन में फर्जी पाई गई है। अब बीएसए फर्जी डिग्री वाले आवेदक की तलाश कर रहे हैं।
दिसंबर 2020 में प्रदेश में 69000 सहायक अध्यापक भर्ती के तहत काउंसिलिंग हुई थी। जिसमें जिले से गुरु प्रसाद यादव के पुत्र दीपक कुमार यादव का नाम भी था। काउंसिलिंग में नियुक्ति होने के बाद भी इसने जिले में नियुक्ति लेने से इनकार कर दिया था।
विज्ञापन
इसके बाद शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्र सत्यापन के लिए संबंधित विश्वविद्यालयों को भेजे गए तो दीपक कुमार की बी-टेक की डिग्री को भी डा.ॅ एपीजे अब्दुल कलाम विश्वविद्यालय लखनऊ सत्यापन के लिए भेजा गया। लेकिन जब सत्यापन रिपोर्ट आई तो उसमें इसकी बी-टेक की डिग्री को फर्जी बताया गया।
विज्ञापन
अब इस सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर विभाग दीपक कुमार को प्रदेश के अन्य जनपदों में तलाश कर रहा है। अगर किसी जिले में इसने शिक्षक के पद पर नियुक्ति पाई होगी तो इस सत्यापन के आधार पर उसके खिलाफ सेवा समाप्ति की कार्रवाई की जाएगी।
बीएसए शाहीन ने बताया कि दीपक कुमार ने अपने जिले में भले ही शिक्षक के पद पर नियुक्ति प्राप्त नहीं की है, फिर भी सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर उसकी अन्य जिलों में तलाश कराई जाएगी। जिससे अगर इस नाम व डिग्री से कोई व्यक्ति अगर शिक्षक के पद पर प्रदेश के किसी जिले में तैनात है तो उसके खिलाफ कार्रवाई कराई जा सके।