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हाथरस : आज वतन लौट सकता है यूक्रेेन में फंसा अंकित
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
इगलास रोड स्थित गांव मूंगसा निवासी अंकित भी रूस और यूक्रेन में छिड़ी जंग के बाद यूक्रेन में फंसा है। उसके परिजन काफी चिंतित हैं और वह चाहते हैं कि किसी भी हालत में अंकित जल्द लौट आए। यूक्रेन में फंसे अंकित ने बातचीत करने पर देर शाम को बताया कि उसे यह जानकारी मिल रही है कि शनिवार को उसे बस से अब हंगरी सीमा तक ले जाया जाएगा और वहां से वह वतन लौटेगा। इसके लिए सभी कागजी प्रक्रिया पूरी हो गई है।
अंकित यूक्रेन में इवानो फ्रैंकिव्स्क मेडिकल यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहा है। अंकित के पिता अनिल शर्मा छत्तीसगढ़ में एक कंपनी में मैनेजर के रूप में कार्यरत हैं। छोटा बेटा उनके साथ रहता है। गांव में दादा-दादी व अन्य परिजन रहते हैं। यूक्रेन में युद्ध के बाद परिजन टीवी पर नजर लगाए बैठे हैं। पल-पल की जानकारी वीडियो कॉल के माध्यम से ले रहे हैं।
अंकित ने वार्ता के दौरान बताया कि उनको यह निर्देश दिए गए हैं कि जब भी तीन बार सायरन बजे तो सभी छात्र-छात्राएं बंकर की ओर दौड़ें। अंकित ने बताया कि रात में बिजली आपूर्ति बाधित करने का आदेश भी दिया गया है। उन्होंने बताया कि वह भारत सरकार के लगातार संपर्क में हैं। उसने यह भी बताया कि आसपास धमाकों की आवाज आ रही है। रूस ने उस हॉस्टल का एयरपोर्ट भी तबाह कर दिया है। जो हॉस्टल के निकट है। अंकित दादी-दादा का कहना है कि मोदी सरकार वहां फंसे सभी छात्र-छात्राओं को जल्द उनके घरों तक पहुंचाए। संवाद
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इगलास रोड स्थित गांव मूंगसा निवासी अंकित भी रूस और यूक्रेन में छिड़ी जंग के बाद यूक्रेन में फंसा है। उसके परिजन काफी चिंतित हैं और वह चाहते हैं कि किसी भी हालत में अंकित जल्द लौट आए। यूक्रेन में फंसे अंकित ने बातचीत करने पर देर शाम को बताया कि उसे यह जानकारी मिल रही है कि शनिवार को उसे बस से अब हंगरी सीमा तक ले जाया जाएगा और वहां से वह वतन लौटेगा। इसके लिए सभी कागजी प्रक्रिया पूरी हो गई है।
अंकित यूक्रेन में इवानो फ्रैंकिव्स्क मेडिकल यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहा है। अंकित के पिता अनिल शर्मा छत्तीसगढ़ में एक कंपनी में मैनेजर के रूप में कार्यरत हैं। छोटा बेटा उनके साथ रहता है। गांव में दादा-दादी व अन्य परिजन रहते हैं। यूक्रेन में युद्ध के बाद परिजन टीवी पर नजर लगाए बैठे हैं। पल-पल की जानकारी वीडियो कॉल के माध्यम से ले रहे हैं।
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अंकित ने वार्ता के दौरान बताया कि उनको यह निर्देश दिए गए हैं कि जब भी तीन बार सायरन बजे तो सभी छात्र-छात्राएं बंकर की ओर दौड़ें। अंकित ने बताया कि रात में बिजली आपूर्ति बाधित करने का आदेश भी दिया गया है। उन्होंने बताया कि वह भारत सरकार के लगातार संपर्क में हैं। उसने यह भी बताया कि आसपास धमाकों की आवाज आ रही है। रूस ने उस हॉस्टल का एयरपोर्ट भी तबाह कर दिया है। जो हॉस्टल के निकट है। अंकित दादी-दादा का कहना है कि मोदी सरकार वहां फंसे सभी छात्र-छात्राओं को जल्द उनके घरों तक पहुंचाए। संवाद
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