{"_id":"5f32dfbb8ebc3e3cea2025a2","slug":"hathras-avoid-mosquito-stings-there-will-not-be-diseases-hathras-news-ali240981995","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाथरस: मच्छर के डंक से बचें, नहीं होंगी बीमारियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथरस: मच्छर के डंक से बचें, नहीं होंगी बीमारियां
विज्ञापन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
बारिश के मौसम में वैक्टर जनित रोग जैसे मलेरिया और डेंगू का खतरा बढ़ जाता है। इसको देखते हुए जिला मलेरिया विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। विभाग के अधिकारियों की मानें तो इस मौसम में सबसे अधिक मच्छर पैदा होते हैं, जोकि बीमारियां फैलाते हैं। इनसे बचने के लिए हमें सफाई का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए। जहां गंदगी, जलभराव होता है, वहां ये मच्छर तेजी से पैदा होते हैं।
पानी को इकट्ठा होने से रोकें
जिला मलेरिया अधिकारी एम.जौहरी ने बताया कि यह मौसम वैक्टर बोर्न डिजीज मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया का है। अगस्त से अक्तूबर तक वैक्टर बोर्न डिजीज का प्रकोप अधिक होता है। इस दौरान बड़ी संख्या में मरीज अस्पताल पहुंचते हैं। इससे बचाव के लिए समय-समय पर एडवाइजरी जारी की जाती है। इस कारण वैक्टर बोर्न डिजीज के मरीजों की संख्या में कमी आई है। मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए विभाग द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जहां अधिक मात्रा में पानी इकट्ठा हो जाता है, वहां ये बीमारी वाले मच्छर पनपते हैं, इसलिए हमें पानी को ज्यादा समय तक इकट्ठा होने से रोकना चाहिए।
पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें
सहायक मलेरिया अधिकारी एसपी गौतम ने बताया कि इन बीमारियों से बचाव पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए, क्योंकि बचाव होगा तो इलाज की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। इसके लिए लोगों तक संदेश पहुंचाया जा रहा है। स्वच्छ पेयजल का प्रयोग करें। उथले नल के पानी का प्रयोग नहीं करें। मच्छरों को नहीं पनपने दें। इस मौसम में बुखार आने पर चिकित्सक से परामर्श लें। नीम, हकीम, झोलाछाप डॉक्टर से इलाज नहीं कराएं। तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या जिला अस्पताल पर जांच कराएं, जिससे समय रहते उपचार शुरू कर दिया जाए। पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें ।
विज्ञापन
ऐसे करें बीमारियों से बचाव
- कूलर और अन्य बर्तन, जिनमें पानी का संचयन किया जाता है, उनको सुखाकर ही दोबारा प्रयोग में लाएं। घर की छतों, बेकार पड़े बर्तनों, गमलों के नीचे , एसी से निकालने वाले पानी, पक्षियों के लिए रखे गए पानी के बर्तन आदि को सप्ताह में एक बार सुखाकर ही प्रयोग में लाएं।
मच्छरों के काटने से बचाव
-ऐसे कपड़े पहनें, जिससे शरीर का ज्यादा-से-ज्यादा हिस्सा ढंका रहे। खासकर बच्चों के लिए यह सावधानी बहुत जरूरी है। बच्चों को मलेरिया सीजन में नेकर और टी-शर्ट नहीं पहनाएं।
-बच्चों को मच्छर भगाने की क्रीम लगाएं।
-रात को सोते समय मच्छरदानी लगाएं।
विज्ञापन
बारिश के मौसम में वैक्टर जनित रोग जैसे मलेरिया और डेंगू का खतरा बढ़ जाता है। इसको देखते हुए जिला मलेरिया विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। विभाग के अधिकारियों की मानें तो इस मौसम में सबसे अधिक मच्छर पैदा होते हैं, जोकि बीमारियां फैलाते हैं। इनसे बचने के लिए हमें सफाई का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए। जहां गंदगी, जलभराव होता है, वहां ये मच्छर तेजी से पैदा होते हैं।
पानी को इकट्ठा होने से रोकें
जिला मलेरिया अधिकारी एम.जौहरी ने बताया कि यह मौसम वैक्टर बोर्न डिजीज मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया का है। अगस्त से अक्तूबर तक वैक्टर बोर्न डिजीज का प्रकोप अधिक होता है। इस दौरान बड़ी संख्या में मरीज अस्पताल पहुंचते हैं। इससे बचाव के लिए समय-समय पर एडवाइजरी जारी की जाती है। इस कारण वैक्टर बोर्न डिजीज के मरीजों की संख्या में कमी आई है। मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए विभाग द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जहां अधिक मात्रा में पानी इकट्ठा हो जाता है, वहां ये बीमारी वाले मच्छर पनपते हैं, इसलिए हमें पानी को ज्यादा समय तक इकट्ठा होने से रोकना चाहिए।
विज्ञापन
पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें
सहायक मलेरिया अधिकारी एसपी गौतम ने बताया कि इन बीमारियों से बचाव पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए, क्योंकि बचाव होगा तो इलाज की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। इसके लिए लोगों तक संदेश पहुंचाया जा रहा है। स्वच्छ पेयजल का प्रयोग करें। उथले नल के पानी का प्रयोग नहीं करें। मच्छरों को नहीं पनपने दें। इस मौसम में बुखार आने पर चिकित्सक से परामर्श लें। नीम, हकीम, झोलाछाप डॉक्टर से इलाज नहीं कराएं। तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या जिला अस्पताल पर जांच कराएं, जिससे समय रहते उपचार शुरू कर दिया जाए। पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें ।
विज्ञापन
ऐसे करें बीमारियों से बचाव
- कूलर और अन्य बर्तन, जिनमें पानी का संचयन किया जाता है, उनको सुखाकर ही दोबारा प्रयोग में लाएं। घर की छतों, बेकार पड़े बर्तनों, गमलों के नीचे , एसी से निकालने वाले पानी, पक्षियों के लिए रखे गए पानी के बर्तन आदि को सप्ताह में एक बार सुखाकर ही प्रयोग में लाएं।
मच्छरों के काटने से बचाव
-ऐसे कपड़े पहनें, जिससे शरीर का ज्यादा-से-ज्यादा हिस्सा ढंका रहे। खासकर बच्चों के लिए यह सावधानी बहुत जरूरी है। बच्चों को मलेरिया सीजन में नेकर और टी-शर्ट नहीं पहनाएं।
-बच्चों को मच्छर भगाने की क्रीम लगाएं।
-रात को सोते समय मच्छरदानी लगाएं।